सेंसेक्स 1,128 अंक चढ़कर 50,137 पर बंद, 14,845 पर निफ्टी

सेंसेक्स 1,128 अंक चढ़कर 50,137 पर बंद, 14,845 पर निफ्टी

सेंसेक्स बीते सत्र से 323.18 अंकों की बढ़त के साथ 49,331.68 पर खुला और दिनभर के कारोबार के दौरान 50,268.45 तक चढ़ा जबकि सेंसेक्स का निचला स्तर 49,331.68 रहा।

आईटी, धातु समेत तमाम सेक्टरों में आई जोरदार लिवाली से घरलू शेयर बाजार मंगलवार को गुलजार रहा। सेंसेक्स बीते सत्र से 1128.08 अंकों यानी 2.30 फीसदी की तेजी के साथ 50,136.58 पर बंद हुआ और निफ्टी बीते सत्र से 337.80 अंकों यानी 2.33 फीसदी की तेजी के साथ 14,845.10 पर ठहरा।

वैश्विक बाजारों से सकारात्मक संकेत मिलने से देश के शेयर बाजार में तेजी का रुझान बना रहा। बंबई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) के 30 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक सेंसेक्स बीते सत्र से 323.18 अंकों की बढ़त के साथ 49,331.68 पर खुला और दिनभर के कारोबार के दौरान 50,268.45 तक चढ़ा जबकि सेंसेक्स का निचला स्तर 49,331.68 रहा।

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) के 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी बीते सत्र से 121.20 अंकों की बढ़त के साथ 14,628.50 पर खुला और दिनभर के कारोबार के दौरान 14,876.30 तक चढ़ा जबकि निफ्टी का निचला स्तर 14,617.60 रहा।

बीएसई मिडकैप सूचकांक बीते सत्र से 196.22 अंकों यानी 0.98 फीसदी की तेजी के साथ 20,166.59 पर ठहरा। वहीं, स्मॉलकैप सूचकांक पिछले सत्र से 264.43 अंकों यानी 1.30 फीसदी की तेजी के साथ 20,543.39 पर बंद हुआ।

सेंसेक्स के 30 शेयरों में 27 शेयर बढ़त के साथ बंद हुए जबकि तीन शेयरों में मामूली गिरावट दर्ज की गई। सेंसेक्स के सबसे ज्यादा तेजी वाले पांच शेयरों में एचडीएफसी बैंक (4.11 फीसदी), एचसीएलटेक (3.91 फीसदी), इन्फोसिस (3.69 फीसदी), एनटीपीसी (3.60 फीसदी) और हिंदुस्तान यूनीलीवर (3.59 फीसदी) शामिल रहे। वहीं, सेंसेक्स के तीन गिरावट वाले शेयरों में एमएंडएम (0.74 फीसदी), एक्सिस बैंक (0.41 फीसदी) और भारती एयरटेल (0.17 फीसदी) शामिल रहे।

बीएसई के सभी 19 सेक्टरों के सूचकांक बढ़त के साथ बंद हुए जबकि सबसे ज्यादा बढ़त वाले पांच सेक्टरों में आईटी (3.51 फीसदी), टेक (3.09 फीसदी), धातु (2.54 फीसदी), हेल्थकेयर (2.35 फीसदी) और एफएमसीजी (2.24 फीसदी) शामिल रहे।

ट्रेड स्विफ्ट के डायरेक्टर संदीप कुमार जैन ने बताया कि वैश्विक बाजारों से मिले मजबूत संकेतों से घरेलू शेयर बाजार में तेजी लौटी है। उन्होंने कहा कि बीते सप्ताह आई भारी गिरावट के बाद जोरदार रिकवरी आई है। हालांकि उनका कहना है कि इसे आक्रमक तेजी नहीं कह सकते हैं क्योंकि कोरोना के गहराते कहर के चलते निवेशक सावधानी बरत रहे हैं।

जानकारों के मुताबिक वित्त वर्ष की समाप्ति होने से भी लिवाली आई है क्योंकि नकदी में लेन-देन अब नये वित्त वर्ष में होगा।

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