कुछ ही देर में चुनाव आयोग करेगा बैठक, 64 विधानसभा और एक लोकसभा सीट पर उपचुनाव का ऐलान संभव
राज-काज

कुछ ही देर में चुनाव आयोग करेगा बैठक, 64 विधानसभा और एक लोकसभा सीट पर उपचुनाव का ऐलान संभव

देश के विभिन्न राज्यों की रिक्त 64 विधानसभा सीटों और एक लोकसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव को लेकर निर्वाचन आयोग मीटिंग करेगा. मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा ने बिहार चुनाव की तारीखों के ऐलान के दौरान कहा था कि उपचुनाव की घोषणा 29 सितंबर को की जाएगी.

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देश के विभिन्न राज्यों की रिक्त 64 विधानसभा सीटों और एक लोकसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव को लेकर निर्वाचन आयोग मंगलवार को रिव्यू मीटिंग करेगा. इसके बाद उपचुनाव तारीखों का ऐलान किया जाएगा. मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा ने बिहार चुनाव की तारीखों के ऐलान के दौरान कहा था कि उपचुनाव की घोषणा 29 सितंबर को की जाएगी. माना जा रहा है कि देश भर में उपचुनाव एक ही दिन कराए जा सकते हैं.

बता दें कि बीते शुक्रवार को आयोग ने बिहार विधानसभा चुनावों की तारीखों का एलान किया था। इसके साथ ही मंगलवार को बैठक के बाद उपचुनावों की तारीखों का एलान करने की बात कही थी। 

मध्यप्रदेश विधानसभा के लिए 28 सीटों पर उपचुनाव होने हैं, जिसमें से अधिकतर सीट कांग्रेस के बागी सदस्यों के पार्टी या विधानसभा से इस्तीफा देने और भाजपा में शामिल होने के बाद खाली हुईं थीं। 

इन 28 सीटों पर होने वाले उपचुनाव ही बताएंगे कि मध्यप्रदेश में भाजपा की सत्ता बनी रहेगी या कांग्रेस वापसी करेगी। इसके अलावा कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हुए ज्योतिरादित्य सिंधिया की भी साख इन उपचुनावों पर टिकी है। जिन 28 सीटों पर उपचुनाव हो रहा है उनमें 16 सीटें सिंधिया के प्रभाव वाले ग्वालियर-चंबल क्षेत्र की हैं।

प्रदेश में पहली बार इतनी बड़ी संख्या में उपचुनाव हो रहे हैं, ऐसा इसलिए क्योंकि राज्य में बड़ा राजनीतिक फेरबदल हुआ है। इसी साल मार्च महीने में ज्योतिरादित्य सिंधिया समेत 22 कांग्रेस विधायकों ने इस्तीफा देकर भाजपा की सदस्यता ले ली थी। जिसके बाद कमलनाथ की सरकार अल्पमत में आकर गिर गई थी।

22 विधायकों के इस्तीफे देने के बाद सीटें खाली हो गईं। जुलाई में बड़ा-मलहरा से कांग्रेस विधायक प्रद्युम्न सिंह लोधी और नेपानगर से कांग्रेस विधायक सुमित्रा देवी कसडेकर और मांधाता विधायक ने भी भाजपा ज्वाइन कर ली थी। इसके अलावा तीन विधायकों का निधन हो गया था, इस हिसाब से मध्यप्रदेश में कुल 28 विधानसभा सीटें खाली हो गईं, जिन पर उपचुनाव होना है।

सिंधिया के लिए 22 सीटों में 16 सीटों को बचाना बेहद दी जरूरी है क्योंकि इसमें से 16 सीटें उनके प्रभाव क्षेत्र ग्वालियर-चंबल की हैं। कांग्रेस ने 15 सीटों पर उम्मीदवारों के नाम का एलान कर दिया है तो वहीं भाजपा की ओर से 25 सीटों पर प्रत्याशी लगभग तय हैं।

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