UP : मंत्रिपरिषद की बैठक में  लिए गए महत्वपूर्ण निर्णय
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UP : मंत्रिपरिषद की बैठक में लिए गए महत्वपूर्ण निर्णय

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी की अध्यक्षता में आज यहां उनके सरकारी आवास पर वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग द्वारा सम्पन्न मंत्रिपरिषद की बैठक में खरीफ विपणन वर्ष 2020-21 से सम्बंधित महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए

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उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी की अध्यक्षता में आज यहां उनके सरकारी आवास पर वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग द्वारा सम्पन्न मंत्रिपरिषद की बैठक में निम्नलिखित महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए:-

  • खरीफ विपणन वर्ष 2020-21 में मूल्य समर्थन योजना के अन्तर्गत धान क्रय हेतु क्रय संस्थाओं को अग्रिम/ऋण उपलब्ध कराने सम्बन्धी प्रस्ताव को मंजूरी

  • खरीफ विपणन वर्ष 2020-21 के अन्तर्गत धान खरीद 01 अक्टूबर, 2020 से प्रारम्भ होगी

  • उ0प्र0 राज्य खाद्य एवं आवश्यक वस्तु निगम (एस0एफ0सी0) द्वारा धान क्रय हेतु कुल 3000 करोड़ रुपये की अधिकतम सीमा के अन्तर्गत कैश क्रेडिट लिमिट/अल्पकालिक ऋण राष्ट्रीयकृत बैंकों से लिया जाएगा

  • राज्य सरकार द्वारा इस ऋण की शासकीय गारण्टी स्वीकृत की जाएगी

  • धान क्रय की व्यवस्था को सुचारु रूप से संचालित करने, किसानों को समय से भुगतान सुनिश्चित कराने के लिए क्रय संस्थाओं को धनराशि तत्काल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से यह निर्णय लिया गया

मंत्रिपरिषद ने खरीफ विपणन वर्ष 2020-21 में मूल्य समर्थन योजना के अन्तर्गत धान क्रय हेतु क्रय संस्थाओं को अग्रिम/ऋण उपलब्ध कराने सम्बन्धी प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान कर दी है। ज्ञातव्य है कि खरीफ विपणन वर्ष 2020-21 के अन्तर्गत धान खरीद 01 अक्टूबर, 2020 से प्रारम्भ होगी। धान क्रय की व्यवस्था को सुचारु रूप से संचालित करने, किसानों को समय से भुगतान सुनिश्चित कराने के लिए क्रय संस्थाओं को धनराशि तत्काल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से यह निर्णय लिया गया है।
उ0प्र0 राज्य खाद्य एवं आवश्यक वस्तु निगम (एस0एफ0सी0) द्वारा धान क्रय हेतु कुल 3000 करोड़ रुपये की अधिकतम सीमा के अन्तर्गत कैश क्रेडिट लिमिट/अल्पकालिक ऋण उन राष्ट्रीयकृत बैंकों से लिया जाएगा, जिनकी ब्याज दर न्यूनतम हो। उक्त कार्यशील पूंजी के रूप में कैश क्रेडिट लिमिट/अल्पकालिक ऋण लिये जाने हेतु एस0एफ0सी0 को अधिकृत किया जाएगा। एस0एफ0सी0 द्वारा खाद्य एवं रसद विभाग की विपणन शाखा को उनकी आवश्यकतानुसार अल्पकालिक ऋण/अग्रिम दिया जाएगा। सम्बन्धित ऋण लिए जाने तथा ऋण की वापसी की शर्तें आदि निर्धारित करते हुए उ0प्र0 राज्य खाद्य एवं आवश्यक वस्तु निगम (एस0एफ0सी0) द्वारा ऋण की वापसी सुनिश्चित करायी जाएगी।
राज्य सरकार द्वारा नामित अन्य क्रय संस्थाओं यथा-उ0प्र0 को-आपरेटिव फेडरेशन लि0 (पी0सी0एफ0) एवं उ0प्र0 को-आपरेटिव यूनियन लि0 (पी0सी0यू0) के द्वारा धान क्रय हेतु कार्यशील पूंजी की व्यवस्था अपने वित्तीय स्रोतों से की जाएगी। उस पर आने वाले भारित ब्याज की प्रतिपूर्ति भारतीय खाद्य निगम से प्राप्त ब्याज प्रतिपूर्ति को समायोजित करते हुए राज्य सरकार द्वारा की जाएगी।
राष्ट्रीयकृत बैंकों से उ0प्र0 राज्य खाद्य एवं आवश्यक वस्तु निगम (एस0एफ0सी0) द्वारा लिये जाने वाले ऋण की राज्य सरकार द्वारा शासकीय गारण्टी स्वीकृत की जाएगी। उत्तर प्रदेश राज्य एवं आवश्यक वस्तु निगम को ऋण की अदायगी होने तक ब्याज का भुगतान किये जाने हेतु राज्य सरकार द्वारा धनराशि उपलब्ध करायी जाएगी।
भारतीय खाद्य निगम से प्राप्त ब्याज की धनराशि को उपरोक्त ऋण पर देय ब्याज में से समायोजित करते हुए ब्याज की शेष धनराशि निगम को उपलब्ध कराये जाने के प्रस्ताव पर वित्त विभाग की सहमति है। चूंकि विचाराधीन ऋण का प्रयोग उ0प्र0 राज्य खाद्य एवं आवश्यक वस्तु निगम लिमिटेड द्वारा वाणिज्यिक क्रिया-कलापों के लिये नहीं किया जाना है, अतः शासकीय गारण्टी पर गारण्टी शुल्क आरोपित नहीं किया जाएगा।
जिन बैंकों से उ0प्र0 राज्य खाद्य एवं आवश्यक वस्तु निगम लिमिटेड द्वारा ऋण लिया जाएगा, उनके पक्ष में निगम द्वारा एस्क्रो खाता खोला जाएगा तथा भारतीय खाद्य निगम को धान का विक्रय करने से प्राप्त धनराशि उक्त एस्क्रो खाते में जमा की जाएगी। एस्क्रो खाते में जमा धनराशि से ऋण की अदायगी समय से सुनिश्चित की जाएगी। भविष्य में उक्त निर्णय में किसी संशोधन/परिवर्धन हेतु मुख्यमंत्री जी अधिकृत होंगे।

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