असम में कोविड की स्थिति में सुधार के बाद प्रतिबंधों में दी गई ढील

स्वास्थ्य मंत्री केशब महंत ने कहा कि एएसडीएमए ने स्वास्थ्य और शिक्षा विभागों के परामर्श से सभी कार्य स्थलों - सरकारी और निजी कार्यालयों में कामकाज की अनुमति रात 8 बजे से पहले तक सामान्य घंटों के अनुसार दी है।
असम में कोविड की स्थिति में सुधार के बाद प्रतिबंधों में दी गई ढील

असम में कोविड की स्थिति में सुधार के साथ, राज्य सरकार ने बुधवार को दूसरी लहर की शुरूआत में लागू किए गए प्रतिबंधों में ढील दी। असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एएसडीएमए) ने नाइट कर्फ्यू की अवधि कम कर दी है और छात्रों के कुछ समूह को 6 सितंबर से शारीरिक कक्षाओं में भाग लेने की अनुमति दी है।

स्वास्थ्य मंत्री केशब महंत ने कहा कि एएसडीएमए ने स्वास्थ्य और शिक्षा विभागों के परामर्श से सभी कार्य स्थलों - सरकारी और निजी कार्यालयों में कामकाज की अनुमति रात 8 बजे से पहले तक सामान्य घंटों के अनुसार दी है।

मंत्री ने मीडिया से कहा कि रात आठ बजे के बजाय नाइट कर्फ्यू अब रात 9 बजे से सुबह 5 बजे तक लागू किया जाएगा।

एएसडीएमए के ताजा आदेशों के अनुसार, स्नातकोत्तर, स्नातक, उच्चतर माध्यमिक, नसिर्ंग और अन्य तकनीकी पाठ्यक्रमों के अंतिम वर्ष और अंतिम सेमेस्टर के छात्रों को 6 सितंबर से शारीरिक कक्षाओं में भाग लेने की अनुमति दी जाएगी। बशर्ते उन्हें कोविड वैक्सीन की कम से कम एक खुराक प्राप्त करनी होगी।

महंत ने कहा कि शारीरिक कक्षाएं शुरू होने से पहले राज्य भर में छात्रों, शिक्षकों और कर्मचारियों के लिए 3 दिवसीय टीकाकरण अभियान चलाया जाएगा।

उन्होंने कहा कि राज्य भर में सभी व्यावसायिक और वाणिज्यिक प्रतिष्ठान, होटल, रेस्तरां, रिसॉर्ट, बिक्री काउंटर, शोरूम, कोल्ड स्टोरेज और गोदाम, किराने का सामान और अन्य दुकानें, फल और सब्जियां, डेयरी उत्पाद और चारा स्टोर रात 8 बजे तक खोलने की अनुमति होगी।

हालांकि, सिनेमा हॉल और थिएटर बंद रहेंगे। मास्क पहनने वाले व्यक्तियों और जिन्होंने टीके की कम से कम एक खुराक ली है उनको बाइक राइडिंग की अनुमति दी जाएगी। 100 प्रतिशत बैठने की क्षमता वाले अंतर-जिला सार्वजनिक परिवहन की अनुमति उन लोगों के लिए है जिनके पास वैक्सीन की कम से कम एक खुराक है, लेकिन कोई यात्री खड़े होकर यात्रा नहीं करेगा।

असम में कोविड -19 आंकड़ा बुधवार रात 5,89,999 था, जिसमें 97.89 प्रतिशत रिकवरी दर और सकारात्मकता दर 0.72 प्रतिशत थी।

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