IIT मद्रास में देश का पहला ऑनलाइन बीएससी डिग्री प्रोग्राम, किसी भी उम्र के लोग ले सकेंगे दाखिला
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IIT मद्रास में देश का पहला ऑनलाइन बीएससी डिग्री प्रोग्राम, किसी भी उम्र के लोग ले सकेंगे दाखिला

मानव संसाधन विकास मंत्रालय की मदद से शुरू किए गए बीएससी, डेटा साइंस एवं प्रोग्रामिंग- कार्यक्रम के तहत तीन स्तरीय पाठ्यक्रम मुहैया कराया गया है। इनमें से एक है फाउंडेशन कोर्स, दूसरा डिप्लोमा और तीसरा डिग्री।

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देश में पहली बार बीएससी का डिग्री प्रोग्राम ऑनलाइन उपलब्ध कराया गया है। खास बात यह है कि प्रोग्रामिंग और डाटा साइंस में यह डिग्री प्रोग्राम देश के सबसे प्रतिष्ठित संस्थान आईआईटी मद्रास के द्वारा शुरू किया गया है। ऑनलाइन बीएससी कोर्स में 12वीं पास कर चुके किसी भी आयु वर्ग के व्यक्ति को दाखिला मिल सकता है। देश के किसी भी हिस्से में रहने वाला व्यक्ति इसमें दाखिला लेकर वहीं से परीक्षा दे सकता है।

मानव संसाधन विकास मंत्रालय की मदद से शुरू किए गए बीएससी, डेटा साइंस एवं प्रोग्रामिंग- कार्यक्रम के तहत तीन स्तरीय पाठ्यक्रम मुहैया कराया गया है। इनमें से एक है फाउंडेशन कोर्स, दूसरा डिप्लोमा और तीसरा डिग्री।

आईआईटी मद्रास के शुरू किए गए ऑनलाइन बीएससी प्रोग्राम की फीस केवल 3 हजार रुपये निर्धारित की गई है। 12वीं पास कर चुके किसी भी छात्र द्वारा 1 वर्ष की अवधि में डिप्लोमा कोर्स किया जा सकता है 2 वर्ष यह अवधि में फाउंडेशन और 3 में फाउंडेशन और 3 वर्ष की अवधि में वह डिग्री हासिल कर सकता है।

आईआईटी मद्रास के निदेशक प्रोफेसर भास्कर रामामूर्ति ने कहा 'भारत और दुनिया भर के उद्योगों में प्रोग्रामिंग और डेटा साइंस की मांग बढ़ रही है। भविष्य में होने वाले औद्योगिक विकास में इसका महत्वपूर्ण योगदान होगा। हम देश के छात्रों को एक अच्छा अवसर प्रदान करेंगे। साथ ही आईआईटी मद्रास के इस कदम से भारतीय इंडस्ट्री को भी लाभ होगा। ऑनलाइन शिक्षा के इस माध्यम के जरिए हम देश के बड़े हिस्से को उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा प्रदान कर सकेंगे।'

मानव संसाधन विकास मंत्री ने डिजिटल माध्यम से आईआईटी मद्रास में देश का पहला ऑनलाइन बीएससी पाठ्यक्रम लांच किया। इस कोर्स में 12वीं पास छात्र जिसने 10वीं में भी अंग्रेजी एवं गणित की पढ़ाई की हो और कोई भी अन्य छात्र जो किसी और स्नातक स्तर के पाठ्यक्रम में नामांकित हो वो प्रवेश ले सकता है। नौकरी, पेशेवर व्यक्ति भी इस पाठ्यक्रम में प्रवेश ले सकते हैं। यह ऑनलाइन पाठ्यक्रम होगा इसलिए उनके काम पर भी इसका असर नहीं पड़ेगा।

केंद्रीय मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने कहा 'हाल में ही जारी हुई एनआईआरएफ रैंकिंग में आईआईटी मद्रास को देश का नंबर एक तकनीकी संस्थान होने का गौरव प्राप्त हुआ था। आमतौर पर सीटों की सीमित उपलब्धता के कारण आईआईटी में प्रवेश प्राप्त करना बड़ी चुनौती होती है। इस ऑनलाइन पाठ्यक्रम के द्वारा बड़ी संख्या में छात्रों को गुणवत्ता परक पाठ्यक्रम अहम भूमिका निभाएगा।'

छात्रों को 4 सप्ताह के 4 विषयों गाणित, अंग्रेजी, सांख्यिकी और कम्प्यूटेशनल थिंकिंगद्ध के पाठ्यक्रम मिलेंगे। छात्र ऑनलाइन माध्यम द्वारा पाठ्यक्रम प्राप्त करेंगे, असाइनमेंट जमा करेंगे और चौथे सप्ताह के अंत में एक परीक्षा लिखेंगे। आईआईटी की पारंपरिक प्रवेश प्रक्रियाओं के विपरीतए वो सभी छात्र जो -50 प्रतिशत के कुल स्कोर के साथ- क्वालीफायर परीक्षा पास करेंगे इस पाठ्यक्रम में प्रवेश ले सकेंगे।

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