66.5 फीसदी लोग मानते हैं, अखबार सूचना का सबसे अहम स्रोत
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66.5 फीसदी लोग मानते हैं, अखबार सूचना का सबसे अहम स्रोत

75.5 प्रतिशत ने कहा कि वे सभी समाचारों और ताजा घटनाओं के समग्र कवरेज के लिए समाचारपत्र पढ़ना पसंद करते हैं, जबकि इस धारणा से 12.5 लोग असहमत थे।

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भारत के दो तिहाई से अधिक (66.5 फीसदी) लोगों का मानना है कि समाचारपत्र अभी भी जानकारी का सबसे महत्वपूर्ण स्रोत है। यह जानकारी आईएएनएस सी वोटर मीडिया ट्रैकर में सामने आई है।

अखिल भारतीय स्तर पर किए गए इस सर्वेक्षण में 66.5 प्रतिशत उत्तरदाता इस बात से सहमत नजर आए कि समाचारपत्र अभी भी जानकारी का सबसे महत्वपूर्ण स्रोत है, जबकि 29.2 प्रतिशत उत्तरदाताओं ने इस पर असहमति व्यक्त की।

कोविड-19 महामारी के समय में जानकारी के महत्व को देखा जाए तो 63.1 प्रतिशत लोगों ने कहा कि कोरोना के बाद पाठकों के लिए अखबार पढ़ना अधिक महत्वपूर्ण हो गया है, जबकि 31.2 प्रतिशत लोग इस बात से असहमत नजर आए।

75.5 प्रतिशत ने कहा कि वे सभी समाचारों और ताजा घटनाओं के समग्र कवरेज के लिए समाचारपत्र पढ़ना पसंद करते हैं, जबकि इस धारणा से 12.5 लोग असहमत थे।

सर्वेक्षण के दौरान सामने आया कि देश के 75.5 प्रतिशत लोगों का मानना है कि वे समग्र कवरेज करंट अफेयर्स के लिए समाचारपत्र पढ़ना पसंद करते हैं, जबकि केवल 12.5 प्रतिशत लोग ही इससे असहमत हैं।

अखबारों की तुलना टीवी न्यूज चैनल की बहस (डिबेट) के साथ किए जाने पर 72.9 प्रतिशत उत्तरदाताओं ने कहा कि एक अखबार की रिपोर्ट टीवी चैनल में चिल्लाकर होने वाली बहस से कहीं अधिक जानकारी देती है, जबकि 21.5 प्रतिशत लोग इससे असहमत रहे।

सर्वेक्षण में पाया गया कि समाचार को फोन पर सक्रिय रूप से साझा किया जाता है। सर्वे में 68.1 प्रतिशत लोगों ने कहा, "जब मैं कुछ महत्वपूर्ण पढ़ता हूं, तो मैं इसे फोन पर अन्य लोगों से साझा करता हूं।"

हालांकि, टीवी की पहुंच को देखते हुए 40 प्रतिशत लोगों ने टीवी समाचार चैनलों को सूचना के सबसे भरोसेमंद स्रोत के रूप में पहचाना। वहीं 29.2 प्रतिशत ने इस मामले में समाचारपत्र को तवज्जो दी। इसके अलावा 14.9 प्रतिशत ने सोशल मीडिया, 4.5 प्रतिशत ने रेडियो और एफएम और 2.5 प्रतिशत लोगों ने वेबसाइट पर भरोसा जताया।

टीवी चैनलों में विज्ञापन के कारण सिर्फ चीजें खरीदने के सवाल पर 76.5 प्रतिशत ने इस बात पर असहमति जताई, जबकि 19.3 प्रतिशत इससे सहमत दिखे।

74.5 प्रतिशत ने कहा कि टीवी चैनलों में विज्ञापन मनोरंजन वैल्यू के लिए अधिक हैं, जबकि 18.5 प्रतिशत इससे असहमत नजर आए।

सर्वे के दौरान 67.5 प्रतिशत लोगों ने कहा कि आईपीएल मैचों के दौरान बहुत अधिक विज्ञापन ब्रेक होते हैं, जबकि 12.7 असहमत रहे। इसके अलावा 65.2 प्रतिशत ने कहा कि वे बिना किसी ब्रेक के क्रिकेट मैच देखना चाहते हैं।

सर्वेक्षण में एक और महत्वपूर्ण बात का पता चला, जब 52.2 प्रतिशत उत्तरदाताओं ने कहा कि लाइव मैच देखने के बाद भी वे इसके बारे में अखबार में पढ़ना पसंद करते हैं, जबकि 30.2 प्रतिशत लोग इससे असहमत रहे। कुल 65 प्रतिशत लोगों ने कहा कि अखबारों में विज्ञापन अधिक उपयोगी हैं, जबकि 24.6 प्रतिशत इससे असहमत नजर आए।

इस सर्वेक्षण में पूरे भारत से सभी राज्यों के सभी जिलों से आने वाले 5,000 से अधिक उत्तरदाताओं से सवाल पूछे गए थे। यह सर्वेक्षण वर्ष 2020 में सितंबर के अंतिम सप्ताह और अक्टूबर के पहले सप्ताह में किया गया था।

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