नई शिक्षा नीति मतलब...10+2 सिस्टम खत्म, 5+3+3+4 होगी लागू,विज्ञान के छात्र भी ले सकेंगे म्यूजिक विषय
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नई शिक्षा नीति मतलब...10+2 सिस्टम खत्म, 5+3+3+4 होगी लागू,विज्ञान के छात्र भी ले सकेंगे म्यूजिक विषय

देश की नई शिक्षा नीति में अब छात्रों के लिए विज्ञान, कॉमर्स,आर्ट्स की सीमाएं नहीं होंगी। विज्ञान या इंजीनियरिंग के छात्र अपनी रुचि के मुताबिक, कला या संगीत जैसे विषय ले सकते हैं। शिक्षण संस्थानों एवं छात्र इकाइयों ने नई शिक्षा नीति का स्वागत किया है।

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देश की नई शिक्षा नीति में अब छात्रों के समक्ष विज्ञान, कॉमर्स और आर्ट्स के रूप में सीमाएं नहीं होंगी। विज्ञान या इंजीनियरिंग के छात्र अपनी रुचि के मुताबिक, कला या संगीत जैसे विषयों का चयन कर सकते हैं। विभिन्न शिक्षण संस्थानों एवं छात्र इकाइयों ने नई शिक्षा नीति का स्वागत किया है।अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने इसे देश की आकांक्षाओं के अनुरूप आत्मनिर्भर भारत को गढ़ने में महत्वपूर्ण बहुप्रतीक्षित राष्ट्रीय शिक्षा नीति कहा है।

एबीवीपी की राष्ट्रीय महामंत्री निधि त्रिपाठी ने कहा, "जिन बड़े सुधारों की आवश्यकता भारत की जनता लंबे समय से कर रही थी, उन सुधारों पर सरकार ने ध्यान दिया है। हम आशा करते हैं कि ये परिवर्तन करोड़ों की संख्या वाले भारतीय छात्र समुदाय के सपनों को पंख देगा। सरकार को यह सुनिश्चित करना होगा कि बिना किसी देरी के नए सुधार जमीनी स्तर पर संभव हों।"

नई शिक्षा नीति में क्या हुए हैं बदलाव...

10+2 के फार्मेट को पूरी तरह खत्म कर दिया गया है, अब इसे 10+2 से बांटकर 5+3+3+4 फार्मेट में ढाला गया है. इसका मतलब है कि अब स्कूल के पहले पांच साल में प्री-प्राइमरी स्कूल के तीन साल और कक्षा 1 और कक्षा 2 सहित फाउंडेशन स्टेज शामिल होंगे. फिर अगले तीन साल को कक्षा 3 से 5 की तैयारी के चरण में विभाजित किया जाएगा.

इसके बाद में तीन साल मध्य चरण (कक्षा 6 से 8) और माध्यमिक अवस्था के चार वर्ष (कक्षा 9 से 12). इसके अलावा स्कूलों में कला, वाणिज्य, विज्ञान स्ट्रीम का कोई कठोर पालन नहीं होगा, छात्र अब जो भी पाठ्यक्रम चाहें, वो ले सकते हैं.

नई शिक्षा नीति के लक्ष्य...

-2040 तक सभी उच्च शिक्षा संस्थानों को मल्टी सब्जेक्ट इंस्टिट्यूशन बनाना होगा जिसमें 3000 से अधिक छात्र होंगे.

-2030 तक हर जिले में या उसके पास कम से कम एक बड़ा मल्टी सब्जेक्ट हाई इंस्टिट्यूशन होगा.

-संस्थानों का पाठ्यक्रम ऐसा होगा कि सार्वजनिक संस्थानों के विकास पर उसमें जोर दिया जाए.

-संस्थानों के पास ओपन डिस्टेंस लर्निंग और ऑनलाइन कार्यक्रम चलाने का विकल्प होगा.

-उच्चा शिक्षा के लिए बनाए गए सभी तरह के डीम्ड और संबंधित विश्वविद्यालय को सिर्फ अब विश्वविद्यालय के रूप में ही जाना जाएगा.

-मानव के बौद्धिक, सामाजिक, शारीरिक, भावनात्मक और नैतिक सभी क्षमताओं को एकीकृत तौर पर विकसित करने का लक्ष्य.

ऑल इंडिया माइनॉरिटी फ्रंट ने भी नई शिक्षा नीति का समर्थन किया है। फ्रंट ने कहा, "देशहित में हम इस नीति का स्वागत करते हैं। इस क्षेत्र में बड़े सुधार के लिए केंद्रीय कैबिनेट ने बुधवार को नई शिक्षा नीति को मंजूरी दे दी है। इसका उद्देश्य एजुकेशन सिस्टम को पूरी तरह बदलना है। अब उच्च शिक्षा के लिए एक ही नियामक संस्था होगी।"

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