महामारी के बीच 80 करोड़ गरीबों को मुफ्त में राशन दे रहा भारत : PM मोदी
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महामारी के बीच 80 करोड़ गरीबों को मुफ्त में राशन दे रहा भारत : PM मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को कहा कि भारत पिछले सात से आठ महीनों में कोरोनावायरस महामारी के दौरान लगभग 80 करोड़ गरीबों को मुफ्त में राशन प्रदान कर रहा है। इस दौरान भारत ने करीब 1.5 लाख करोड़ रुपये का खाद्यान्न गरीबों को मुफ्त बांटा है।

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को कहा कि भारत पिछले सात से आठ महीनों में कोरोनावायरस महामारी के दौरान लगभग 80 करोड़ गरीबों को मुफ्त में राशन प्रदान कर रहा है। उन्होंने कहा कि इस दौरान भारत ने करीब 1.5 लाख करोड़ रुपये का खाद्यान्न गरीबों को मुफ्त बांटा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को कृषि एवं खाद्य संगठन (एफएओ) की 75वीं वर्षगांठ के मौके पर आयोजित कार्यक्रम में वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए यह बात कही। इस दौरान उन्होंने 75 रुपये का स्मारक सिक्का भी जारी किया।

प्रधानमंत्री ने आठ फसलों की हाल ही में विकसित जैव विविधता वाली 17 किस्मों को राष्ट्र को समर्पित किया।

कार्यक्रम के दौरान अपने संबोधन में मोदी ने कहा, "भारत के हमारे किसान साथी, हमारे अन्नदाता, हमारे कृषि वैज्ञानिक, हमारे आंगनबाड़ी-आशा कार्यकर्ता कुपोषण के खिलाफ आंदोलन का आधार हैं। इन सभी के प्रयासों से ही भारत कोरोना के इस संकटकाल में भी कुपोषण के खिलाफ मजबूत लड़ाई लड़ रहा है।"

मोदी ने कहा कि भारत सरकार छोटे किसानों को और ताकत देने के लिए काम कर रही है। उन्होंने कहा, "सरकार एमएसपी देने के लिए काम कर रही है, जो इनपुट लागत का 1.5 गुना है।"

मोदी ने इस वर्ष के नोबेल शांति पुरस्कार प्राप्त करने के लिए एफएओ को बधाई भी दी।

कमजोर वर्ग और जनता को आर्थिक और पौष्टिक रूप से सशक्त बनाने में एफएओ का सफर अद्वितीय रहा है।

भारत ने 10 करोड़ से अधिक लोगों को कुपोषण, एनीमिया और जन्म के समय कम वजन को लक्षित करने के लिए एक महत्वाकांक्षी पोषण अभियान शुरू किया है।

कुपोषण एक वैश्विक समस्या है, जिसमें दो अरब लोग सूक्ष्म पोषक तत्वों की कमी से पीड़ित हैं। बच्चों में लगभग 45 प्रतिशत मौतें कुपोषण से जुड़ी हैं।

प्रधानमंत्री द्वारा राष्ट्र को समर्पित आठ फसलों की 17 नई जैव-विविधता वाली किस्मों में पोषण मूल्य में तीन गुना वृद्धि होगी।

ये किस्में अन्य खाद्य सामग्री के साथ सामान्य भारतीय थाली को 'पोषक तत्व-थाली' में बदल देंगी। इन किस्मों को स्थानीय किस्मों का उपयोग करके विकसित किया गया है।

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