प्रियंका गाँधी-अदिति सिंह: कभी बहुत करीबी थी
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राज-काज

'बस पर रार' के बीच नया मोड़, कांग्रेस विधायक अदिति सिंह ने अपनी ही पार्टी पर उठाए सवाल

प्रवासी मजदूरों को लाने के मामले में शुरू हुआ राजनीतिक घमासान अब दूसरा रूप ले चुका है। आगे जो भी हो, यूपी सरकार और नोएडा प्रशासन जो भी फैसला ले, लेकिन फिलहाल तो कांग्रेस के अपने भी इस घड़ी में खिलाफ खड़े नजर आ रहे हैं।

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प्रवासी मजदूरों को घर वापस पहुंचाने के लिए 1000 बस देने की कांग्रेस की पेशकश हर दिन, हर पल नई शक्ल अख्तियार कर रहा है. बीते दो दिन में और कुछ हुआ हो या न हुआ हो, बेबस मजदूरों को घर लौटने की सवारी मिली न मिली हो, लेकिन कोरोना काल में ठहरी राजनीती जरूर गरमा गई है. प्रवासी मजदूरों को लाने के मामले में शुरू हुआ राजनीतिक घमासान अब दूसरा रूप ले चुका है। आगे जो भी हो, यूपी सरकार और नोएडा प्रशासन जो भी फैसला ले, लेकिन फिलहाल तो कांग्रेस के अपने भी इस घड़ी में खिलाफ खड़े नजर आ रहे हैं।

कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के संसदीय क्षेत्र रायबरेली सदर की विधायक अदिति सिंह के ब्यान से नई हलचल मच गई है. बीते काफी दिनों से समय-समय पर बागी तेवर दिखाती रहीं विधायक अदिति सिंह ने ट्वीट करके कांग्रेस पर सवाल उठा दिए हैं और पूछा है कि- “आपदा के वक्त ऐसी निम्न सियासत की क्या जरूरत, एक हजार बसों की सूची भेजी, उसमें भी आधी से ज्यादा बसों का फर्जीवाड़ा, 297 कबाड़ बसें, 98 ऑटो रिक्शा व एबुंलेंस जैसी गाड़ियां, 68 वाहन बिना कागजात के, ये कैसा क्रूर मजाक है, अगर बसें थीं तो राजस्थान, पंजाब, महाराष्ट्र में क्यूं नहीं लगाई।”

अदिति सिंह ने एक अन्य ट्वीट में लिखा- ‘कोटा में जब यूपी के हजारों बच्चे फंसे थे तब कहां थीं ये तथाकथित बसें, तब कांग्रेस सरकार इन बच्चों को घर तक तो छोड़िए, बार्डर तक ना छोड़ पाई, तब योगी आदित्यनाथ ने रातों-रात बसें लगाकर इन बच्चों को घर पहुंचाया, खुद राजस्थान के सीएम ने भी इसकी तारीफ की थी।’

बताते चलें कि कोरोना संकट में हुई महाबंदी में प्रवासी मजदूरों की घर वापसी को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सरकार और कांग्रेस के बीच कई दिन से जारी सियासी जंग कल से काफी तेज हो गई है। मंगलवार को आगरा जिले के फतेहपुर सीकरी क्षेत्र में यूपी-राजस्थान बॉर्डर पर दिनभर अफरा-तफरी का माहौल रहा। इस दौरान जो घटनाक्रम हुआ, उससे प्रदेश की सियासत में काफी गरम है। इस मामले में कई गिरफ्तारियां और FIR की नौबत आ चुकी है.

गाजियाबाद के RTO ने भी उठाए सवाल

इस बीच गाजियाबाद के RTO ने भी कांग्रेस के इरादों पर सवाल उठा दिए हैं. कांग्रेस जहाँ दावा कर रही है कि बसें खड़ी हैं. लेकिन यूपी सरकार परमिशन नहीं दे रही है, वहीं अब गाजियाबाद के आरटीओ आरआर सोनी ने कहा है कि अभी तक एक भी बस नहीं आई है.

आरटीओ गाजियाबाद ने बताया कि उनके पास 500 बसों के आने की जानकारी थी. दो जगह बसों को रखने और उनके सैनिटाइजेशन की व्यवस्था की गई थी. ये बसें साहिबाबाद बस डिपो और इंदिरापुरम रामलीला मैदान में इकट्ठा होनी थीं. दोनों जगहों पर 3-3 शिफ्ट में परिवहन विभाग के कर्मचारियों को तैनात किया गया था, लेकिन कोई बस नहीं आई तो हटा लिया गया.

आरटीओ का ये भी कहना है कि बसें आने के बाद पहले उनकी सफाई फिर उनकी पूरी डिटेल लिखने के बाद जिन जगहों पर प्रवासी मजदूर रुके हैं वहां भेजने की योजना थी, लेकिन बस नहीं आई तो ऐसा नहीं हो पाया.

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