लॉकडाउन में नौकरी गंवाने वालों को राहत देती 'अटल बीमित व्यक्ति कल्याण योजना'
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लॉकडाउन में नौकरी गंवाने वालों को राहत देती 'अटल बीमित व्यक्ति कल्याण योजना'

लॉकडाउन के दौरान यदि ऐसे रजिस्टर्ड कर्मचारियों की नौकरी चली गई थी तो वे बेरोजगारी राहत के रूप में तीन महीने तक अपने वेतन की 50 प्रतिशत राशि का दावा कर सकते हैं।

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अटल बीमित व्यक्ति कल्याण योजना के अंतर्गत यदि किसी बीमाकृत व्यक्ति की नौकरी छूट जाती है तो उसे आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। यह आर्थिक सहायता पहले वेतन की 25% थी। जिसे बढ़ाकर वेतन की 50% कर दिया गया है। पहले आर्थिक सहायता नौकरी छूट जाने के 90 दिन में प्रदान की जाती थी। जो कि अब घटाकर 30 दिन कर दिया गया है। और पहले यह राशि पुराने नियोक्ता के पास आती थी और नियोक्ता से कर्मचारी के पास जाती थी। अब इएसआईसी के द्वारा यह राशि डायरेक्ट लाभार्थी के अकाउंट में ट्रांसफर की जाएगी। यह सभी बदलाव भारत में कोरोना वायरस के संक्रमण को देखते हुए किए गए हैं। जिसकी वजह से काफी सारे लोगों की नौकरी चली गई है और वह आर्थिक तंगी का सामना कर रहे हैं।

Atal Beemit Vyakti Kalyan Yojana: केंद्र सरकार कोरोना लॉकडाउन के दौरान नौकरी गंवाने वाले कर्मचारियों के लिए एक स्कीम लेकर आ रही है। अटल बीमित व्यक्ति कल्याण योजना (ABVKY) के तहत एम्पलॉइज स्टेट इंश्योरेंस कॉर्पोरेशन (ESIC) से रजिस्टर्ड कर्मचारियों को इस स्कीम का लाभ मिलेगा। लॉकडाउन के दौरान यदि ऐसे रजिस्टर्ड कर्मचारियों की नौकरी चली गई थी तो वे बेरोजगारी राहत के रूप में तीन महीने तक अपने वेतन की 50 प्रतिशत राशि का दावा कर सकते हैं।

इस स्कीम का फायदा उन कर्मचारियों को भी मिलेगा, जिन्हें बाद में नौकरी मिल गई है। ESIC ने इसके लिए 44 हजार करोड़ रुपए का प्रावधान किया है और इसकी अधिसूचना आज जारी होगी।

इस योजना का लाभ उठाने के लिए प्रत्यक्ष रूप से उपस्थित होकर दस्तावेज जमा करने होंगे, क्योंकि लाभार्थी आधार कार्ड से जुड़े नहीं हैं। दिसंबर महीने तक नौकरी गंवाने वाले कर्मचारी भी इस योजना का लाभ उठा सकते हैं।

श्रम मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार, इस योजना के तहत रोजाना 400 क्लेम आ रहे हैं। ESIC और श्रम मंत्रालय ने पिछले महीने इसका दायरा बढ़ाने का फैसला करते हुए बेरोजगारी राहत को 25 प्रतिशत से बढ़ाकर 50 प्रतिशत कर दिया था। कोरोना महामारी काल के दौरान नौकरी गंवाने वाले बीमित कर्मचारियों को राहत प्रदान करते हुए शर्तों में भी छूट प्रदान की थी।

इस योजना का मुख्य उद्देश्य संगठित क्षेत्रों के उन लोगों को आर्थिक सहायता प्रदान करना है जो किसी कारण से बेरोजगार हो गए हैं। इस योजना के माध्यम से बेरोजगार हुए कर्मचारियों की आर्थिक स्थिति में सुधार आएगा। और वह अपनी योग्यता के अनुसार नौकरी ढूंढ पाएंगे। इसी के साथ में बेरोजगारी की स्थिति में वह अपने परिवार का आर्थिक रूप से समर्थन कर पाएंगे।

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