यूपी विधानसभा की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित
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यूपी विधानसभा की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित

पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 11:00 बजे जैसे ही सदन की कार्यवाही शुरु हुई। विपक्ष के सदस्य कोरोना संक्रमण और कानून-व्यवस्था को लेकर हंगामा करने लगे। इस दौरान समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के विधायक शोर मचाते वेल में भी आ गये।

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कोरोना वायरस के संक्रमण के बीच यूपी विधानमंडल के मानसून सत्र की कार्यवाही हुई। इस दौरान सरकार ने 17 अध्यादेश पास कराने में सफलता हासिल की। इसके बाद सदन को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया। सीएम योगी आदित्यनाथ ने करीब एक घंटा सदन को संबोधित किया और विपक्ष पर जमकर बरसे। तीसरे दिन शनिवार को विपक्ष के हंगामे के बीच योगी सरकार ने 17 विधेयक पेश किए। हंगामे के चलते सदन की कार्यवाही 15 मिनट के लिए स्थगित भी करनी पड़ी।

पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 11:00 बजे जैसे ही सदन की कार्यवाही शुरु हुई। विपक्ष के सदस्य कोरोना संक्रमण और कानून-व्यवस्था को लेकर हंगामा करने लगे। वे सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर रहे थे। इस दौरान समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के विधायक शोर मचाते वेल में भी आ गये।

विधानसभा अध्यक्ष हृदय नारायण दीक्षित ने हंगामा कर रहे विधायकों को समझाया और उन्हें कोरोना के चलते सोशल डिस्टेंस का भी ध्यान रखने के लिए कहा। लेकिन विपक्ष के सदस्य नहीं माने, ऐसे में अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही को 15 मिनट के लिए स्थगित कर दिया।

विपक्षी सदस्यों के हंगामें के कारण सदन की कार्यवाही दो बार स्थगित हुई। कोरोना संक्रमण के मद्देनजर मानसून सत्र को तीन कार्य दिवस के लिये रखा गया था। कोरोना और कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर विपक्ष के जबरदस्त हंगामे के बीच ही संसदीय कार्यमंत्री सुरेश खन्ना ने 17 विधेयक पेश किये और इन्हें पारित भी करा लिया गया। इस दौरान जबरदस्त हंगामा होता रहा, कांग्रेस और सपा के सदस्य नारेबाजी करते रहे। विधेयक पारित होने से पहले ही कांग्रेस, बसपा और सपा ने सदन से वाकआउट किया।

सरकार ने उत्तर प्रदेश लोक एवं निजी सम्पत्ति क्षति वसूली विधेयक 2020, उत्तर प्रदेश आकस्मिकता निधि (संशोधन) विधेयक 2020, उत्तर प्रदेश राजकोषीय उत्तरदायित्व एवं बजट प्रबंधन द्वितीय (संशोधन) विधेयक 2020, उत्तर प्रदेश राज्य विधानमंडल सदस्यों की उपलब्धियों और पेंशन (संशोधन) विधेयक 2020, उत्तर प्रदेश औद्योगिक विवाद (संशोधन) विधेयक 2020, उत्तर प्रदेश कारखाना विवाद (संशोधन) विधेयक 2020, उत्तर प्रदेश औद्योगिक क्षेत्र विकास (संशोधन) विधेयक 2020, कारागार अधिनियम 1894 में (संशोधन) विधेयक 2020, उत्तर प्रदेश मूल्य संवर्धित कर संशोधन विधेयक 2020, उत्तर प्रदेश मंत्री वेतन भत्ता, और प्रकीर्ण उपबंध (संशोधन) विधेयक 2020, उत्तर प्रदेश कतिपय श्रम विधियों से अस्थाई छूट (संशोधन) विधेयक 2020, उत्तर प्रदेश उत्पादन मंडी (संशोधन) विधेयक 2020, उत्तर प्रदेश लोक स्वास्थ्य एवं महामारी रोग नियंत्रण विधेयक 2020, उत्तर प्रदेश गोवध निवारण (संशोधन) विधेयक 2020, उत्तर प्रदेश स्ववित्तपोषित स्वतंत्र विद्यालय (शुल्क विनियमन) (संशोधन) विधेयक 2020, कारागार उत्तर प्रदेश (संशोधन) विधेयक 2020, उत्तर प्रदेश गन्ना पूर्ति तथा खरीद विनियमन अध्यादेश ध्वनि मत से पारित करा लिया। इसी के साथ विधानसभाध्यक्ष ने नियम 301 की सभी सूचनाओं और याचिकाओं को स्वीकार कर लिया।

विपक्षी सदस्यों के हंगामें को लेकर संसदीय कार्यमंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने कहा 'विपक्ष के पास कोई काम नहीं है। सरकार जीरो ट्रारलेंस की नीति पर काम कर रही है।' सदन में तुलनात्मक आंकड़े पेश करते हुए राज्य की कानून-व्यवस्था के दुरूस्त होने का भी दावा किया गया। खन्ना ने कहा कि अपराध रोकने की दिशा में सरकार ने जो प्रयास किए, उसका विपक्ष के पास कोई जवाब नहीं है।

जिस समय सीएम योगी सदन में अपना पक्ष रख रहे थे, उस वक्त सदन से मुख्य विपक्षी दल समाजवादी पार्टी के सदस्य नदारद थे। सदन में मौजूद बसपा के सदस्य लाल जी वर्मा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के वक्तव्य पर सवाल करना चाहते थे, लेकिन उन्हे अनुमति नहीं मिली और इसी के साथ संसदीय कार्यमंत्री सुरेश कुमार खन्ना के प्रस्ताव पर सदन की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गयी।

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