अक्टूबर तक स्कूलों के खुलने की कोई गुंजाइश नहीं, ऑनलाइन क्लास पर होगा जोर, मंत्रालय ने दिए संकेत
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अक्टूबर तक स्कूलों के खुलने की कोई गुंजाइश नहीं, ऑनलाइन क्लास पर होगा जोर, मंत्रालय ने दिए संकेत

तीन महीनों के लॉकडाउन के बाद अब कुछ छूट दे दी गई है, लेकिन स्कूल और कॉलेजेस अब भी बंद है. इस मामले में बच्चों के स्वास्थ्य को लेकर सावधानी बरतनी भी जरूरी है इसलिए स्कूलों का फिलहाल अक्टूबर से पहले खुलना मुश्किल है.

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देश में कोरोना के मामले लगातार बढ़ते ही जा रहे हैं. फिलहाल वायरस के बचने का कोई रास्ता भी नजर नहीं आ रहा है. अब तक यह वायरस जीवन का काल बना हुआ है. हालांकि तीन महीनों के लॉकडाउन के बाद अब कुछ छूट दे दी गई है, लेकिन स्कूल और कॉलेजेस अब भी बंद है. इस मामले में बच्चों के स्वास्थ्य को लेकर सावधानी बरतनी भी जरूरी है इसलिए फिलहाल स्कूल-कॉलेजेस को खोलने के बारे में नहीं सोचा जा रहा है.

इस बीच स्कूलों का फिलहाल अक्टूबर से पहले खुलना मुश्किल है. मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने स्वास्थ्य विशेषज्ञों के साथ चर्चा के बाद इसके संकेत दिए है. ऐसे में मंत्रालय ने आनलाइन पढ़ाई की भी मुहिम को और तेज किया है. स्कूलों से ऑनलाइन क्लास चलाने और छात्रों को उससे जोड़ने के निर्देश दिए गए हैं. साथ ही स्कूलों के लिए प्रस्तावित 12 नए टीवी चैनलों को लांच करने की योजना पर भी काम तेज किया गया है.

मंत्रालय ने इससे पहले स्कूलों के अगस्त तक खुलने की उम्मीद जताई थी, लेकिन हाल ही में दिल्ली सहित देश के अलग-अलग हिस्सों में कोरोना संक्रमण की रफ्तार बहुत तेज हो गई है. मंत्रालय ने हाल ही में यूजीसी की भी परीक्षाओं और नए शैक्षणिक सत्र को लेकर जारी गाइड लाइन की नए सिरे से समीक्षा करने को कहा है.

इस बीच मंत्रालय के निर्देश पर केंद्रीय विद्यालयों में ऑनलाइन पढ़ाई शुरु हो गई है. छात्रों को हर दिन दो से तीन घंटे आनलाइन पढ़ाया जा रहा है. इस दौरान नोट्स आदि भी तैयार कराने का काम शुरु कर दिया है. हालांकि अभी हर दिन सभी विषय नहीं पढ़ाए जाते है. बल्कि इन्हें तीन से चार दिन ही पढ़ाया जा रहा है. इस बीच छात्रों की उपस्थिति भी जरूरी की गई है.

हाल में शुरु हुई ऑनलाइन क्लास में जो बच्चे नहीं शामिल हो रहे है, उन्हें लेकर स्कूलों ने अभिभावकों को मैसेज किए हैं. साथ ही कहा है कि वह बच्चे को ऑनलाइन क्लास से अनिवार्य रूप से जोड़े. संगठन से जुड़े अधिकारियों की मानें तो मौजूदा समय में जो परिस्थितियां बनी हुई हैं, उनमें फिलहाल ऑनलाइन ही पढ़ना होगा. इसके जरिए कब तक पढ़ना होगा, यह कहना मुश्किल है.

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