राजस्थान में रेमडेसिविर इंजेक्शन की कालाबाजारी के आरोप में 6 गिरफ्तार

राजस्थान में रेमडेसिविर इंजेक्शन की कालाबाजारी के आरोप में 6 गिरफ्तार

देश में कोरोनावायरस के इलाज में काम आने वाले इंजेक्शन रेमडेसिविर की जमाखोरी और कालाबाजारी की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं। अब राजस्थान में इसकी कालाबाजारी का एक नया मामला सामने आया है।

देश में कोरोनावायरस के इलाज में काम आने वाले इंजेक्शन रेमडेसिविर की जमाखोरी और कालाबाजारी की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं। अब राजस्थान में इसकी कालाबाजारी का एक नया मामला सामने आया है। राजस्थान में विभिन्न 48 स्थानों पर छापेमारी के दौरान एक मेडिकल स्टोर संचालक सहित छह आरोपियों को इंजेक्शन की कालाबाजारी के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। बुधवार को पुलिस ने यह जानकारी दी।

बता दें कि कोविड-19 की दूसरी लहर के दौरान इस इंजेक्शन की काफी मांग है और देश के कई हिस्सों में इसकी जमाखोरी और कालाबाजारी के मामले सामने आ रहे हैं।

पुलिस उपायुक्त अजयपाल लांबा और डीसीपी, अपराध, दिगंत आनंद के अनुसार, पुलिस ने 48 स्थानों पर छापा मारा था। अधिकारियों ने कहा, जब टीम समर्थ मेडिकल स्टोर पहुंची और इंजेक्शन मांगा, तो मालिक जयप्रकाश वर्मा ने कहा कि एक इंजेक्शन की कीमत 15,000 रुपये होगी। दलवीर सिंह ने दो इंजेक्शन वर्मा को दिए थे।

पुलिस ने वर्मा और सिंह दोनों को हिरासत में ले लिया और उनसे पूछताछ की जा रही है। उन्होंने इस मामले में विकास मित्तल का नाम लिया, जिसे गिरफ्तार कर लिया गया। इसके बाद मित्तल ने बसंत जांगिड़ का नाम लिया, जिसने उन्हें इंजेक्शन उपलब्ध कराने के लिए विक्रम गुर्जर और शंकर माली का नाम लिया।

अतिरिक्त डीसीपी सुलेश चौधरी ने कहा कि पूछताछ करने पर यह पता चला है कि गुर्जर और शंकर माली ने गुरुग्राम से 725 इंजेक्शन खरीदे थे और उन्हें एजेंटों के माध्यम से जयपुर में अत्यधिक कीमतों पर बेचा जा रहा था।

मामले में आगे की जांच जारी है।

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