Chhath Puja 2021: आज से नहाय खाय के साथ छठ व्रत हुआ आरंभ, जानिए पूजा का महत्व

छठ पूजा बिहार का सबसे प्रसिद्ध त्योहार है। इसे बिहार का लोकपर्व कहा जाता है। झारखंड और पूर्वी उत्तर प्रदेश में भी छठ पूजा होती है। बिहार के लोग भारत में जहां जहां जाकर बस जाते हैं, वहां के इलाकों में छठ पूजा देखने को मिलती है।
Chhath Puja 2021: आज से नहाय खाय के साथ छठ व्रत हुआ आरंभ, जानिए पूजा का महत्व

छठ पूजा बिहार का सबसे प्रसिद्ध त्योहार है। इसे बिहार का लोकपर्व कहा जाता है। झारखंड और पूर्वी उत्तर प्रदेश में भी छठ पूजा होती है। बिहार के लोग भारत में जहां-जहां जाकर बस जाते हैं, वहां के इलाकों में छठ पूजा देखने को मिलती है। छठ का ये पावन त्योहार कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि को मनाया जाता है। इस साल दीवाली 4 नवंबर को थी और छठ पूजा 10 नवंबर, 2021 को मनाई जाएगी।

छठ का व्रत बिहार के सबसे कठिन व्रतों में से एक होता है। छठ पूजा मुख्य रूप से सूर्य देवता के लिए किया जाता है। इस दौरान उगते हुए सूर्य और डूबते हुए सूर्य को अर्ध्य दिया जाता है। ऐसी मान्यता है कि जो लोग छठी मइया का विधि विधान से पूजा करते हैं और व्रत रखते हैं, उनको जल्द ही संतान सुख मिलता है।

इसके साथ ही उनके घर में सुख समृद्धि भी आती है। छठ का त्योहार हर साल दीवाली के छह दिन बाद मनाया जाता है। इस दिन को षष्ठी तिथि और सूर्य षष्ठी भी कहा जाता है। छठ की पूजा में नहाय खाय और खरना का भी विशेष महत्व होता है।

आइए जानते हैं इस साल कब- कब है नहाय खाय, खरना और छठ पूजा।

Chhath Puja 2021: आज से नहाय खाय के साथ छठ व्रत हुआ आरंभ, जानिए पूजा का महत्व
Weekly Horoscope: जानिए कैसा होगा आपका आने वाला सप्ताह, साप्ताहिक राशिफल (8 नवम्बर से 14 नवम्बर)

नहाय खाय:-

इस साल नहाय खाय सोमवार, 8 नवंबर को है। नहाय खाय के साथ ही छठ पूजा का आरंभ होता है। नहाय खाय के दिन जो लोग छठ पूजा व्रत रखते हैं, वो इस दिन साफ-सुथरा करके घर को पवित्र करते हैं। इस दिन पूजा की सारी सामग्री एक स्थान पर जमा करके रख दी जाती है।

नहाय खाय के दिन सभी लोग स्नान करने के बाद सात्विक भोजन ग्रहण करते हैं। इसके बाद ही वो छठी मैया का व्रत रखते हैं। व्रत से पहले नहाने के बाद सात्विक भोजन ग्रहण करना ही नहाय-खाय कहलाता है। इस दिन लोग मुख्य रूप से लौकी की सब्जी और चने की दाल खाते हैं।

Chhath Puja 2021: आज से नहाय खाय के साथ छठ व्रत हुआ आरंभ, जानिए पूजा का महत्व
Vastu Tips: घर की इस दिशा में भूलकर भी ना रखें कूड़ादान, नहीं तो उठाने पड़ सकते हैं ये नुकसान

खरना :-

खरना छठ पूजा का दूसरा सबसे महत्वपूर्ण दिन होता है। इस साल खरना 9 नवंबर, मंगलवार को है।इसे लोहंडा भी कहा जाता है। इस दिन लोग पूरे दिन व्रत रखते हैं। फिर रात को पूरी पवित्रता के साथ गुड़ से बनी खीर का सेवन करते हैं।

खीर का सेवन करने के बाद अगले 36 घंटे तक बहुत ही कठिन व्रत रखा जाता है। खरना के दिन छठ पूजा का प्रसाद भी तैयार किया जाता है। इस दिन खरना का प्रसाद खाने के लिए लोग एक दूसरे के घर जाते हैं। खरना के प्रसाद में मुख्य रूप से रोटी और खीर दी जाती है। खरना का प्रसाद खाना शुभ माना जाता है।

Chhath Puja 2021: आज से नहाय खाय के साथ छठ व्रत हुआ आरंभ, जानिए पूजा का महत्व
Vastu Tips: घर में चाहते हैं सुख और समृद्धि तो रसोई में भूलकर भी न रखें ये चीजें

छठ पूजा :-

खरना के अगले दिन छठ पूजा होती है। इस साल छठ पूजा 10 नवंबर, बुधवार को है। इस दिन शाम को व्रत करने वाली महिलाएं और पुरुष तालाब या नहर में खड़े होकर डूबते हुए सूरज को अर्ध्य देते हैं। इस दौरान वे सूर्य भगवान से सुबह जल्दी उगने और संसार पर कृपा बरसाने के लिए प्रार्थना करते हैं।

सूर्य को अर्ध्य देने के लिए लोग घंटो पानी में सूप पकड़ कर खड़े रहते हैं। जैसे ही सूर्य डूबने लगता है,लोग कलश से सूर्य देवता को जल अर्पित करते हैं और फिर सूप में मौजूद प्रसाद सूर्य भगवान को चढ़ाते हैं।

Chhath Puja 2021: आज से नहाय खाय के साथ छठ व्रत हुआ आरंभ, जानिए पूजा का महत्व
Vastu Tips: घर की उत्तर पूर्व दिशा का रखें खास ध्यान, भूलकर न रखें ये सामान

छठ पूजा का समापन :-


छठ पूजा के अगले दिन 11 नवंबर, गुरुवार को उगते हुए सूर्य को अर्घ्य दी जाएगी। इसी के साथ छठ पूजा की समाप्ति की जाती है। इसके बाद लोगों में छठ पूजा का प्रसाद वितरित किया जाता है। छठ के प्रसाद में मुख्य रूप से थकुआ, खबौनी, गन्ना,नारियल आदि मौजूद होते हैं। थकुआ के बिना तो छठ पूजा ही अधूरी मानी जाती है।

Chhath Puja 2021: आज से नहाय खाय के साथ छठ व्रत हुआ आरंभ, जानिए पूजा का महत्व
Vastu Tips for Study Room: बच्चों का पढ़ाई में नहीं लगता मन तो आज़माएँ ये उपाय

Keep up with what Is Happening!

Related Stories

No stories found.