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मुख्यमंत्री योगी ने वनटांगियों को दिया 65.77 लाख का तोहफा

जंगल तिनकोनिया नम्बर तीन में अपने संबोधन के दौरान वनटांगियों के लिए अपने संघर्ष को याद कर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भावुक हो उठे

Yoyocial News

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उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शनिवार को वनटांगिया गांव जंगल तिनकोनिया नम्बर तीन में वनवासियों के बीच दिवाली मनाने पहुंचे। इस दौरान उन्होंने वनटांगिया गांवों को 65.77 लाख रुपये की विकास परियोजनाओं का तोहफा दिया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने वनटांगिया गांवों के लिए 65.77 लाख रुपये की विकास परियोजनाओं (खड़ंजा, सामुदायिक शौचालय, पंचायत भवन, आंगनबाड़ी केंद्र) का लोकार्पण व शिलान्यास करने के साथ प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 10 लाभार्थियों को स्वीकृति पत्र, पुष्टाहार योजना के तहत 10 लाभार्थियों को ड्राई राशन पैकेट व वनटांगिया स्कूल के 10 बच्चों को अपने हाथों से स्कूल ड्रेस, स्वेटर वितरित किया।

मुख्यमंत्री योगी ने कहा, "गरीबों के चेहरे पर मुस्कान लाना ही दिवाली की सार्थकता है। सबका साथ सबका विकास के मंत्र पर चलते हुए हम इसके लिए संकल्पित हैं कि विकास की योजनाओं का लाभ हर व्यक्ति तक पहुंचाएंगे। क्रम आगे पीछे हो सकता है लेकिन समाज का एक भी व्यक्ति इससे वंचित नहीं रहेगा।"

जंगल तिनकोनिया नम्बर तीन में अपने संबोधन के दौरान वनटांगियों के लिए अपने संघर्ष को याद कर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भावुक हो उठे। उन्होंने कहा कि देश को आजादी 1947 में ही मिल गई लेकिन वनटांगियों को वास्तविक आजादी पाने में उसके बाद भी सत्तर साल लग गए। यहां से जिला मुख्यालय पहुंचने में भले ही सत्तर मिनट से कम समय लगे लेकिन वनटांगिया लोगों को अपना हक पाने के लिए सत्तर साल का इंतजार करना पड़ा।

उन्होंने कहा कि वनटांगिया गांवों में लोग झोपड़ी में, ढिबरी की रोशनी में रहने को मजबूर थे। यहां सिर्फ दीनता दिखती थी। वह यहां की समस्याओं से वाकिफ थे। मुख्यमंत्री बनने के बाद इन वनवासियों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ा गया। राजस्व ग्राम घोषित किया गया। प्रदेश की बागडोर मेरे हाथ में आई तो इन वनटांगिया गांवों में आज सड़क, बिजली, पानी, पक्के मकान, खेती, स्कूल, स्वास्थ्य सुविधा, आयुष्मान कार्ड। राशन कार्ड, पेंशन योजनाओं का लाभ आदि सबकुछ है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि विकास की योजनाओं का लाभ सभी तक पहुंचे, इसके लिए लोगों को भी पूरी जानकारी होनी चाहिए। सरकार, अफसर, जनप्रतिनिधियों के साथ ही आमजन की नैतिक जिम्मेदारी है कि समाज में जो भी वंचित रह गया है, उसे सरकार द्वारा संचालित योजनाओं की जानकारी दें और उनका लाभ दिलाएं।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वनटांगियों को भी आत्मनिर्भरता का मंत्र दिया। इसके लिए उन्होंने कल माटी कला मेले के कलाकारों का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि कल औरंगाबाद और एकला के कलाकार मुझसे मिलने गए थे जो टेराकोटा का काम करते हैं। इनमें से एक कलाकार ने बताया कि उसकी आठ लाख की बिक्री हुई है। एक कलाकार ने 22 हजार रुपये का दीप स्टैंड बनाया था जो हाथों हाथ बिक गया।

योगी ने कहा कि वनटांगिया लोग भी अपने यहां कुछ विशिष्ट उत्पाद तैयार कर आत्मनिर्भरता की राह पर चल सकते हैं।

योगी ने कल अयोध्या के दीपोत्सव को अदभुत बताते हुए कहा कि हमने 5.51 लाख दीये जलाने का लक्ष्य रखा था लेकिन ऐसा उल्लास छाया की सिर्फ राम की पैड़ी में ही छह लाख से अधिक दीये जलाए गए और विश्व रिकार्ड बना। इस बार अयोध्या का दीपोत्सव बिना धुएं के डिजिटल दिवाली की मिसाल भी है।

मुख्यमंत्री योगी का बाल प्रेम जग जाहिर है। जब भी बच्चे उनके पास जाते हैं, योगी के चेहरे पर खुशी छा जाती है। जंगल तिनकोनिया नम्बर तीन में ड्राई राशन पैकेट देते वक्त उन्होंने माताओं के साथ आए बच्चों के सिर पर हाथ फेर खूब दुलार किया। स्कूल ड्रेस व स्वेटर देते वक्त छात्रों को आशीर्वाद देते हुए उन्हें खूब पढ़ने को प्रेरित किया।

मंचीय कार्यक्रम समाप्त होने के बाद मुख्यमंत्री ने वहां लगे विभिन्न विभागों के स्टालों का निरीक्षण किया। इसके बाद वह गांव के भ्रमण पर निकले। गांव में वह उस हिन्दू विद्यापीठ में भी गए जिसे सांसद रहते हुए उन्होंने शुरू कराया था। इस दौरान वह मुख्यमंत्री आवास योजना से बने रामगणेश के मकान में भी गए और परिवार को आशीर्वाद देने के साथ उनके साथ फोटो भी खिंचवाई।

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