Parenting Tips: बेटियों को बचपन से सिखाएं ये जरूरी बातें, हमेशा रहेंगी ‘सेल्फ डिपेंडेंट'

आज लड़कियां लड़कों से पीछे नहीं है, अब हमारी संस्कृति में भी वो जमाना पीछे जा चुका है जहां लड़कियों को घर पर ही सीमित करके रखा जाता था। लेकिन अब समय बदल रहा है, डॉक्टर-इंजीनियर हो या पायलट हर जगह पर लड़कियों ने अपना जलवा दिखाया है।
Parenting Tips: बेटियों को बचपन से सिखाएं ये जरूरी बातें, हमेशा रहेंगी ‘सेल्फ डिपेंडेंट'

आज लड़कियां लड़कों से पीछे नहीं है, अब हमारी संस्कृति में भी वो जमाना पीछे जा चुका है जहां लड़कियों को घर पर ही सीमित करके रखा जाता था। लेकिन अब समय बदल रहा है, डॉक्टर-इंजीनियर हो या पायलट हर जगह पर लड़कियों ने अपना जलवा दिखाया है। लेकिन एक लड़की को अपने मुकाम तक पहुंचने के लिए सबसे पहले अपने पेरेंट्स का सपोर्ट जरूरी होता है।

जब उसके पेरेंट्स उसे आगे बढ़ना और अपने हक के लिए लड़ना सिखाते हैं, तब वे आगे कुछ कर गुजरने की सोच रखना शुरू करती हैं। अगर आप भी चाहते हैं कि आपकी लाडली जमाने के साथ कदम से कदम मिलाकर चले और फ्यूचर में उसे अपनी इच्छाएं पूरी करने के लिए किसी की तरफ देखना ना पड़े तो उसे बचपन से ही कुछ खास बातें सिखाना बहुत जरूरी है। इस लेख में हम आपको कुछ ऐसी ही बातें बताने वाले हैं, जिन्हें आप अपनी बेटी को सिखाकर उसे स्टैंड लेने के काबिल बना सकते हैं।

चलिए जानते हैं उन 5 खास बातों के बारे में, जिन्हें हर छोटी लड़की को सिखाना जरूरी है -

अपनी देखभाल खुद करना :-

यह माता-पिता द्वारा अपने बच्चे को दिया गया सबसे पहला ज्ञान होना चाहिए, खासतौर पर एक लड़की के लिए। जब आपकी बेटी खुद की देखभाल करना सीख गई है, तो समझ लीजिए उसे इस दुनिया को कोई ताकत आगे बढ़ने से नहीं रोक सकती। बस सबसे पहले आपको यही सिखाना है, कि उसे खुद ही अपनी देखभाल करनी चाहिए और कैसे करनी चाहिए।

अपने फैसले खुद लेना :-

क्या आप चाहते हैं कि आपकी बेटी की लाइफ को कोई और कंट्रोल करे? इस दुनिया में कोई भी ऐसा माता पिता नहीं होगा, जो ऐसा सोचेगा उसकी बेटी की जिंदगी के फैसले कोई और ले। इसलिए आप भी बचपन से ही अपनी बेटी को यह सिखाना शुरू कर दें कि उसे अपनी लाइफ के फैसले खुद ही लेने है और यह हर उसके किसी को नहीं देना है।

सोच-समझ कर ही बढ़ाए कदम :-

अगर आप अपनी बेटी को अपने फैसले खुद लेना सिखा रहे हैं, तो आपको इस बात का ध्यान भी रखना है कि वह अपने फैसले सही ले रही है या गलत। इसलिए उसे टाइम की वैल्यू जरूर समझाएं और बताएं कि जो समय बीत गया वह वापस नहीं आएगा। इसलिए जब भी वह अपने जीवन का कोई महत्वपूर्ण फैसला ले, तो उस बारे में अच्छे से सोच व समझ लें।

अपने हक के लिए लड़ना :-

पहले लड़कियों के लिए भेदभाव किया जाता था, उन्हें घर पर रखने को कोशिश की जाती थी और पढ़ाई से भी वंचित रखा जाता था। लेकिन अब कोई नहीं चाहेगा कि उसकी बेटी के साथ ऐसा हो और इसलिए उन्हें बचपन से ही अपने हक के लिए लड़ना सिखाना जरूरी है। आप अपनी बेटी को यह जरूर सिखाएं कि अपने हक के लिए हमेशा लड़ना चाहिए और किसी दूसरे का हक नहीं छीनना चाहिए।

आजादी पर है उनका पूरा हक :-

अगर आपका लड़का बाहर घूम रहा है और जहां मर्जी जा रहा है, तो आपकी लड़की को भी बराबर हक होना चाहिए। जब तक लड़की बाहर नहीं निकलेगी उसे ये दुनिया समझ ही नहीं आएगी। इसलिए आप अपनी बेटी को सिखाएं कि वो भी अपने जीवन में पूरी तरह से आजाद है और लड़के की तरह ही घूम-फिर सकती है।

Keep up with what Is Happening!

Related Stories

No stories found.
Best hindi news platform for youth. हिंदी ख़बरों की सबसे तेज़ वेब्साईट
www.yoyocial.news