बेंगलुरु में दिग्विजय
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राज-काज

MP का सियासी संकट: SC में सुनवाई अब कल सुबह तक टली, बेंगलुरु की हिरासत में दिग्विजय का धरना जारी

मध्यप्रदेश में बहुमत साबित करने का मामला अब सुप्रीम कोर्ट में है जिस पर आज सुनवाई शुरू हुई लेकिन कपिल सिब्बल द्वारा जवाब के लिये समय मांगने के कारण सुनवाई दोपहर तक के लिए टाल दी गई.

Yoyocial News

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मध्यप्रदेश का सियासी ड्रामा भोपाल-दिल्ली-बेंगलुरु के बीच अलग अलग मंचों पर अलग अलग तरीके से जारी है. मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में राजभवन बार-बार कमलनाथ सरकार को शक्ति परीक्षण के लिए कह रहा है तो कमलनाथ कह रहे है कि पहले बेंगलुरु में बंधक बनाकर रखे गये विधायकों को मुक्त किया जाए ताकि वे खुलक्र अपना फैसला ले सकें. ये अलग बात है कि इन विधायकों ने कल बेंगलुरू में मीडिया से खुलकर कह दिया कि उनकी कमलनाथ में अब कोई आस्था नहीं है और ज्योतिरादित्य सिंधिया ही उनके नेता हैं.

मध्यप्रदेश में बहुमत साबित करने का मामला आज सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई की जद में आया. ऐसे में सबकी नजरें भोपाल में राजभवन, स्पीकर और इस सब के ऊपर सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर लगी हुई हैं.

सुप्रीम कोर्ट ने सुबह सुनवाई शुरू करने के बाद पहले तो कपिल सिब्बल को जवाब देने का वक्त देते हुए आज की सुनवाई को दोपहर तक के लिये टाल दिया और दोपहर बाद आजकी सुनवाई पूरी की. कोर्ट आगे की सुनवाई गुरुवार की सुबह 10.30 बजे करेगा.

सर्वोच्च अदालत ने उठाये सवाल

मध्य प्रदेश में गहराए सिसायी संकट पर सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने मध्य प्रदेश विधानसभा के स्पीकर से सवाल किया कि आखिर आपने विधायकों के इस्तीफे पर अभी तक फैसला क्यों नहीं लिया?

पूछा कि क्या ये विधायक अपने आप अयोग्य नहीं हो जाएंगे?

यह भी पूछा कि अगर आप संतुष्ट नहीं हैं, तो आप विधायकों के इस्तीफे को नामंजूर कर सकते हैं? आपने 16 मार्च को बजट सत्र को भी टाल दिया है!

शीर्ष अदालत ने पूछा - अगर आप बजट को पास नहीं करेंगे, तो राज्य सरकार का कामकाज कैसे चलेगा?

अदालत ने यह भी पूछा कि आपने 6 ही इस्तीफे क्यों मजूर किये? बाकी क्यों नहीं? इस पर जवाब मिला कि वे 6 मंत्री थे.

दिग्विजय पहुंचे बेंगलुरू

इस बीच कांग्रेस नेता दिग्जिवय सिंह आज बेंगलुरू में मौजूद विधायकों से मिलने पहुंचे। लेकिन उन्हें विधायकों से मिलने नहीं दिया गया। इसके बाद वो होटल के बाहर ही धरने पर बैठ गए। दिग्विजय सिंह के साथ कांतिलाल भूरिया और तरुण भनोत सहित कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष डीके श्रीवास्तव भी है।

हिरासत में लिए गए दिग्विजय सिंह ने पुलिस स्टेशन (DCP Office) में ही भूख हड़ताल शुरू कर दी है. उन्होंने आरोप लगाया कि लोकतंत्र की हत्या की जा रही है और उन्हें विधायकों से नहीं मिलने दिया जा रहा है.

दिग्विजय सिंह ने कहा कि मैं कांग्रेस की ओर से राज्यसभा चुनाव के लिए प्रत्याशी हूं। ये कांग्रेस विधायक मेरे वोटर हैं और इनसे मुझे मिलने नहीं दिया जा रहा। भाजपा ने इन्हें यहां बंधक बना रखा है। पुलिस मुझे यह बता रही है कि उन विधायकों को मुझसे खतरा है।

सुप्रीम कोर्ट में सुनावाई

इधर, मध्य प्रदेश विधानसभा में फ्लोर टेस्ट को लेकर आज पूर्वाह्न 10.30 बजे सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होगी। कोर्ट ने इस मामले में कमलनाथ सरकार, विधानसभा अध्यक्ष और सचिव को नोटिस देकर जवाब मांगा है। सभी की निगाहें इसी तरफ है कि आज मध्य प्रदेश सरकार द्वारा क्या पक्ष रखा जाता है। इसके बाद फ्लोर टेस्ट को लेकर क्या निर्णय लिया जाता है।

कांग्रेस की भी याचिका

उधर, मध्य प्रदेश कांग्रेस ने भी सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की है। कांग्रेस ने याचिका में कहा है कि उन्हें बेंगलुरु में भाजपा सरकार की ओर से बंदी बनाकर रखे गए विधायकों से संपर्क करने दिया जाए। इस याचिका पर भी आज सुनवाई होना है। विधानसभा अध्यक्ष ने बेंगलुरु में मौजूद विधायकों की सुरक्षा पर चिंता जताते हुए राज्यपाल लालजी टंडन को पत्र लिखा है। राज्यपाल ने कमलनाथ सरकार द्वारा किए जा रहे नियुक्तिों और तबादलों की फाइल रोक दी है। भाजपा द्वारा इस मामले में राज्यपाल को ज्ञापन सौंपकर कहा गया था कि सरकार अल्पमत में हैं, ऐसे में यह नियुक्तियां अवैध हैं।

Bengluru airport
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