बंगाल: मकर संक्रांति पर किया लाखों श्रद्धालुओं ने गंगासागर में स्नान, आस्था की लगायी डुबकी

बंगाल: मकर संक्रांति पर किया लाखों श्रद्धालुओं ने गंगासागर में स्नान, आस्था की लगायी डुबकी

कोविड-19 के मद्देनजर इस वर्ष गंगासागर में विशेष इंतजाम किए गए हैं। सुबह से ही गंगासागर में पुण्य स्नान करने वालों की भीड़ उमड़ पड़ी थी। गंगासागर को मोक्षदायिनी कहा जाता है।

पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना में स्थित मशहूर गंगासागर में गुरुवार को मकर संक्रांति की सुबह कम से कम आठ लाख लोगों ने आस्था की डुबकी लगाई है।

कोविड-19 के मद्देनजर इस वर्ष गंगासागर में विशेष इंतजाम किए गए हैं। सुबह से ही गंगासागर में पुण्य स्नान करने वालों की भीड़ उमड़ पड़ी थी। गंगासागर को मोक्षदायिनी कहा जाता है।

बता दें कि त्रेता युग में महर्षि भागीरथ के तप से प्रसन्न होकर राजा सगर के साठ हजार पुत्रों को मोक्ष देने के लिए मां गंगा स्वर्ग से धरती पर उतरी थीं और यही सागर तट पर मौजूद कपिल मुनि आश्रम के पास राजा सगर के पुत्रों के अवशेषों को छूती हुई सागर में समाहित हो गई थीं, जिसके बाद राजा सगर के सभी पुत्रों को मोक्ष मिला था।

उसके बाद से ही सागर तट पर हर साल मकर संक्रांति के उसी शुभ मुहूर्त में देश-दुनिया से लाखो पुण्यार्थी मोक्ष की चाह में आस्था की डुबकी लगाने आते हैं.

इस बार कोविड-19 संकट की वजह से यातायात के संसाधन बहुत कम हैं इसलिए तीर्थ यात्रियों की भीड़ भी कम हुई है। हर साल यहां 30 से 35 लाख लोग पुण्य स्नान करते हैं लेकिन इस बार यह संख्या घटकर 10 लाख के करीब पहुंच गई है।

राज्य के पंचायत मंत्री सुब्रत मुखर्जी ने बताया है कि बुधवार देर शाम तक आठ लाख के गरीब लोग सागर तट पर पहुंचे थे जिन्होंने गुरुवार सुबह आस्था की डुबकी लगाई है।

Keep up with what Is Happening!

Related Stories

Best hindi news platform for youth
www.yoyocial.news