संजीत यादव फाइल फोटो
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राज-काज

UP: संजीत अपहरण-हत्या केस में कानपुर के ASP और CO सहित 4 अफसर सस्पेंड, फिरौती देने-दिलाने की जांच ADG करेंगे

सीएम योगी आदित्यनाथ ने आईपीएस अपर्णा गुप्ता, तत्कालीन डिप्टी एसपी मनोज गुप्ता समेत चार अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया है. प्रदेश में बढ़ते क्राइम से नाराज सीएम ने एडीजी (पुलिस मुख्यालय) बी.पी. जोगदंड को पूरे मामले की जांच सौंपी है।

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कानपुर में लैब असिस्टेंट संजीत यादव के अपहरण और हत्या के मामले में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बड़ी कार्रवाई की है. सीएम योगी ने आईपीएस अफसर अपर्णा गुप्ता, तत्कालीन डिप्टी एसपी मनोज गुप्ता समेत चार अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया है. प्रदेश में बढ़ते क्राइम से सीएम योगी नाराज हैं और कई अफसरों पर कार्रवाई हो सकती है. इस मामले में फिरौती के पैसे दिए जाने के पूरे प्रकरण की जांच का आदेश भी दिया गया है.

संजीत का परिवार
संजीत का परिवार

इस मामले में संजीत के परिवार ने पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाया है. इनका कहना है कि बार-बार कहने के बावजूद पुलिस ने कोई सुनवाई नहीं की. उलटे जब फिरौती दिलवाई तब तक उसकी हत्या हो चुकी थी.

संजीत यादव की बहन का आरोप है कि थानेदार से लेकर पुलिस अफसर तक सभी भाई की मौत के जिम्मेदार हैं. वहीं, पुलिस के मुताबिक अपहरण की साजिश में संजीत के ही कुछ दोस्त शामिल थे. पुलिस ने कुछ आरोपियों को गिरफ्तार कर मीडिया के सामने पेश किया. दो आरोपी महिलाओं में से भी एक को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया.

इस मामले में एडीजी (पुलिस मुख्यालय) बी.पी. जोगदंड को पूरे मामले की जांच सौंपी गई। मुख्यमंत्री योगी की पुलिस अफसरों पर यह बड़ी कार्रवाई है।

सरकार द्वारा जारी प्रेस विज्ञाप्ति के अनुसार, जनपद कानपुर के थाना बर्रा में दर्ज मुकदमे की वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (कानपुर नगर) द्वारा विवेचना में लापरवाही बरते जाने के आरोप में थाना बार्रा के पूर्व निरीक्षक रणजीत राय व चौकी प्रभारी राजेश कुमार को भी निलंबित कर दिया गया है।

शासन द्वारा विचार किए जाने के बाद अपर पुलिस अधीक्षक (दक्षिणी कानपुर नगर) अर्पणा गुप्ता और क्षेत्राधिकारी मनोज गुप्ता को निलंबित कर दिया गया है।

इस घटना में फिरौती के लिए पैसे दिए गए या नहीं, इस मामले की जांच के लिए अपर पुलिस महानिदेशक (पीएचक्यू लखनऊ ) को तत्काल कानपुर पहुंचकर जांच करने का निर्देश दिया गया है।

प्रदेश में कानून-व्यवस्था को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के तेवर शुक्रवार को कोरोना वायरस के प्रकोप की समीक्षा बैठक के दौरान दिखे।

पुलिस तथा अपराधियों के बीच सांठ-गांठ के कई मामले सामने आने के बाद मुख्यमंत्री योगी बेहद खफा हुए। इसे देखकर अनुमान लगाया जा रहा है कि प्रदेश के पुलिस महकमे में जल्द ही बड़ा फेरबदल हो सकता है।

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