UP: प्राइवेट स्कूलों की मांग, अभिभावकों को फीस जमा करने के लिए निर्देश जारी करे सरकार
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UP: प्राइवेट स्कूलों की मांग, अभिभावकों को फीस जमा करने के लिए निर्देश जारी करे सरकार

26 जून को अनएडेड प्राइवेट स्कूल्स एसोसिएशन (UPSA) कॉन्फेडरेशन ऑफ़ इंडिपेंडेंट स्कूल्स (CIS), पूर्वांचल स्कूल्स वेलफेयर एसोसिएशन के साथ एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की गई जिसमें लखनऊ, लखीमपुर, सीतापुर, बाराबंकी आदि यूपी के कई शहर शामिल हुए.

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26 जून को अनएडेड प्राइवेट स्कूल्स एसोसिएशन (UPSA), कॉन्फेडरेशन ऑफ़ इंडिपेंडेंट स्कूल्स (CIS) की पूर्वांचल स्कूल्स वेलफेयर एसोसिएशन के साथ एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की गई जिसमें लखनऊ, लखीमपुर, सीतापुर, बाराबंकी आदि यूपी के कई शहर शामिल हुए. संबंधित मुद्दों के बीच फीस जमा के बारे में स्कूल प्रबंधन के रुख को स्पष्ट करने के लिए प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया गया. मुख्य तौर पर कॉन्फ्रेंस में निजी स्कूलों के लॉकडाउन के दौरान भी ऑनलाइन कक्षाएं संचालित करने के प्रयासों के बारे में, शिक्षकों एवं छात्रों को ऑनलाइन शिक्षण के लिए प्रशिक्षित करने के बारे में, कक्षाओं के संचालन में समय, शिक्षकों को भी कोविड वारियर्स के रूप में नामित करने पर चर्चा की गई.

साथ ही यह भी कहा गया कि सरकार के निर्देशों के अनुसार 7 अप्रैल को सभी विद्यालयों को केवल मासिक आधार पर फीस लेने के की अनुमति दी गई थी और भुगतान करने में असमर्थ लोग बाद के महीनों में बकाया राशि का भुगतान करेंगे. निर्देशों में यह भी कहा गया था कि भुगतान करने में असमर्थ छात्रों को ऑनलाइन कक्षाओं से हटाया नहीं जा सकता है. उक्त आदेशों के बावजूद केवल ज्यातादर शहरों में 30% फीस लॉकडाउन अवधि के दौरान अर्जित की गई है. पश्चिमी उत्तर प्रदेश व पूर्वी उत्तर प्रदेश के ज्यादातर शहरों में तो अभी फीस कलेक्शन की शुरूआत भी नहीं हुई या बहुत ही कम है.

अनिल अग्रवाल, प्रेजिडेंट, UPSA ने कहा कि, विद्यालयों को आदेशित किया गया था कि वह लॉकडाउन अवधि का ट्रासपोर्ट शुल्क न लें जिसका विद्यालयो ने पालन किया. सभी विद्यालयो को आदेशित किया गया था की वर्ष 2020-2021 में किसी भी तरह की फीस वृद्धि न की जाये जिसका विद्यालयों ने पालन किया व 2019-2020 वाली फीस ही जारी रखी. लॉकडाउन की अवधि 31 मई 2020 को समाप्त हो गई थी और अनलॉक 1.0 चल रहा है और अधिकांश माता-पिता काम पर लौट आए हैं। कुछ लोगों द्वारा यह भ्रामक प्रचार फैलाया जा रहा है कि सरकार तीन महीने की फीस माफ़ कर देगी, जबकि सरकार ने ना तो पूर्व न ही वर्तमान में में कोई भी फीस माफ़ी का आदेश जारी किया है."

सबने सरकार से निवेदन किया कि वह अभिभावकों को फीस जमा करने का स्पष्ट आदेश दें.

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