RBI Governor Shaktikant Das
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कोरोना संकट के बीच RBI ने फिर घटाया रेपो रेट, सस्ता होगा लोन, कम होगी EMI, चुकाने को तीन माह और मिले

RBI गवर्नर शक्तिकांत दास के अनुसार पिछले तीन दिन में एमपीसी (MPC) ने घरेलू और ग्लोबल माहौल की समीक्षा की. इसके बाद रेपो रेट में 0.40 फीसदी की कटौती का फैसला लिया गया है. लॉकडाउन में यह दूसरी बार है जब आरबीआई ने रेपो रेट कम किए है

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कोरोना संकट को देखते हुए मोदी सरकार और उससे पहले रिजर्व बैंक ऑफ़ इंडिया (RBI) के आर्थिक पैकेजों पर उठ रहे सवालों के बीच आज रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) के गवर्नर शक्तिकांत दास आज फिर एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर रहे हैं.

बताते चलें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने करीब 21 लाख करोड़ के आर्थिक पैकेज का जो ऐलान किया था, उसे 5 दिन तक हर दिन प्रेस कांफ्रेंस कर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लगातार देश के सामने स्पष्ट किया. अब इसी पैकेज को लेकर रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) गवर्नर शक्तिकांत दास आज एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर रहे हैं.

शुरुआती बातचीत में ही RBI गवर्नर शक्तिकांत दास ने आज फिर रेपो रेट कटौती का ऐलान किया है. इस कटौती के बाद RBI की रेपो रेट 4.40 फीसदी से घटकर 4 फीसदी हो गई है. इसके साथ ही लोन की किस्‍त देने पर 3 महीने की अतिरिक्‍त छूट दी गई है. यानी अगर आप अगले 3 महीने तक अपने लोन की ईएमआई नहीं देते हैं तो बैंक इसके लिए आप पर कोई दबाव नहीं डालेगा. हालांकि शीर्ष बैंक ने रिवर्स रेपो रेट में किसी तरह के बदलाव का एलान नहीं किया है.

आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने शुक्रवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए कहा कि एमपीसी ने रेपो रेट में 0.40 फीसदी की कटौती का ऐलान किया है. अब रेपो रेट को 4 फीसदी कर दी गई है. इसका असर आपके ईएमआई पर हो सकता है और आपकी ईएमआई कम हो सकती है.

आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास के अनुसार पिछले तीन दिन में एमपीसी (MPC) ने घरेलू और ग्लोबल माहौल की समीक्षा की. इसके बाद रेपो रेट में 0.40 फीसदी की कटौती का फैसला लिया गया है. लॉकडाउन में यह दूसरी बार है जब आरबीआई ने रेपो रेट कम किए है. इससे पहले 27 मार्च को आरबीआई गवर्नर ने 0.75 फीसदी कटौती का ऐलान किया था. इसके बार बैंकों ने लोन पर ब्‍याज दर कम कर दिया था. जाहिर सी बात है कि इससे आपकी ईएमआई भी पहले के मुकाबले कम हो गई है.

गवर्नर ने कहा, '2020-21 में जीडीपी ग्रोथ नकारात्मक क्षेत्र में रहने की उम्मीद है. छह सदस्यीय मौद्रिक नीति समिति ने ब्याज दर में 0.40 प्रतिशत कटौती के पक्ष में 5:1 से मतदान किया. भारत में मांग घट रही है, बिजली, पेट्रोलियम उत्पाद की खपत में गिरावट, निजी खपत में गिरावट दर्ज की जा रही है. COVID-19 के प्रकोप के कारण निजी उपभोग को सबसे ज्यादा झटका लगा है. निवेश की मांग रुकी है. कोरोना के प्रकोप के बीच आर्थिक गतिविधियों में सुस्ती के कारण सरकार का राजस्व बुरी तरह प्रभावित हुआ है.'

आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने शुक्रवार को कहा कि कोरोना संकट और लॉकडाउन की वजह से 6 बड़े प्रदेशों में औद्योगिक उत्पादन ठप हुआ है. बिजली, पेट्रोलियम की खपत में कमी दर्ज की गई है. मार्च में सीमेंट उत्पादन 19 फीसदी लुढ़क गया. देश में निवेश को लेकर काफी कमी दर्ज हुई है.

आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा कि कोरोना की वजह से अर्थव्यवस्था को बड़ा नुकसान हुआ है. अब अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के तमाम उपाय किए जा रहे हैं. महंगाई दर के काबू में रहने की उम्मीद है. मानसून के सामान्य रहने का अनुमान है.

बताते चलें कि RBI के एक डायरेक्टर और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से जुड़े रहे सतीश काशीनाथ मराठे ने मोदी सरकार के राहत पैकेज पर सवाल उठाए थे. कहा था तीन महीने के मोरेटोरियम को नाकाफी बताया था और एनपीए में नरमी को राहत पैकेज का हिस्सा बनाने की मांग की थी.

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