Tiffilo- एक अनूठी शुरुआत, जो सिर्फ स्वादिष्ट और पौष्टिक खाना मंगाने का ही नहीं बल्कि भेजने का भी एक जरिया

Tiffilo- एक अनूठी शुरुआत, जो सिर्फ स्वादिष्ट और पौष्टिक खाना मंगाने का ही नहीं बल्कि भेजने का भी एक जरिया

टिफ़िलो - अपने ग्राहकों को खाना तो पहुंचाते ही है साथ में हाउस वाइफ और बिज़नेस करने वालो को यह प्लेटफॉर्म उपलब्ध करता है।

जब सिर पर जूनून कुछ अलग करने का हो तो व्हाइट कॉलर जॉब बहुत दिन किसी को रोक नहीं सकती।ऐसी ही मिसाल पेश की है सूरज यदुवंशी ने। हॉस्टल में खाने की समस्या को हमेशा के लिए ख़त्म करने का तरीका अपनाया और बस वही से शुरुवात हुई TIFFILO.COM की।

''TIFFILO'' जैसा नाम वैसा काम - ''टिफ़िलो'' मतलब घर जैसा खाना अब आपके सहर में वह भी सस्ता, हाईजेनिक और सेनिटाइज तरीके से बनाया हुआ।

टिफ़िलो - अपने ग्राहकों को खाना तो पहुंचाते ही है साथ में हाउस वाइफ और बिज़नेस करने वालो को यह प्लेटफॉर्म उपलब्ध करता है।

कभी सोचा है आपने की अगर आपके हाथ की बनाई खीर को आप बेच सके या अन्य लोग को खिला कर उन्हें अपना परमानेंट ग्राहक बना सके तो सिर्फ आमदनी ही नहीं बल्कि आपकी ख्याति भी हर तरफ फैल जाएगी।

कुछ ऐसा ही 23 वर्षीय सूरज यदुवंशी ने कर डाला है। कुशीनगर के निवासी सूरज यदुवंशी ने अपनी पढ़ाई BBD से पूर्ण करने के उपरांत paytm में 1 वर्ष की सर्विस की। पर जब सिर पर जूनून कुछ अलग करने का हो तो यह सफ़ेद कॉलर की सर्विस कब तक उन्हे रोकती।

उन्होंने हॉस्टल में खाने की समस्या को हमेशा के लिए ख़त्म करने का तरीका अपनाया और बस वही से शुरुवात हुई TIFFILO.COM की।

और अब इसकी सफलता को देखते हुए हाल ही में एक और बड़े इन्वेस्टर श्री माघवेंद्र पोरवाल ने टिफ़िलो में debt funding से बड़ा निवेश करके TIFFILO.COM को शीघ्र ही ऑनलाइन डिलिवरी प्लेटफॉर्म बनाने का भी पूरा tech support व funding प्रदान की है।

Yoyocial.News से बात करते हुए सूरज ने बताया कि टिफ़िलो की स्थापना लखनऊ में उनके सह-संस्थापक शशांक चौहान और श्रेष्ठ मिश्रा के साथ उनके किराए के अपार्टमेंट में हुई थी।

सूरज कुमार ने बताया कि वह और उनके दोस्त शशांक चैहान नोएडा में एक मल्टी नेशनल कंपनी में अच्छी पोस्ट पर काम करते थे। दोंनो अपने घर, परिवार, शहर से दूर रहते थे। इसीलिए, खाने की मुश्किल थी।

सूरज के दोस्त श्रेष्ठ मिश्रा भी कोर टीम में शामिल हुए। अब यह वाराणसी, लखनऊ, पुणे, इलाहाबाद , मुंबई में मलाड और अलवर सहित कई प्रदेश में अपनी सेवाएँ दे रहे हैं।

सूरज कहते है, ‘‘हम लोग कभी होटल से खाना मॅगवाते थे। तो, कभी टिफिन सर्विस का सहारा लेते थे। लेकिन, टिफिन लगवाने में कई मुश्किले थी। सभी टिफिन सर्विस वाले महीने के हिसाब से टिफिन सर्विस देते थे। ऐसे में, अगर हम कुछ दिनों के लिए बाहर जाते थे, तब भी, हमें पूरे महीने के हिसाब से पैसे देने पड़ते थे।

अगर कोई टिफिन वाला अच्छा खाना दे भी देता, तो, उसमें Variety नही होती थी। इस वजह से थोड़े ही दिनों में बोरियत होने लगती थी। तब, मैंने और शशांक ने एक ऐसे Startup को शुरू करने के बारे में सोचा, जिससे इन सारी मुश्किलों को दूर किया जा सके।‘‘

सूरज कहते हैं, "उपयोगकर्ता कभी-कभी हर दिन एक ही तरह का भोजन करना पसंद नहीं करते हैं, इसलिए हमने उन्हें एक 'स्विच वेंडर' विकल्प प्रदान किया है जो उन्हें बीच-बीच में रसोइयों को बदलने की अनुमति देता है। हमारे पास उपयोगकर्ताओं के लिए ‘स्किप मील’ का विकल्प भी है, जब वे बाहर हैं, या टिफिन खाना पसंद नहीं करते हैं, तो वे इस विकल्प का चुनाव कर सकते हैं। यह न केवल उपयोगकर्ता को पैसे बचाने में मदद करेगा, बल्कि भोजन की बर्बादी से भी बचाएगा। वे सप्ताहांत के दौरान टिफिन भोजन न देने का विकल्प भी चुन सकते हैं।”

इंजीनयर की नौकरी छोड़कर Tiffin Startup काम शुरू करने के इस फैसले पर दोंनो को सोसाइटी के कई कमेंट झेलने पड़े। पर दोंनो सबकी परवाह किये बिना आगे बढ़े। दोंनो ने काफी रिसर्च की और फिर 2017 में 'Tiffilo' की शुरूआत हुई।

'Tiffilo' की शुरूआत लखनऊ से हुई। सूरज और शशांक ने सबसे पहले उन औरतो, Housewives को ढूंढा जो घर पर ही रहकर चार पैसे कमाना चाहती थी। यूॅ तो वे औरतें चाहे तो खुद अपनी टिफिन सर्विस शुरू कर सकती थी।

लेकिन इसके लिए उन्हें घर से बाहर निकलकर Customer ढूंढने पड़ेंगे। खाना डिलीवरी करने की जिम्मेदारी उठानी पड़ेंगी। और यह दोंनो ही काम उन औरतों के लिए मुश्किल है। उन औरतों की इन दोंनो मुश्किलों का जवाब 'Tiffilo' है। जो उनके लिए Customer ढूंढता है। और डिलीवरी की जिम्मेदारी भी उठाता है।

'Tiffilo' के दूसरी तरफ Customer है। वो Tiffilo को दूसरी टिफिन सर्विस से बेहतर समझते है। इसकी कई वजह है। 'Tiffilo' में खाना सीधे घर की किचन से Customers तक पहुॅचता है। इसीलिए healthy और tasty होता है।

दूसरी बात, 'Tiffilo' में कई वैराइटी में खाना उपलब्ध है। अगर आप एक किचन का खाना खाकर बोर हो गये है तो Tiffilo में उपलब्ध दूसरी किचन से खाना मॅगवा सकते है।

Tiffilo में जरूरी नही, आप महीने के हिसाब से सर्विस चुने। आप एक दिन, 7 दिन, 15 दिन के हिसाब से सर्विस चुन सकते है।

Tiffilo खाना डिलीवर करने का अलग से चार्ज नही लेता। Tiffilo में तीन Mobile App है। पहला App कस्टमर के लिए है। दूसरे App में वो औरतें है, जो खाना बनाती है। तीसरा App खाना डिलीवर करने वालों के लिए है।

सोचा जाए, तो Tiffilo दो तरीकों से हमारी Society की मदद कर रहा है। पहली बात, वो घर से दूर रह रहे लोगों को Healthy खाना देता है। और अगर देश Healthy होगा तभी तो आगे बढ़ेगा।

और एक बात, Tiffilo औरतों को अपने पैरों पर खड़े होने का मौका दे रहा है। फिलहाल Tiffilo लखनऊ, वाराणसी, अलवर, वगैरह में अपनी सर्विस दे रहा है। Tiffilo सिर्फ B2B ही नही, B2C सर्विस भी देता है।

लखनऊ आधारित स्टार्टअप ने तीन मोबाइल एप्लिकेशन विकसित किए हैं - मुख्य एप्लिकेशन जो ग्राहक को उनके टिफिन बॉक्स उपलब्ध कराने में मदद करता है, एक विक्रेता ऐप जो महिलाओं को रसोइयों के रूप में भर्ती करने में मदद करता है, और एक डिलीवरी सेवा ऐप जो लोगों को डिलीवरी पार्टनर के रूप में जुड़ने में मदद करता है।

इसलिए ‘टिफ़िलो फॉर ऑफिस’ नाम की एक बी 2 बी सेवा भी प्रदान करता है, जहां इसने कार्यालय कैंटीनों में भोजन प्रदान करने के लिए IILM college, ट्रीबो होटल, इंडिज़ेल और माय इको एनर्जी जैसे संगठनों के साथ गठजोड़ किया है।

Tiffilo की तेजी से बढ़ती कामायाबी का ही नतीजा है कि Tiffilo को जल्दी ही गुड़गाॅव, मुम्बई, बंगलौर जैसे बड़े शहरों में शुरू किया जाएगा।

Keep up with what Is Happening!

Related Stories

Best hindi news platform for youth
www.yoyocial.news