गोरखपुर: 65वें रेल सप्ताह समारोह पर रेल अधिकारियों एवं कर्मचारियों को उत्कृष्ट सेवा के लिये किया गया पुरस्कृत

गोरखपुर: 65वें रेल सप्ताह समारोह पर रेल अधिकारियों एवं कर्मचारियों को उत्कृष्ट सेवा के लिये किया गया पुरस्कृत

महाप्रबन्धक ने कहा कि लखनऊ जं.-नई दिल्ली के बीच देश की प्रथम कारपोरेट ट्रेन तेजस एक्सप्रेस का संचलन प्रारम्भ हुआ है।

65वें रेल सप्ताह समारोह के अवसर पर 12 फरवरी, 2021 को सैयद मोदी रेलवे स्टेडियम, गोरखपुर में आयोजित रेल सप्ताह पुरस्कार वितरण समारोह में पूर्वोत्तर रेलवे के महाप्रबन्धक श्री विनय कुमार त्रिपाठी ने विभिन्न विभागों के 105 रेल अधिकारियों एवं कर्मचारियों को उनकी विशिष्ट एवं उत्कृष्ट सेवा के लिये प्रशस्ति-पत्र, मेडल एवं नगद पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया।

पुरस्कार प्राप्तकर्ताओं में ट्रैक मेन्टेनर, प्वाइंटमैन, टैकनीशियन, स्टेशन मास्टर, लोको पायलट, विभिन्न विभागों के निरीक्षक, विभिन्न इंजीनियरिंग विभागों के सेक्षन इंजीनियर, सफाईवाला तथा अधिकारी सम्मिलित हैं जिनकी समर्पित एवं उत्कृष्ट सेवा से रेल की कार्यप्रणाली में उल्लेखनीय सुधार हुआ है, उत्पादकता बढ़ी है, रेल दुर्घटनायें बचायी जा सकी है तथा तकनीकी सुझबूझ से अर्थिक स्वावलम्बन में बढ़ोत्तरी हुई है।

श्री त्रिपाठी ने विभिन्न कटेगरी में अन्तर्मडलीय कार्यकुशलता शील्ड एवं ट्राफियां भी प्रदान की। अन्तर्मडलीय सर्वांगीण कार्यकुशलता शील्ड लखनऊ मंडल को प्रदान की गई।

महाप्रबन्धक, पूर्वोत्तर रेलवे श्री विनय कुमार त्रिपाठी ने 65वें रेल सप्ताह के अवसर पर सभी को बधाई देते हुए कहा कि पूर्वोत्तर रेलवे में समर्पित एवं कार्यकुशल रेलकर्मियों की कमी नहीं है, लेकिन पुरस्कारों की संख्या सीमित होने के कारण सभी को पुरस्कृत करना संभव नहीं है। अतः हर वर्ष कुछ अधिकारियों एवं कर्मचारियों को ही पुरस्कृत कर सम्मानित किया जाता है, जिनकी विशिष्ट कार्यशैली एवं समर्पित प्रयासों से रेल की कार्य प्रणाली में उल्लेखनीय सुधार हुआ है।

वर्ष 2019 अब तक के रेलवे इतिहास का सबसे सुरक्षित वर्ष रहा है जो कि आप सभी के समेकित प्रयासों का फल है। सभी रेलकर्मियों के सतत्‌ प्रयास एवं कर्तव्यनिष्ठा के फलस्वरूप इस वर्ष कोई परिणामी दुर्घटना नहीं हुई। वर्ष 2019-20 में पूर्वोत्तर रेलवे ने हर क्षेत्र में अच्छी प्रगति की है। वर्ष 2020-21 में संरक्षा के क्षेत्र में प्रदर्षन अच्छा रहेगा। पूर्वोत्तर रेलवे ने हर क्षेत्र में प्रगति की है।

यात्री प्रधान पूर्वोत्तर रेलवे अपने तीनों मंडलों-इज्जतनगर, लखनऊ एवं वाराणसी के माध्यम से अपने सम्मानित यात्रियों को सुरक्षित, संरक्षित एवं आरामदेह यात्रा सुविधा उपलब्ध कराने के लिये निरन्तर प्रत्यनशील है।

हम पूर्वोत्तर रेलवे के आधारभूत ढांचे एवं कार्य प्रणाली के आधुनिकीकरण के लिये लगातार प्रयास कर रहे हैं, जिससे यात्रियों को और भी उन्नत एवं तीव्रगामी यात्रा सुविधा प्रदान की जा सके। सभी मंडलों, कारखानों एवं निर्माण विभाग में उत्कृष्ट कार्य किया गया है।

आप सभी के मिले-जुले प्रयासों के फलस्वरूप ही हम अनेक उपलब्धियां प्राप्त करने में सफल हुए है। संरक्षा, सुरक्षा, साफ-सफाई, यात्री सुविधाओं में विस्तार एवं सुधार तथा रेल के आधारभूत ढांचे को मजबूती प्रदान करने में हमें अपेक्षित सफलता मिली। उन्होंने कहा कि पूर्वोत्तर रेलवे पर जहां भी गया हूँ वहां साफ-सफाई व स्टेशन रख-रखाव उच्च स्तरीय दिखाई दिया है।

महाप्रबन्धक ने कहा कि लखनऊ जं.-नई दिल्ली के बीच देश की प्रथम कारपोरेट ट्रेन तेजस एक्सप्रेस का संचलन प्रारम्भ हुआ है। भोजीपुरा-टनकपुर, छपरा-थावे एवं बमियाना-कासगंज रेल खंडों को ग्रीन कारीडोर घोषित किया गया है। पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखकर प्रत्येक मंडल में तीन-तीन ग्रीन नर्सरी विकसित की गयी।

ऊर्जा संरक्षण के लिये सभी स्टेशनों, सर्विस भवनों तथा रेलवे कालोनियों में शत-प्रतिशत एल.ई.डी. लाइटों का प्रावधान किये जाने के साथ ही ऊर्जा के गैर-पारम्परिक स्त्रोत सोलर ऊर्जा के उपयोग के लिये बड़े पैमाने पर सोलर पैनल लगाये गये।

बड़ी लाइन पर स्थित सभी अनारक्षित समपारों को समाप्त कर दिया गया है, रक्षित समपारों को भी सीमित ऊँचाई के सब-वे एवं सड़क उपरिगामी पुल बना कर बन्द किये जाने की प्रक्रिया चल रही है। इस रेलवे पर दोहरीकरण, आमान-परिवर्तन, नई रेल लाइन निर्माण एवं विद्धुतीकरण की अनेक परियोजनायें गुणवत्तापूर्ण ढंग से सफलतापूर्वक पूरी की गयी हैं।

माल लदान, आय, रेल पथ के अनुरक्षण तथा ऊर्जा संरक्षण आदि अनेक क्षेत्रों में भी अच्छा कार्य हुआ है। यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखकर अनेक नई गाड़ियों के संचलन के साथ ही कई गाड़ियों की आवृत्ति में वृद्धि एवं यात्रा मार्ग में विस्तार किया गया है।

स्टेशनों का सौन्दर्यीकरण कर नया स्वरूप प्रदान किया गया तथा आधुनिक यात्री सुविधायें जैसे कि एस्केलेटर, लिफ्ट एवं वाई-फाई का भी प्रावधान किया गया। ये सभी उपलब्धियाँ आप सभी के समर्पण एवं कार्य दक्षता का परिणाम है, जिसके लिये मैं पूर्वोत्तर रेलवे के सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को बधाई देता हूँ।

महाप्रबन्धक श्री त्रिपाठी ने विश्वास व्यक्त करते हुए कहा कि हमारे रेलकर्मी वर्ष 2020-21 में भी पूर्वोत्तर रेलवे को नई ऊँचाईयों पर ले जाने की प्रतिबद्वता के तहत सभी परियोजनाओं को समय से पूरा करेंगे तथा संरक्षित, सुरक्षित, निरापद, आरामदेह, समय-पालन एवं स्वच्छतापूर्ण रेल संचलन में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभायेंगे।

महाप्रबन्धक ने सभी शील्ड एवं पुरस्कार विजेताओं को बधाई देते हुए कहा कि पुरस्कृत रेलकर्मी अपने सहयोगियों के लिये आदर्श सिद्ध होंगे और उन्हें भी और बेहतर प्रदर्शन कर अगले वर्ष यह सम्मान प्राप्त करने की प्रेरणा देंगे।

इस अवसर पर उन्होंने रेलकर्मियों के परिवारजनों का भी आभार व्यक्त किया कि उनके सहयोग से ही रेलकर्मी चिन्तामुक्त होकर अपना ध्यान एकाग्र रूप से कार्यक्षेत्र में केन्द्रित कर पाते है। उन्होंने कहा कि पूर्वोत्तर रेलवे ने यह सिद्ध कर दिया है कि हम यात्रियों का पूरा ध्यान रखते है। रेल मदद एप्प का रेल यात्रियों की मदद में अच्छा योगदान है। हम आगामी वर्ष 2021-22 की बात करना चाहेगे। हमें आगे की योजनायें अभी से बनानी होगी।

पुरस्कार वितरण के पूर्व, पूर्वोत्तर रेलवे कला समिति के कलाकारों द्वारा मनोहारी सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया गया। इस अवसर पर श्रीमती मीना त्रिपाठी, अध्यक्ष, पूर्वोत्तर रेलवे महिला कल्याण संगठन एवं सदस्यायें, अपर महाप्रबन्धक श्री आनन्द प्रकाश, सभी प्रमुख विभागाध्यक्ष, मंडलों एवं मुख्यालय के वरिष्ठ रेल अधिकारी, कर्मचारी एवं उनके परिवार के सदस्य उपस्थित थे।

उप मुख्य कार्मिक अधिकारी/आई.आर. श्री एस.वी.सिंह ने महाप्रबन्धक सहित सभी वरिष्ठ रेल अधिकारियों, कर्मचारियों तथा पुरस्कार प्राप्तकर्ताओं का स्वागत किया। श्री पंकज कुमार सिंह, मुख्य जनसम्पर्क अधिकारी ने समारोह का सफल संचालन किया।

Keep up with what Is Happening!

AD
No stories found.
Best hindi news platform for youth
www.yoyocial.news