मानसून सत्र: MP की अटेंडेंस मोबाइल ऐप से, सेंट्रल हाल में पत्रकारों की अनुमति नहीं, राज्यसभा कक्ष में भी बैठेंगे लोकसभा सदस्य
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मानसून सत्र: MP की अटेंडेंस मोबाइल ऐप से, सेंट्रल हाल में पत्रकारों की अनुमति नहीं, राज्यसभा कक्ष में भी बैठेंगे लोकसभा सदस्य

ओम बिरला ने बताया कि सांसदों के ड्राइवर, निजी सचिव आदि बाहर ही रहेंगे। संसद सत्र के संचालन के दौरान बीच-बीच में सांसदों का कोविड 19 टेस्ट भी होता रहेगा। स्वास्थ्य मंत्रालय की सभी तरह की गाइडलाइंस का कड़ाई से पालन होगा।

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कोरोना की चुनौती के बीच आगामी 14 सितंबर से शुरू होने जा रहे संसद के मानसून सत्र को लेकर खास तैयारियां की गई हैं।

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने गुरुवार को कहा कि कोरोना के खतरे के कारण विशेष सतर्कता के साथ मानसून सत्र का संचालन होगा। उन्होंने पत्रकारों को बताया कि सांसदों के अटेंडेंस के लिए मोबाइल ऐप की व्यवस्था है। सत्र में हिस्सा लेने के दौरान सांसद इस मोबाइल ऐप के जरिए अपनी हाजिरी लगा सेकेंगे।

कोरोना के कारण सोशल डिस्टेसिंग का कड़ाई से पालन होगा। न्यूज एजेंसी के पत्रकारों को नियमित एंट्री मिलेगी, लेकिन अन्य मीडिया संस्थानों के पत्रकारों को रोटेशन के आधार पर कवरेज के लिए एंट्री मिलेगी। ताकि पत्रकार दीर्घा में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन हो सके।

वहीं, कोरोना के खतरे को देखते हुए सेंट्रल हाल का पास होने के बावजूद पत्रकार वहां तक नहीं जा सकेंगे। संसद भवन परिसर में मौजूद कैंटीन में पहले की तरह भोजन नहीं उपलब्ध होगा। इसकी जगह आवश्यकता के अनुरूप पैक्ड भोजन उपलब्ध होगा।

ओम बिरला ने बताया कि सांसदों के ड्राइवर, निजी सचिव आदि बाहर ही रहेंगे। संसद सत्र के संचालन के दौरान बीच-बीच में सांसदों का कोविड 19 टेस्ट भी होता रहेगा। स्वास्थ्य मंत्रालय की सभी तरह की गाइडलाइंस का कड़ाई से पालन होगा।

उधर, इसके तहत लोकसभा सांसद राज्यसभा कक्ष में भी बैठेंगे। पिछले सत्रों के विपरीत यह अनोखा परिवर्तन कोविड-19 महामारी के प्रसार को रोकने के लिए अपनाए जाने वाले उपायों के तहत किया जाएगा।

निचले सदन के सदस्यों के बैठने की व्यवस्था के बारे में मीडिया को जानकारी देते हुए ओम बिरला ने कहा कि 257 सांसदों को सदन के मुख्य कक्ष में और 172 सांसदों को आगंतुकों की गैलरी में बैठाया जाएगा।

इसके अलावा लोकसभा के 60 सदस्य राज्यसभा के मुख्य कक्ष में बैठेंगे और इसके अलावा 51 सदस्य उच्च सदन (राज्यसभा) की गैलरी में बैठेंगे।

बिरला ने कहा कि राज्यसभा कक्ष में बैठने वाले सदस्य लोकसभा की कार्यवाही में भाग लेंगे और कार्यवाही सुचारु रूप से चलाने के लिए एलईडी स्क्रीन लगाई जाएगी। उन्होंने बताया कि कार्यवाही में भाग लेने वाले सदस्यों की उपस्थिति मोबाइल के माध्यम से की जाएगी।

बिरला ने कहा कि शून्यकाल आधे घंटे का होगा और कोई प्रश्नकाल नहीं होगा, हालांकि लिखित प्रश्न पूछे जा सकते हैं और उनका उत्तर मिलेगा।

बिरला ने कहा कि पहले दिन 14 सितंबर को कार्यवाही सुबह 9 बजे से दोपहर 1 बजे तक चलेगी। जबकि 15 सितंबर से अक्टूबर तक सदन की अन्य कार्यवाही 1 बजे से शाम 7 बजे तक आयोजित की जाएगी। शनिवार और रविवार को कोई छुट्टी नहीं होगी।

कोविड-19 महामारी के मद्देनजर कागज का कम से कम उपयोग करने का प्रयास किया जा रहा है और सांसद अपनी उपस्थिति डिजिटल माध्यम से दर्ज कराएंगे।

कोविड-19 के बीच आयोजित होने वाले इस सत्र के लिए सघन तैयारियां की जा रही हैं, जिसमें सांसदों की जांच कराने से लेकर लोकसभा और राज्यसभा में दूरी बनाकर बैठने की व्यवस्था करना शामिल है।

सदन में प्रवेश करने वाले सभी लोगों के शरीर के तापमान को जांचने के लिए थर्मल गन और थर्मल स्कैनर का उपयोग किया जाएगा। इसके अलावा परिसर के स्वच्छता के लिए उचित उपाय किए जाएंगे।

सदन के भीतर 40 स्थानों पर टचलेस सैनिटाइटर लगाए जाएंगे और आपातकालीन मेडिकल टीम और स्टैंडबाय पर एम्बुलेंस की सुविधा भी होगी। कोविड-19 रोकथाम से संबंधित सभी दिशानिर्देशों का सख्ती से पालन किया जाएगा।

लोकसभा कक्ष के भीतर सामाजिक दूरी और अन्य दिशानिर्देशों का पालन किया जाएगा। सदस्यों को उनकी संबंधित सीटों पर बैठने के दौरान अध्यक्ष को संबोधित करने की अनुमति दी जाएगी।

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