भारतीय लड़कियां Apple के साथ तेजी से सीख रहीं कोडिंग
मैक्रो विजन एकेडमी

भारतीय लड़कियां Apple के साथ तेजी से सीख रहीं कोडिंग

Apple के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) टिम कुक हमेशा कोडिंग सीखने की शुरुआत जल्दी करने की बात करते हैं।

जिस उम्र में बच्चे कहानियां सुनने में व्यस्त रहते हैं, उस उम्र में आशिता मध्यप्रदेश के बुरहानपुर में एप्पल के विशेष स्कूल मैक्रो विजन एकेडमी में स्विफ्ट कोडिंग लैंग्वेज सीख रही है।

स्विफ्ट एक मजबूत और आसान प्रोग्रामिंग लैंग्वेज है जो कि एप्पल द्वारा बनाई गई है और आईओएस, मैक, एप्पल टीवी, एप्पल वॉच के लिए एप बनाने में उपयोग होती है। यह उपयोग में बहुत आसान है, लिहाजा कोई भी किसी आइडिया के साथ शानदार एप बना सकता है।

आशिता कहती है, "आईपैड पर सीखना बहुत मजेदार है। ऐसा केवल मनोरंजन के लिए नहीं है, बल्कि सीखने के लिए भी है। मैं एक दिन एप्पल एप स्टोर के लिए एप जरूर बनाऊंगी।"

इस एकेडमी में आशिता ही नहीं, बल्कि कई लड़कियां यह लैंग्वेज सीखकर अपने सपनों को उड़ान देने की तैयारी में हैं।

सातवीं में पढ़ने वाली अश्वती मिश्रा और नौवीं की अदिति बांगड़ भी कोडिंग सीख रही हैं और इस बात से खुश हैं कि केवल डेवलेपर्स ही स्विफ्ट की क्षमता का इस्तेमाल नहीं कर रहे हैं, बल्कि यहां हर कोई कोडिंग कर सकता है।

ओबेराय इंटरनेशनल स्कूल की एप्पल की विशेष शिक्षिका जलपा सेठ के मुताबिक कोडिंग सीखने के लिए स्विफ्ट लैंग्वेज एक शानदार तरीका है।

वह कहती है कि इसे छात्रों की प्रोग्रामिंग लैंग्वेज के लिए मजबूत नींव बनाने के लिए डिजाइन किया गया है। यह छात्रों को कम्युनिकेशन स्किल, क्रिएटिविटी, महत्वपूर्ण सोच जैसी कई चीजों से लैस करता है जो कि गणित, साक्षरता, समस्या का समाधान खोजने, डाटा का विश्लेषण करने, भौतिकी और सांख्यिकी जैसे क्षेत्रों के लिए जरूरी है।

जब कुक कहते हैं कि कोडिंग में महारथ हासिल करने के लिए चार साल की डिग्री जरूरी नहीं है, तो उनका मतलब साफ समझ आता है।

अमेरिका में एप्पल ने महिलाओं को कोडिंग और एप बनाने में सशक्त करने के लिए एक गैर सरकारी संगठन ने साझेदारी भी की है।

इस मामले में भारतीय लड़कियां भी पीछे नहीं हैं और आप उन्हें जल्द ही कैलिफोर्निया में होने जा रही एप्पल की सालाना फ्लैगशिप वर्ल्डवाइड डेवलेपर्स कॉन्फ्रेंस समेत कई अन्य प्रमुख कार्यक्रमों में देश का प्रतिनिधित्व करते हुए देखेंगे।

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