घूमने के लिए बेस्ट हैं नार्थ ईस्ट इंडिया के ये खूबसूरत जगहें, आप भी कर सकते हैं यहां घूमने की प्लानिंग

घूमने के लिए बेस्ट हैं नार्थ ईस्ट इंडिया के ये खूबसूरत जगहें, आप भी कर सकते हैं यहां घूमने की प्लानिंग

जनवरी के समय में नॉर्थ ईस्ट इंडिया वास्तव में बेहद खूबसूरत हो जाता है। यहां घूमने की जगहें बार-बार होने वाली बारिश के साथ ठंडी हो जाती हैं जिससे यहां की खूबसूरती और ज्यादा बढ़ जाती है।

जनवरी के समय में नॉर्थ ईस्ट इंडिया वास्तव में बेहद खूबसूरत हो जाता है। यहां घूमने की जगहें बार-बार होने वाली बारिश के साथ ठंडी हो जाती हैं जिससे यहां की खूबसूरती और ज्यादा बढ़ जाती है। यहां की जीरो वैली वास्तव में जनवरी के दौरान उत्तर पूर्व भारत में घूमने के लिए सबसे अच्छी जगहों में से एक है।

झरने और बर्फ से ढके पहाड़ों के साथ नार्थ ईस्ट इंडिया सर्दियों के मौसम में अपनी अलग खूबसूरती बयां करता हुआ दिखाई देता है। किसी भी जगह की यात्रा करने के लिए कोरोना की गाइडलाइन्स को फॉलो करना न भूलें।

आइए जानें नॉर्थ ईस्ट इंडिया की खूबसूरत 6 जगहों के बारे में जिन्हें आपको जनवरी के महीने में जरूर घूमना चाहिए।

शिलॉन्ग :-

बादलों का एक बसेरा, शहर के चारों ओर लुढ़कने वाली पहाड़ियाँ और भारत के सबसे छोटे राज्यों में से एक मेघालय का ये खूबसूरत सा हिल स्टेशन शिलॉन्ग । घर की दीवारों पर सजने वाली शिलांग की खूबसूरत पेंटिंग्स का जीवंत मज़ा लेने के लिए सबसे बेहतर समय जनवरी का ही है।

यहां की ऊंची घाटियां और पहाड़ियां,ऊंचे देवदार के पेड़ झूमते और नाचते हुए दिखाई देते हैं और बादलों को एक पहाड़ी के हाशिये पर एक जगह मिल जाती है जो करामाती नीले आकाश को उजागर करती है। अपने खूबसूरत पलों की यादों को कैमरे में समेटने और उसका वास्तविक कोलाज घर की दीवारों पर सजाने के लिए इससे बेहतर स्थान भला क्या हो सकता है।

शिलॉन्ग (शिलॉन्ग के Weekend Getaways) राज्य, मेघालय की राजधानी होने के साथ पुराने आकर्षण और ताजे सार का एक आदर्श मिश्रण है, एकांत का आनंद यहां के कई स्थानों पर गिरता है, खूबसूरत पार्क, ऊंची चोटियां, परिदृश्य और संग्रहालय यहां की खूबसूरती को और ज्यादा निखारते हैं ।

काज़ीरंगा नेशनल पार्क :-

यह राष्ट्रीय उद्यान, एक गंतव्य है जो आपको अपनी दैनिक जीवनशैली से बाहर लाता है और कई जंगली जानवरों जैसे राइनो, हाथियों, बाघों के साथ एक शानदार बैठक की व्यवस्था करता है।

यहां के जंगल की खूबसूरती का अनुभव आप जीप या एलीफैंट सफारी के साथ ले सकते हैं। यहां झीलों की बहुतायत स्पष्ट रूप से दिखाई देती है और यहां आप हिरन, गौर, सांभर, हॉग हिरन को नज़दीक से देखने का आनंद ले सकते हैं।

नागांव और गोलाघाट जिलों में गुवाहाटी से 200 किमी की दूरी पर बसे इस नेशनल पार्क (काजीरंगा महिलाओं के लिए है सेफ डेस्टिनेशन ) में आप सड़क और रेल द्वारा आसानी से पहुंच सकते हैं। जो लोग फ्लाइट से जाना चाहते हैं वो गुवाहाटी एयर पोर्ट के लिए फ्लाइट ले सकते हैं। यह जगह असम ही नहीं पूरे नार्थ ईस्ट में घूमने के लिए सबसे प्रमुख स्थानों में से एक है।

गुवाहाटी :-

भारत के पूर्वोत्तर का प्रवेश द्वार और क्षेत्र का सबसे बड़ा और सबसे महानगरीय शहर, गुवाहाटी सर्दियों में विशेष खूबसूरती का अनुभव कराता है। इस खूबसूरत शहर में दिलचस्प मंदिरों का एक बिखराव है।

गुवाहाटी ब्रह्मपुत्र नदी के दक्षिणी तट पर स्थित है और असम और पूर्वोत्तर का सबसे बड़ा शहर है। इस स्थान में कई प्राचीन मंदिर हैं और इसे पूर्वोत्तर भारत में 'मंदिरों का शहर' भी कहा जाता है।

अगर आप खाने के शौक़ीन हैं तो यहां के बेहद लजीज़ व्यंजन आपको अपनी और खींचने के लिए काफी हैं। सर्दियों के मौसम में ये जगह अपनी खूबसूरती के उफान पर होती है इसलिए आपको कम से कम एक बार इस खूबसूरत जगह का अनुभव जरूर लेना चाहिए।

चेरापूंजी :-

चेरापूंजी हिमालय के किनारे पर बड़े करीने से शोभायमान है, जो बांग्लादेश के निचले निचले मैदानों को छूता है। इस आकर्षक गाँव को धरती पर सबसे ज्यादा बारिश वाले क्षेत्रों में से एक माना जाता है।

यहाँ आप एक फोटोजेनिक वी के आकार की घाटी देखने को पाएंगे जो पठार में गहराई से जाती है। इसके नजदीक ही नोहकालीकाई झरना है, जिसे पर्यटक दूर-दूर से देखने जाते हैं। चेरापूंजी बांगलादेश सीमा से काफी करीब है, इसलिए यहां से बांगलादेश को भी देखा जा सकता है।

डबल डेकर लिविंग रूट ब्रिज चेरापूंजी के बेहद निकट स्थित है। इसलिए इस ब्रिज की खूबसूरती देखने के लिए भी आप चेरापूंजी की यात्रा की योजना बना सकते हैं।

जीरो वैली :-

अरुणाचल प्रदेश में जीरो वैली, एक सुरम्य स्वर्ग के समान खूबसूरत जगहों में से एक है जो लंबे समय से विश्व विरासत स्थल के रूप में एक पसंदीदा शहर रहा है। जीरो वैली अपातानी जनजाति का घर है और ये घाटी हरे भरे धान के खेतों से भरी रहती है।

हरी घास के मैदानों की वजह से ये खूबसूरत स्थान आउटडोर कैम्पिंग का आनंद लेने के लिए एक आदर्श स्थान है, विशेष रूप से जीरो पुतो नामक पहाड़ी में आप हरियाली के बीच कैंपिंग का भरपूर मज़ा उठा सकते हैं।

अधिकांश लोग अपने दर्शनीय स्थानों के लिए जीरो की यात्रा करते हैं, लेकिन घाटी में कई प्रमुख आकर्षण भी हैं जैसे कि टैली वैली वाइल्डलाइफ सैंक्चुअरी, हापोली- शहर की सभी गतिविधियों का केंद्र है और सिद्धेश्वरनाथ मंदिर में एक प्राकृतिक शिव लिंग मौजूद है जो यहां के मुख्य आकर्षणों में से एक है।

सिलीगुड़ी :-

हिमालय पर्वतमाला की तलहटी में एक विचित्र शहर, सिलीगुड़ी शहरी संस्कृति और प्राकृतिक सुंदरता का एक खूबसूरत संयोजन है। सुरम्य शहर प्रकृति की खूबसूरती को दिखाता है। अपनी समृद्ध वन्यजीव आबादी के कारण, सिलीगुड़ी में पर्यटन अपनी वन्यजीव सफारी सुविधाओं का पर्याय है।

तीस्ता और महानंदा के तट के बीच फैला विशाल महानंदा वन्यजीव अभयारण्य, जानवरों और पक्षियों की कई प्रजातियों का घर है और अपने मेहमानों को ट्रेकिंग और बर्ड वॉचिंग के लिए पर्याप्त अवसर भी प्रदान करता है।

अभयारण्य में उत्तर बंगाल वाइल्ड एनिमल पार्क भी है, जहां पर्यटक जानवरों को खेलते देखना और उनकी प्राकृतिक बस्तियों में जाने के लिए जीप की सवारी का लाभ उठा सकते हैं। सिलीगुड़ी में एक प्रमुख पर्यटक आकर्षण सालुगरा मठ है, जो तिब्बती बौद्ध भिक्षुओं द्वारा निर्मित 100 फीट के स्तूप के लिए प्रसिद्ध है।

वास्तव में पूरा नार्थ ईस्ट सर्दियों में खासतौर पर जनवरी के महीने में अपनी खूबसूरती के उफान पर होता है। इसलिए अपनी ज़िन्दगी के कुछ खूबसूरत पलों को कैमरे में समेटने के लिए आपको यहां घूमने जरूर जाना चाहिए।

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