मध्य प्रदेश विधानसभा की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित
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मध्य प्रदेश विधानसभा की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित

शुरूआत में विधानसभा की कार्यवाही दिवंगतों के सम्मान में पांच मिनट के लिए स्थगित की गई। उसके बाद संसदीय कार्य मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने अध्यादेशों और पत्रों को पटल पर रखा।

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मध्यप्रदेश विधानसभा का सत्र अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया। सोमवार को बुलाए गए एक दिवसीय सत्र में आठ विधेयकों को मंजूरी दी गई। सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले विधानसभा परिसर में पहुंचने पर तमाम विधायकों की जांच की गई। शुरूआत में विधानसभा की कार्यवाही दिवंगतों के सम्मान में पांच मिनट के लिए स्थगित की गई। उसके बाद संसदीय कार्य मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने अध्यादेशों और पत्रों को पटल पर रखा।

सदन में प्रोटेम स्पीकर रामेश्वर शर्मा द्वारा विधानसभा सदस्यता से त्याग पत्र देने वाले सदस्यों की सूचना सदन को दी गई। अध्यक्ष ने सदन को सूचित किया कि वित्तमंत्री की अनुपस्थिती पर नरोत्तम मिश्रा उनका कार्य संपादित करेंगे। वहीं सदन में नेता प्रतिपक्ष कमल नाथ ने कोरोना के इलाज में निजी अस्पताल में हो रही लापरवाही का मुददा उठाया और कोरोना पर चर्चा कराने की मांग की।

विधेयकों को पारित किए जाने के दौरान कांग्रेस ने विभिन्न मसलों पर चर्चा कराने का अनुरोध किया, जिस पर संसदीय कार्य मंत्री ने सर्वदलीय बैठक का उल्लेख किया और कहा कि वहां इन बिन्दुओं पर चर्चा हुई है, आपत्ति पर विचार न करते हुए अनुदान मांगें पारित कर दी गई। उसके बाद विधानसभा की कार्यवाही अनिश्चित काल के लिये स्थगित कर दी गई।

सदन में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अपने संबोधन में कहा कि विपक्ष भी कोरोना से निपटने में सहयोग प्रदान करे, हम सब मिलकर इस महामारी से लड़ें और उसे परास्त करें। राज्य में रिकवरी रेट 77 प्रतिशत है, आवश्यक ऑक्सीजन बेड और व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं। चौहान ने बताया कि कोरोना की स्थिति की प्रतिदिन समीक्षा वो खुद कर रहे हैं, उपचार और रोगियों की देखरेख के सभी उत्तम प्रबंध किए गए हैं।

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