मारना-पीटना ही नहीं है समस्या का समाधान, बच्चों को इन 5 तरीकों से भी दे सकते है सज़ा

पेरेंट्स के लिए अपने बच्चों को सही-गलत सिखाने के अलग-अलग तरीके होते हैं। कोई डांट कर, तो कोई प्यार से बच्चों को सही चीजें सिखाता है। बच्चे को अनुशासन में रखने के लिए कभी-कभी सज़ा देना या उन्हें उनकी गलती का एहसास कराना जरूरी होता है।
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बच्चे मासूम होते हैं और उनका दिल बहुत कोमल होता है। ऐसे में बच्चों को डांटना या मारना बिल्कुल उचित नहीं है। हालांकि, उनकी गलतियों को इग्नोर करना भी सही नहीं है। ऐसे में यहां दिए गए कुछ क्रिएटिव पनिशमेंट आईडियाज पेरेंट्स के काम आ सकते हैं।

इन्हें आजमाकर पेरेंट्स बच्चों को उनकी गलती समझा सकते हैं। तो बच्चों को सज़ा देने के सही तरीके कुछ इस प्रकार हैं :

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डिनर सर्व करने को कहें :

कभी-कभी बच्चे खाने के टाइम पर शैतानियां करने लगते हैं। ऐसे में पेरेंट्स को गुस्सा आना लाजमी है। इस दौरान बच्चों को डांटने की बजाय उन्हें व्यस्त रखने के लिए अपनी व अन्य लोगों की प्लेट टेबल पर खुद लगाने को कह सकते हैं। साथ ही उन्हें डिनर सर्व करने के लिए कह सकते हैं।

ध्यान रहे डिनर सर्व करते वक्त पेरेंट्स भी उनके साथ रहें, ताकि वो खाना गलती से गिराए नहीं। साथ ही ज्यादा गर्म खाना बच्चे को सर्व करने न दें। इससे बच्चे का न सिर्फ दिमाग व्यस्त रहेगा, बल्कि वे घर के काम में भागीदारी करना भी समझेंगें और उनके लिए ये मजेदार भी होगा। साथ ही पूरे परिवार को एक साथ टाइम बिताने का मौका भी मिलेगा।

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एक्सरसाइज :

अगर बच्चे को एक्सरसाइज करना न पसंद हो, तो यह एक लाभकारी पनिशमेंट हो सकती हैं। बच्चों को पनिशमेंट के तौर पर पेरेंट्स उन्हें हल्के-फुल्के एक्सरसाइज करने के लिए कह सकते हैं।

स्किपिंग करना हो, साइकल चलाना हो, सीट अप्स मारना हो या घर की सीढ़ी चढ़ना हो, ये काफी आसान व्यायाम हैं। इससे उनका ध्यान शैतानियों से भटकेगा, साथ ये ही उनके हेल्थ के लिए भी बेहतर रहेगा। शारीरिक गतिविधि करने से उन्हें सेहतमंद रहने में भी मदद मिलेगी ।

टाइमर :

कई बार बच्चों की आदत होती है कि वे बातों को सुनकर भी अनसुना कर देते हैं। बार-बार कहने के बावजूद वे कहे गए काम को टालते हैं। ऐसे में सज़ा के तौर पर आप उस काम को करने के लिए टाइमर लगा सकते हैं। उन्हें एक निर्धारित वक्त के अंदर उस काम को करने के लिए कह सकते हैं।

साथ ही उस दौरान उनकी मनपसंद चीजों पर रोक लगा सकते हैं। उदाहरण के तौर पर, अगर खाते वक्त उनका ध्यान खाने पर कम और टीवी व मोबाइल में अधिक है तो उस दौरान टीवी बंद कर दें और खाना खत्म करने के बाद ही टीवी या फोन देखने की परमिशन दें। इससे बच्चों में बुरी आदतों पर रोक लग सकती हैं।

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पनिशमेंट जार :

जब आपके बच्चे का मूड अच्छा हो, तो उस दौरान आप बच्चों से आराम से बात करते हुए, ये पूछें कि अगर कभी उन्होंने या किसी और ने कोई गलती की, तो उन्हें किस प्रकार की सज़ा दी जानी चाहिए। उनके मुताबिक छोटे-छोटे पेपर चिट में उनसे सजा लिखवा सकते हैं।

इस दौरान कुछ पर्चियों को खाली भी जार में रख सकते हैं। फिर जब कभी बच्चे गलती करें तो उनसे उसी जार से एक चिट निकलवाएं और पर्ची पर लिखी हुई सजा उन्हें दें। अगर कभी पर्ची खाली निकली तो आप उनकी उस गलती के लिए माफ करते हुए उन्हें उनकी गलती का एहसास कराएं और सही-गलत में फर्क समझाएं।

क्लीनिंग :

बच्चों को पनिश करने के लिए आप उनसे क्लीनिंग करवा सकते हैं। अगर बच्चे क्लीनिंग करने में आनाकानी करें तो आप उनकी कोई फेवरेट चीज को छुपा सकते हैं। आप बच्चों से यह कह सकते हैं कि उनका फेवरेट सामान कहीं खो गया है और उसे ढूंढने के लिए उन्हें अपने कमरे में बिखरी हुईं चीजों को उनकी जगह पर रखना होगा।

इसके अलावा, आप उन्हें उनका स्टडी टेबल, उनका बैग भी साफ करने को कह सकते हैं। ऐसा करने से वो न सिर्फ साफ-सफाई के बारे में जानेंगे, बल्कि आत्मनिर्भर बनने के साथ-साथ अपनी चीजों की अहमियत भी जानेंगे।

पनिशमेंट चेयर :

घर के किसी कोने में आप बच्चे के लिए एक चेयर टेबल या बैठने की कोई चीज रख दें। जब बच्चा गलती करे तो आप उसे सजा के तौर पर कुछ मिनट के लिए उस पनिशमेंट चेयर पर चुपचाप बैठने के लिए कह सकते हैं। इस दौरान आप बच्चों से पढ़ाई, ड्रॉइंग या कोई पज़ल भी सॉल्व करवा सकते हैं।

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