फाइजर और बायोनटेक वैक्सीन के उपयोग से शुरू हुआ 12 साल से कम उम्र के बच्चों पर वैक्सीन ट्रायल

फाइजर और बायोनटेक वैक्सीन के उपयोग से शुरू हुआ 12 साल से कम उम्र के बच्चों पर वैक्सीन ट्रायल

मॉडर्ना इंक ने भी पिछले हफ्ते ऐसी एक ट्रायल लॉन्च की है, वह एक बाल चिकित्सा परीक्षण हैं जिसमें 6 महीने तक के बच्चे भी शामिल होंगे। वर्तमान में केवल Pfizer/BioNTech वैक्सीन का उपयोग संयुक्त राज्य अमेरिका में 16- और 17 साल के बच्चों में किया जा रहा है।

मॉडर्ना इंक ने भी पिछले हफ्ते ऐसी एक ट्रायल लॉन्च की है, वह एक बाल चिकित्सा परीक्षण हैं जिसमें 6 महीने तक के बच्चे भी शामिल होंगे।

वर्तमान में केवल Pfizer / BioNTech वैक्सीन का उपयोग संयुक्त राज्य अमेरिका में 16- और 17 साल के बच्चों में किया जा रहा है। मॉडर्ना का शॉट 18 साल और उससे अधिक उम्र के लोगों को दिया जा रहा है, बता दें कि छोटे बच्चों के लिए अभी तक कोई COVID-19 वैक्सीन अधिकृत नहीं की गई है।

फाइजर और बायोनटेक एसई की योजना है कि बाद में ये इस ट्रायल को एक्सपेंड करेंगे जिसमें वे युवा लोगों में एंटीबॉडी के स्तर को मापकर, वैक्सीन द्वारा उत्पन्न सुरक्षा, सहनशीलता और प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया का परीक्षण करेंगे। कैस्टिलो ने कहा कि कंपनियों को 2021 की दूसरी छमाही में परीक्षण से डेटा मिलने की उम्मीद है।

फाइजर 12 से 15 साल की उम्र के बच्चों में वैक्सीन का परीक्षण कर रहा है। कंपनी को उम्मीद है कि आने वाले हफ्तों में उस परीक्षण से डेटा प्राप्त होगा।वैक्सीन बनाने वाली अमेरिकी कंपनी फाइजर इंक और बायोनटेक एसई 12 साल से कम उम्र के बच्चों पर कोरोना वैक्सीन का परीक्षण शुरू कर चुकी हैं।

कंपनियों को उम्मीद है की 2022 तक टीकाकरण की उम्र को एक्सपेंड कर दिया जाएगा। फाइजर के प्रवक्ता शेरोन कैस्टिलो ने कहा कि शुरुआती चरण के परीक्षण में पहले वॉलिन्टियर को बुधवार को अपना पहला इंजेक्शन दिया गया था।

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