NPR पर कैबिनेट की हरी झंडी... न दस्तावेज, न प्रूफ, एप से होगी जनगणना
नरेन्द्र मोदी, अमित शाह yoyocial.com

NPR पर कैबिनेट की हरी झंडी... न दस्तावेज, न प्रूफ, एप से होगी जनगणना

राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर के तहत 1 अप्रैल, 2020 से 30 सितंबर, 2020 तक नागरिकों का डेटाबेस तैयार करने के लिए देशभर में घर-घर जाकर गणना की तैयारी है। दस्तावेज की जरूरत नहीं होगी

नागरिकता कानून पर देश में हो रहे बवाल के बीच केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर को हरी झंडी दे दी है। अगर सूत्रों कि माने तो, यह मंजूरी राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर यानी NPR को अपडेट करने के लिए दी गई है। जनसंख्या रजिस्टर का मतलब यह है इसमें किसी गांव या ग्रामीण इलाके या कस्बे या वार्ड या किसी वार्ड या शहरी क्षेत्र के सीमांकित इलाके में रहने वाले लोगों का विवरण शामिल होगा।

केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि मंत्रिमंडल ने जनगणना 2021 के आयोजन और राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर को अपडेट करने की मंजूरी दे दी है. उन्होंने कहा कि यह स्व-घोषणा है, इसके लिए कोई दस्तावेज, बायोमीट्रिक व अन्य की आवश्यकता नहीं होगी. जो भी भारत में रहता है. उसकी गणना होगी. इसके लिए एक विशेष ऐप तैयार किया गया है. राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (एनपीआर) के अपडेशन के लिए 3,941.35 करोड़ मंजूरी मिली है.

एनपीआर के तहत 1 अप्रैल, 2020 से 30 सितंबर, 2020 तक नागरिकों का डेटाबेस तैयार करने के लिए देशभर में घर-घर जाकर गणना की तैयारी है। देश के सामान्य निवासियों की व्यापक पहचान का डेटाबेस बनाना इसका मुख्य लक्ष्य है। इस डेटा में जनसांख्यिंकी के साथ बायोमेट्रिक जानकारी भी होगी।

आईएएनएस के मुताबिक, बाहरी व्यक्ति भी अगर देश के किसी हिस्से में छह महीने से रह रहा है तो उसे भी एनपीआर में दर्ज होना है। एनपीआर के जरिए लोगों का बायोमेट्रिक डेटा तैयार कर सरकारी योजनाओं की पहुंच असली लाभार्थियों तक पहुंचाने का भी मकसद है।

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