Unlock 5.0: तय हो गई स्कूल खुलने की तारीख, ये होंगे नए नियम.. बिना पैरेंट्स की लिखित अनुमति नहीं होगी इजाजत
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Unlock 5.0: तय हो गई स्कूल खुलने की तारीख, ये होंगे नए नियम.. बिना पैरेंट्स की लिखित अनुमति नहीं होगी इजाजत

बच्चों के स्कूल बंद हुए काफी लंबा समय बित चुका है. कोरोना काल में स्कूल्स खुलने के कोई आसार नजर नहीं आ रहे थे, लेकिन अब शिक्षा मंत्रालय ने नए आदेश जारी किए है. शिक्षा मंत्रालय ने पिछले सोमवार को गाइडलाइन जारी किया है.

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बच्चों के स्कूल बंद हुए काफी लंबा समय बित चुका है. कोरोना काल में स्कूल्स खुलने के कोई आसार नजर नहीं आ रहे थे, लेकिन अब शिक्षा मंत्रालय ने नए आदेश जारी किए है. शिक्षा मंत्रालय ने पिछले सोमवार को गाइडलाइन जारी किया है.

मंत्रालय ने राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को यह निर्देश दिया है कि वे अपने प्रदेश की स्थिति देखते हुए स्वास्थ्य, स्वच्छता और सुरक्षा के लिए व्यवस्था करने का काम करें. मंत्रालय ने कहा है कि स्कूल क्रमबद्ध तरीके से ऐसी व्यवस्था करें कि विद्यार्थी सोशल डिस्टेंसिंग के साथ स्कूल में क्लास कर सकें.

15 अक्तूबर से स्कूलों को क्रमिक तरीके से खोलने के लिए शिक्षा मंत्रालय ने गाइडलाइन जारी किया. इसके मुताबिक तीन सप्ताह तक बच्चों का कोई मूल्यांकन नहीं होगा. स्कूलों को छात्रों के मेंटल हेल्थ और इमोशनल सेफ्टी पर भी ध्यान देना होगा. स्कूल परिसर को पूरी तरह साफ-सुथरा व संक्रमणमुक्त रखना होगा. इमरजेंसी केयर टीम बनानी होगी. माता-पिता की लिखित सहमति से ही बच्चों को स्कूल बुलाया जायेगा. छात्र चाहें, तो स्कूल आने के बजाय ऑनलाइन कक्षाएं ही कर सकते हैं. कोरोना की स्थानीय स्थिति को देखते हुए राज्य अलग से मानक तैयार कर सकते हैं.

स्कूलों के लिए होंगे ये नियम....

-स्कूल जाना अनिवार्य नहीं, ऑनलाइन क्लासेज का भी विकल्प

-स्कूल जाने के लिए अभिभावकों की लिखित अनुमति जरूरी

-परिसर, फर्नीचर, स्टेशनरी, पानी, शौचालयों का संक्रमणमुक्त जरूरी

-सिटिंग प्लान में सोशल डिस्टेंसिंग का ध्यान, अलग-अलग टाइम टेबल

-स्कूल में डॉक्टर या नर्स या अटेंडेंट फुल टाइम मौजूद होना चाहिए

-छात्र, शिक्षक के हेल्थ स्टेटस को अपडेट करना जरूरी

अनलॉक 5 की गाइडलाइन आने के बाद कई राज्यों ने स्कूल खोलने की तैयारी कर ली है, लेकिन अभिभावक अपने बच्चों को स्कूल नहीं भेजना चाहते हैं. अभिभावकों का कहना है कि वैक्सीन के बिना बच्चों को स्कूल भेजना उचित नहीं होगा यह बहुत ही असुरक्षित होगा. अभिभावकों का ऐसा मानना है कि स्कूल में सोशल डिस्टेंसिंग और सेनेटाइजेशन की उचित व्यवस्था संभव ही नहीं है. ऐसे में स्कूलों को खोलना कितना सही होगा यह अबतक बहस का मुद्दा है.

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