आर्किटेक्ट का दावा...बदले हुए डिजाइन में भी तीन साल में पूरा हो जायेगा भव्य राम मंदिर का निर्माण
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आर्किटेक्ट का दावा...बदले हुए डिजाइन में भी तीन साल में पूरा हो जायेगा भव्य राम मंदिर का निर्माण

भव्य राम मंदिर का निर्माण तीन साल में पूरा कर लिया जाएगा. मंदिर का नक्शा तैयार करने वाले आर्किटेक्ट चंद्रकांतभाई सोमपुरा ने शुक्रवार को बताया कि पिछले साल आए सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद मंदिर के डिजाइन को संशोधित किया गया है.

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अयोध्या में राम मंदिर निर्माण की तैयारियां जोरों पर हैं. हर दिन कुछ न कुछ नया सुनने को मिल रहा है. भगवान राम के लिए बनने वाले भव्य मंदिर के चर्चे देश-विदेश में हैं. 5 अगस्त को होनेवाले भूमिपूजन की तो सारी तैयारियां हो चुकी हैं, अब बस इंतजार है तो पूजा के बाद शुरू होने वाले निर्माण कार्य की.

पांच गुंबदों वाला भव्य मंदिर...

मंदिर का नक्शा तैयार करने वाले आर्किटेक्ट चंद्रकांतभाई सोमपुरा ने ही शुक्रवार को बताया कि भव्य राम मंदिर का निर्माण तीन साल में पूरा हो जाएगा. उन्हों ने बताया कि पिछले साल केसुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद मंदिर के डिजाइन को संशोधित किया गया है. मंदिर नागर शैली में बनाया जाएगा. पहले इसमें गुंबदों की संख्या दो रखी गई थी, लेकिन अब इसमें पांच गुंबद होंगे. पांच गुंबद होने से अधिक संख्या में श्रद्धालु दर्शन कर सकेंगे.

सोमपुरा के अनुसार, मंदिर को बनकर तैयार होने में तीन साल का समय लगेगा. मंदिर तीन मंजिला होगा और यह वास्तु शास्त्र के हिसाब से बनाया जाएगा. मंदिर के एक डिजाइन पर 1990 में काम हुआ था. मंदिर का पहले जो डिजाइन तैयार किया गया था, वह दो मंजिला था. सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के बाद मंदिर के डिजाइन में संशोधन किया गया.

नए नक्शे बढ़ाया गया मंदिर का आकार....

अब यह पुराने मॉडल से लगभग दोगुने आकार में होगा. अब इसमें गर्भगृह के ठीक ऊपर शिखर होगा और 5 गुंबद होंगे. मंदिर की ऊंचाई भी पहले से अधिक होगी. उन्होंने कहा कि इसकी दो वजह हैं, एक मंदिर के लिए अब भूमि की कोई कमी नहीं होगी और दूसरा, इतना अधिक प्रचार प्रसार होने के चलते प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शनों के लिए आएंगे. ऐसे में उन्हें देखते हुए आकार बढ़ाया गया.

77 वर्षीय सोमपुरा मंदिरों का नक्शा तैयार करने वाले आर्किटेक्ट परिवार से आते हैं जो 200 से अधिक ऐसे निर्माण का डिजाइन बना चुके हैं. उन्होंने बताया कि दिवंगत विश्व हिंदू परिषद के नेता अशोक सिंघल ने करीब 30 साल पहले उनसे राम मंदिर का नक्शा तैयार करने को कहा था. उस वक्त राम मंदिर का डिजाइन तैयार करना मुश्किल काम था, क्योंकि उन्हें माप की इकाई के रूप में अपने कदम का उपयोग करते हुए चित्र तैयार करने थे.

यहां तक नाप लेने वाले टेप को साथ रखने नहीं दिया गया, उन्हें अपने कदमों से माप लेनी पड़ी थी. उन्होंने बताया कि उनके नक्शे के डिजाइन को देखते हुए ही विश्व हिंदू परिषद ने 1990 में अयोध्या में पत्थर तराशने की इकाई स्थापित की थी.

उन्होंने कहा कि यह प्रोजेक्ट उनके लिए बहुत खास है क्योंकि यह भगवान राम के जन्मभूमि पर बन रहा है. हम यह सुनिश्चित करेंगे कि यह सबसे बेहतरीन हो. सोमपुरा के अनुसार, उनके बेटे आशीष ने जून में श्रीराम जन्मभूमि ट्रस्ट के समक्ष इस संशोधित डिजाइन को रखा था जिसे मंजूरी दी गई. आशीष सोमपुरा अपने पिता के साथ इस मंदिर के निर्माण के काम को देखेंगे. उनके दादा प्रभाशंकर सोमपुरा ने गुजरात के प्रसिद्ध सोमनाथ मंदिर का डिजाइन तैयार किया था.

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