बिहार चुनाव: महागठबंधन के नेता सीट बंटवारे को अंतिम रूप देने के लिए करेंगे बैठक
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बिहार चुनाव: महागठबंधन के नेता सीट बंटवारे को अंतिम रूप देने के लिए करेंगे बैठक

बिहार विधानसभा चुनाव के लिए अभी हालांकि तारीखों की घोषणा नहीं हुई है, लेकिन तेजस्वी यादव की अगुवाई वाली राजद, कांग्रेस, रालोसपा, वीआईपी और लेफ्ट पार्टियों के बीच राष्ट्रीय राजधानी में सीट बंटवारे के फार्मूला को लेकर एक बैठक का अयोजन होगा।

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बिहार विधानसभा चुनाव के लिए अभी हालांकि तारीखों की घोषणा नहीं हुई है, लेकिन तेजस्वी यादव की अगुवाई वाली राष्ट्रीय जनता दल (राजद), कांग्रेस, उपेंद्र कुशवाहा की अगुवाई वाली राष्ट्रीय लोक समता पार्टी(रालोसपा), मुकेश साहनी की अगुवाई वाली विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) और लेफ्ट पार्टियों के बीच राष्ट्रीय राजधानी में सीट बंटवारे के फार्मूला को लेकर एक बैठक का अयोजन होगा।

दिल्ली में एक वरिष्ठ राजद नेता ने बताया कि सीट बंटवारे को लेकर राष्ट्रीय राजधानी में बैठक अगले चार से पांच दिनों में होगी। नाम उजागर न करने की शर्त पर राजद नेता ने कहा सभी पार्टी के नेता इस मुद्दे पर चर्चा के लिए एक महत्वपूर्ण बैठक करेंगे, क्योंकि चुनाव आयोग इस महीने 243 सदस्यीय बिहार विधानसभा के लिए तारीखों की घोषणा कर सकता है।

चुनाव आयोग के हालिया बयान के अनुसार, बिहार में इस साल 29 नवंबर से पहले चुनाव समाप्त हो जाएंगे। वहीं एक अन्य राजद नेता ने कहा कि पार्टी को सबसे ज्यादा सीटें मिलेंगी। उसके बाद कांग्रेस, लेफ्ट, आरएलएसपी और वीआईपी को सीट दिया जाएगा।

कांग्रेस के चुनाव कैंपेन समिति के प्रमुख अखिलेश प्रसाद सिह ने पटना में आईएएनएस से कहा, "सीट बंटवारे के फार्मूला में देरी की वजह से, हमें कुछ समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है, लेकिन हम आगामी कुछ दिनों में सीट बंटवारे को लेकर आश्वस्त हैं।"

सिंह ने यह भी कहा कि सीट बंटवारे को लेकर महागठबंधन में कोई विवाद नहीं है. आरएलएसपी के एक नेता ने कहा कि राजद 150 से 160 सीटों पर, कांग्रेस 40-50 सीटों पर और उसके बाद लेफ्ट पार्टी, रालोसपा और वीआईपी को सीटें मिलेंगी। उन्होंने कहा कि सीट बंटवारे को 20 सितंबर तक अंतिम रूप दे दिया जाएगा।

आरएलएसपी नेता ने कहा कि कुशवाहा बिहार में 25-35 सीट की उम्मीद कर रहे हैं। कुछ समय पहले, पूर्व मुख्यमंत्री और हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा-सेक्युलर के प्रमुख जीतन राम मांझी ने राजग का साथ छोड़ महागठबंधन का दामन थाम लिया था।

2015 के विधानसभा चुनाव में, राजद ने 101 सीटों पर चुनाव लड़ा था और 80 सीटें हासिल की थी, जबकि तब इसके सहयोगी रहे जनता दल-यूनाइटेड ने 71 सीटों पर कब्जा जमाया था। दूसरी तरफ इसकी मौजूदा सहयोगी कांग्रेस ने 41 में से 27 सीटें हासिल की थी।

जद-यू ने हालांकि एक साल बाद महागठबंधन का साथ छोड़ दिया था और भाजपा के साथ सरकार बना ली थी। आरएलएसपी नेता ने कहा कि इस बार राज्य में नीतीश कुमार सरकार के खिलाफ सत्ता-विरोधी लहर है, क्योंकि वह नौकरी, शिक्षा और स्वास्थ्य के वादे को पूरा करने में विफल रहे हैं।

आरएलएसपी नेता ने कहा, "सीट बंटवारे के फार्मूले पर चर्चा के दौरान, अगर पार्टियां अपने इगो को दरकिनार कर देंगी, तो यह निश्चित है कि बिहार में महागठबंधन राजग को हरा देगा।" इसबीच, गुरुवार दिन में राजद को बड़ा झटका लगा, जब पार्टी के दिग्गज नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री रघुवंश प्रसाद सिंह ने पार्टी प्रमुख लालू प्रसाद को चिट्ठी लिख पार्टी छोड़ने की घोषणा की। हालांकि लालू यादव ने भी उन्हें चिट्ठी लिख पार्टी न छोड़ने का आग्रह किया है।

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