डॉ. कफील खान को रिहा करने के हाई कोर्ट ने दिए आदेश, CAA को लेकर दिया था भड़काऊ भाषण
ताज़ातरीन

डॉ. कफील खान को रिहा करने के हाई कोर्ट ने दिए आदेश, CAA को लेकर दिया था भड़काऊ भाषण

इस केस की सुनवाई कर रही इलाहाबाद हाई कोर्ट की खंडपीठ में मुख्य न्यायाधीश गोविंद माथुर और जस्टिस सौमित्र दयाल सिंह थे। उन्होंने खान के खिलाफ रासुका (एनएसए) के आरोपों को रद्द कर दिया।

Yoyocial News

Yoyocial News

नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) को लेकर भड़काऊ भाषण देने के आरोप में गिरफ्तार किए गए डॉक्टर कफील खान को इलाहाबाद हाई कोर्ट ने जमानत दे दी है। हाई कोर्ट ने मंगलवार को डॉ. कफील खान की तुरंत रिहाई का आदेश दिया है। हाई कोर्ट ने डॉ. कफील खान पर रासुका लगाने के डीएम अलीगढ़ के आदेश और उसके कन्फर्मेशन को भी रद्द कर दिया है। कोर्ट ने कहा कि रासुका के तहत गिरफ्तारी अवैध है।

इस केस की सुनवाई कर रही इलाहाबाद हाई कोर्ट की खंडपीठ में मुख्य न्यायाधीश गोविंद माथुर और जस्टिस सौमित्र दयाल सिंह थे। उन्होंने खान के खिलाफ रासुका (एनएसए) के आरोपों को रद्द कर दिया।

इससे पहले, 28 अगस्त को कफील खान मामले में राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) निरुद्घ करने के खिलाफ दायर याचिका पर इलाहाबाद हाई कोर्ट में सुनवाई पूरी होने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया था। डॉ. खान पर नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) और एनआरसी को लेकर भड़काऊ भाषण देने के मामले में रासुका के तहत कार्रवाई की गई थी। डॉ. कफील को रासुका में निरुद्घ किए जाने को लेकर चुनौती दी गई थी। कफील की मां नुजहत परवीन की ओर से बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दाखिल की गई थी।

सीएए को लेकर भड़काऊ बयानबाजी करने के लिए जिलाधिकारी अलीगढ़ ने 13 फ रवरी 2020 को कफील खान को रासुका में निरुद्घ करने का आदेश दिया था। यह अवधि दो बार बढ़ाई जा चुकी है। याचिका में निरूद्घि की वैधता को चुनौती दी गई है। हालांकि कफील खान को गोरखपुर के गुलहरिया थाने में दर्ज एक मुकदमे में 29 जनवरी 2020 को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका था। जेल में रहते हुए रासुका तामील कराया गया है।

याची ने डॉ. कफील खान की रासुका को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। कोर्ट ने हाईकोर्ट को मूल पत्रावली भेजते हुए तय करने का आदेश दिया है। इस मामले में प्रदेश सरकार और याची के सीनियर वकील द्वारा पहले भी कई बार समय मांगा गया था।

Keep up with what Is Happening!

Best hindi news platform for youth
www.yoyocial.news