कृष्ण जन्मभूमि की याचिका पर पक्षकार बनने को 2 याचिकाएं दायर
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कृष्ण जन्मभूमि की याचिका पर पक्षकार बनने को 2 याचिकाएं दायर

उत्तर प्रदेश के मथुरा की जिला अदालत में भगवान कृष्ण की जन्मभूमि से सटी 17वीं सदी की मस्जिद को हटाने के लिए एक मुकदमे की सुनवाई होनी है।

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उत्तर प्रदेश के मथुरा की जिला अदालत में भगवान कृष्ण की जन्मभूमि से सटी 17वीं सदी की मस्जिद को हटाने के लिए एक मुकदमे की सुनवाई होनी है।

अगले हफ्ते होने वाली इस सुनवाई से पहले ऑल इंडिया बॉडी ऑफ प्रीस्ट (पुरोहितों का संगठन) और एक सामाजिक संगठन ने बुधवार को इस मामले में पक्षकार बनने की अदालत में अपील दी है।

बुधवार को जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत में दायर अपने आवेदनों में अखिल भारतीय तीर्थ पुरोहित महासभा और माथुर चतुर्वेदी परिषद ने कटेश केशव देव मंदिर के अंदर बनी शाही ईदगाह मस्जिद को हटाने की याचिका की निंदा करते हुए दलील दी कि 'मुद्दा शहर में सांप्रदायिक अशांति पैदा कर सकता है।'

अखिल भारतीय तीर्थ पुरोहित महासभा के अध्यक्ष महेश पाठक ने बुधवार को मीडिया से कहा, "हम नहीं चाहते कि कोई भी शहर के शांतिपूर्ण माहौल को खराब करे और राम जन्मभूमि मुद्दे के बाद यह मामला अनावश्यक रूप से उठाया जा रहा है। सभी समुदाय के सदस्य खुशी-खुशी एक साथ यहां रह रहे हैं।"

उन्होंने कहा कि लोग मंदिर-मस्जिद मुद्दे के बजाय विकास और रोजगार सृजन चाहते हैं।

ताजा दलीलों में कहा गया है कि मामले की संवेदनशीलता को समझने की जरूरत है, क्योंकि यह मथुरा शहर के सांप्रदायिक सद्भाव को खराब कर सकता है।

पाठक ने कहा, "हम चाहते हैं कि यथास्थिति बनी रहे। मंदिर परिसर के विस्तार के लिए अतिरिक्त भूमि का अधिग्रहण किया जा सकता है।"

पुजारियों के निकाय की ओर से दिए गए आवेदन में यह भी कहा गया है कि पिछली याचिका में भूमि के स्वामित्व का दावा पूजा अधिनियम, 1991 के अनुसार नहीं था।

इससे पहले यह याचिका बाल देवता भगवान श्रीकृष्ण विराजमान की ओर से रंजना अग्निहोत्री और अन्य पांच लोगों ने दायर की थी। रंजना लखनऊ की रहने वाली हैं।

यह दावा किया कि मंदिर के 13.37 एकड़ के परिसर में स्थित मस्जिद भगवान कृष्ण के जन्मस्थान पर बनाई गई थी और इसे हटाने की मांग की गई है।

याचिका को निचली अदालत में खारिज कर दिया गया था, जिसके बाद याचिकाकर्ताओं ने पिछले महीने आदेश के खिलाफ जिला अदालत का रुख किया।

अपील को जिला न्यायाधीश साधना रानी ठाकुर की अदालत में दाखिल किया गया, जिन्होंने 18 नवंबर को मामले की सुनवाई निर्धारित की है। अदालत ने 18 सितंबर का ही दिन दोनों नई याचिकाओं के लिए भी निर्धारित किया है।

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