उत्तर प्रदेश: भाजपा को 5 सीटें, 1 पर सपा, बसपा और 1 पर निर्दलीय को बढ़त
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उत्तर प्रदेश: भाजपा को 5 सीटें, 1 पर सपा, बसपा और 1 पर निर्दलीय को बढ़त

उत्तर प्रदेश की 7 विधानसभा सीटों पर हुए उपचुनाव में भाजपा को पांच, सपा बसपा और निर्दलीय को एक-एक सीटों पर शुरूआती रूझानों में बढ़त दिख रही है।

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उत्तर प्रदेश की 7 विधानसभा सीटों पर हुए उपचुनाव में भाजपा को पांच, सपा बसपा और निर्दलीय को एक-एक सीटों पर शुरूआती रूझानों में बढ़त दिख रही है। चार चक्र की गणना के बाद भाजपा ने अब उन्नाव की बांगरमऊ, फिरोजाबाद की टूंडला सुरक्षित, बुलंदशहर की बुलंदशहर सदर, देवरिया की देवरिया सदर तथा कानपुर शहर की घाटमपुर सुरक्षित सीट पर बढ़त बना ली है। अमरोहा की नौगावां सादात सीट पर सपा आगे चल रही है।

सपा को जौनपुर की मल्हनी सीट पर झटका लग रहा है। निर्दलीय धनंजय सिंह बढ़त पर हैं। निर्वाचन आयोग से मिली जानकारी के अनुसार, कानपुर शहर के घाटमपुर विधानसभा उपचुनाव में मतों की गणना के तीसरे चक्र की गणना में मामला एक बार फिर उलट गया है। यहां पर भाजपा के प्रत्याशी उपेंद्र नाथ पासवान ने बसपा के उम्मीदवार कुलदीप शंखवार पर बढ़त बना ली है।

पासवान अब 655 वोट की बढ़त पर हैं। भाजपा को 4,437, बसपा को 3,782, सपा को 2,125 तथा कांग्रेस को 1,592 वोट मिले हैं।

टूंडला उपचुनाव में आठवें चरण में भाजपा आगे चल रही है। सातवें चरण में भाजपा के प्रेमपाल सिंह धनगर को 14,747 वोट मिले हैं, सपा के महाराज सिंह धनगर को 10,510 वोट मिले हैं। बसपा के संजीव चक को 10,515 वोट मिले हैं। भाजपा के प्रेमपाल सिंह धनगर 4,232 वोट से आगे चल रहे हैं।

बुलंदशहर में दूसरे चरण में भी भजापा प्रत्याशी की बढ़त बरकार है। दूसरे राउंड में भाजपा प्रत्याशी ऊषा सिरोही को 6,335 वोट मिले हैं, बसपा प्रत्याशी हाजी यूनुस को 4,517 मत मिले।

सभी दल अपनी-अपनी जीत का दावा कर रहे हैं। इन सात सीटों में से छह भारतीय जनता पार्टी के पास थीं, जबकि जौनपुर की मल्हनी से सपा के कद्दावर नेता रहे पारसनाथ यादव विजयी हुए थे। देखना महत्वपूर्ण होगा कि भाजपा छह सीटों में से कितनों पर जीत हासिल कर प्रतिष्ठा बनाए रखने में कामयाब रहती है।

यूपी में विधानसभा की सात सीटों पर हुए उपचुनाव की मतगणना जारी है। ईवीएम से 9 महिलाओं सहित 88 उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला होगा। वैसे इनके परिणाम से योगी सरकार पर कोई असर नहीं पड़ेगा, लेकिन सत्तारुढ़ भाजपा और मुख्य विपक्षी दल समाजवादी पार्टी के बीच प्रतिष्ठा का प्रश्न जरूर है। साथ ही बसपा और कांग्रेस का प्रदर्शन भी चर्चा का विषय रहेगा।

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