ब्रिस्बेन में जीत को पंत ने ज़िंदगी का सबसे बड़ा पल बताया तो कप्तान रहाणे बोले- इस ख़ुशी को बयां करना मुश्किल

ब्रिस्बेन में जीत को पंत ने ज़िंदगी का सबसे बड़ा पल बताया तो कप्तान रहाणे बोले- इस ख़ुशी को बयां करना मुश्किल

इसी के साथ भारत ने चार मैचों की सीरीज 2-1 से अपने नाम करते हुए बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी अपने पास ही रखी है। भारत की इस जीत की इबारत शुभमन गिल (91) और ऋषभ पंत (नाबाद 89) ने लिखी।

आस्ट्रेलिया द्वारा रखे गए 328 रनों के लक्ष्य के बाद भारत की जीत की उम्मीद नहीं थी लेकिन युवा कंधों ने टीम की जीत की जिम्मेदारी ली और भारत के खाते में ऐतिहासिक जीत डाली। इसी के साथ भारत ने चार मैचों की सीरीज 2-1 से अपने नाम करते हुए बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी अपने पास ही रखी है। भारत की इस जीत की इबारत शुभमन गिल (91) और ऋषभ पंत (नाबाद 89) ने लिखी।

गाबा इंटरनेशनल स्टेडियम में नाबाद 89 रनों की पारी खेल भारत को ऐतिहासिक जीत दिलाने वाले युवा बल्लेबाज ऋषभ पंत ने कहा है कि यह उनके 'जीवन का सबसे बड़ा पल है।'

पंत को उनकी बेहतरीन पारी के लिए मैन ऑफ दे मैच चुना गया।

पंत ने कहा, "यह मेरे जीवन का अभी तक सबसे बड़ा पल है। मैं इस बात से खुश हूं कि सपोर्ट स्टाफ और मेरी टीम के सभी साथियों ने तब मेरा साथ दिया जब मैं खेल नहीं रहा था। यह सपने जैसी सीरीज रही है।"

उन्होंने कहा, "टीम प्रबंधन ने हमेशा मेरा साथ दिया और हमेशा कहा कि आप मैच विजेता खिलाड़ी हो और आपको टीम के लिए मैच जीतने हैं। मैं हर दिन सोचता रहता था कि मुझे भारत के लिए मैच जीतने हैं और यह मैंने आज किया।"

भारत ने इस जीत के साथ चार मैचों की टेस्ट सीरीज 2-1 से अपने नाम करते हुए बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी अपने पास ही रखी है।

साथ ही साथ टीम की इस जीत से कार्यवाहक कप्तान अजिंक्य रहाणे भी बेहद खुश हैं। उन्होंने कहा है कि इस जीत को बयां करना मुश्किल है।

रहाणे ने मैच के बाद कहा, "यह जीत काफी मायने रखती है। मुझे नहीं पता कि इस जीत को कैसे बयां करूं। मुझे अपनी टीम के खिलाड़ियों पर गर्व है, हर किसी पर। हम सिर्फ अपना सर्वश्रेष्ठ देना चाहते थे परिणाम के बारे में नहीं सोच रहे थे।"

उन्होंने कहा, "जब मैं बल्लेबाजी करने गया था तो मेरे और चेतेश्वर पुजारा के बीच यही बात हो रही थी कि पुजारा को सामान्य बल्लेबाजी करनी हैं और मुझे अपने शॉट्स खेलने हैं क्योंकि हम जानते थे कि आगे पंत और मयंक हैं। पुजारा को श्रेय देना होगा। उन्होंने जिस तरह से दबाव का सामना किया वो शानदार है। अंत में पंत ने भी बेहतरीन काम किया।"

पंत ने 89 रनों की नाबाद पारी खेलते हुए टीम को जीत दिलाई और मैन ऑफ द मैच भी बने।

रहाणे ने टीम के बारे में कहा, "20 विकेट लेना अहम था। इसलिए हमने पांच गेंदबाज चुने। वॉशिंगटन सुंदर टीम में संतुलन लेकर आए। सिराज ने दो टेस्ट मैच खेले थे, सैनी ने एक मैच खेला था। ठाकुर ने भी एक मैच खेला था। नटारजन भी पदार्पण किया था। ऐसी टीम के साथ मैच और सीरीज जीतना कितना अहम है, यह शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता।"

भारत के लिए यह सीरीज आसान नहीं थी। एडिलेड में पहले टेस्ट मैच में मिली शर्मनाक हार के बाद भारत के नियमित कप्तान विराट कोहली भी अपने पहले बच्चे के जन्म के लिए स्वदेश लौट गए थे। ऐसे में सभी ने भारत को नकार दिया था। लेकिन रहाणे की कप्तानी में टीम ने बेहद दमदार वापसी की और मुख्य खिलाड़ियों के चोटिल होने के बाद भी ऐतिहासिक जीत दर्ज की।

रहाणे ने कहा, "एडिलेड में मिली हार के बाद हमने इस बात पर चर्चा ही नहीं की थी कि क्या हुआ था। हम सिर्फ अपना खेल खेलना चाहते थे, अच्छी सोच, मैदान पर अच्छी प्रतिद्वंदिता दिखाना चाहते थे। यह टीम प्रयास की बात है।"

आस्ट्रेलिया के नाथन लॉयन का यह करियर का 100वां टेस्ट मैच था। रहाणे ने बताया कि भारतीय टीम लॉयन को जर्सी भेंट करेगी।

रहाणे ने कहा, "भारतीय टीम लॉयन को 100वें टेस्ट मैच के लिए जर्सी तोहफे में देना चाहती है। मैं पूरी टीम की ओर से उन्हें 100वें टेस्ट की बधाई देता हूं।"

Keep up with what Is Happening!

No stories found.
Best hindi news platform for youth
www.yoyocial.news