अमेरिकी विशेषज्ञ ने जताई आशंका, ठंड के मौसम में फिर कहर बरपा सकता है कोरोना
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अमेरिकी विशेषज्ञ ने जताई आशंका, ठंड के मौसम में फिर कहर बरपा सकता है कोरोना

अमेरिकी सरकारी संस्था सीडीसी के प्रमुख डॉ. रॉबर्ट रेडफील्ड ने कहा है कि जिस प्रकार से दक्षिणी गोलार्ध में कोविड-19 के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं. उससे यही आशंका है कि यह शरद ऋतु और सर्दियों में अमेरिका में फिर चरम पर लौट सकता है.

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दुनियाभर में कहर बरपा रहे कोरोना वायरस से अब तक संक्रमण के 51.24 लाख से अधिक मामले सामने आ चुके हैं. साथ ही 33 हजार से अधिक मौतें हो चुकी हैं. इसके संकट से उबरने के लिए लोग इस महामारी की वैक्‍सीन का इंतजार भी कर रहे हैं, मगर अब तक यह इजाद नहीं हो पाई है. इस बीच अमेरिका के स्‍वास्‍थ्‍य अधिकारी ने आशंका जताई है कि ठंडियों के मौसम में कोरोना का प्रकोप एक बार फिर अमेरिका पर मंडरा सकता है. ऐसे में अगर ये अमेरिका में दोबारा फैला तो पूरी दुनिया फिर खतरे का सामना करेगी.

एक खबर के मुताबिक अमेरिका की सरकारी संस्था सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (सीडीसी) के प्रमुख डॉक्टर रॉबर्ट रेडफील्ड ने कहा है कि जिस प्रकार से दक्षिणी गोलार्ध में कोविड-19 के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं. उससे यही आशंका है कि यह शरद ऋतु और सर्दियों में अमेरिका में फिर चरम पर लौट सकता है.

अमेरिकी स्वास्थ्य अधिकारी ने कहा कि अमेरिका को अगले कुछ महीनों में महामारी की पहचान करने की अपनी क्षमता बढ़ानी होगी. अगर ऐसा नहीं होता है तो तब संकट पैदा हो जाएगा जब कोविड-19 और मौसमी फ्लू दोनों का खतरा एक साथ सामने आ जाएगा.

डॉ. रॉबर्ट ने कहा 'हमने इस बात के प्रमाण देखे हैं कि ये पहले फ्लू की तरह दक्षिणी गोलार्द्ध में जाएगा, जैसे कि अभी ये ब्राजील में है. जब दक्षिणी गोलार्ध में इसका प्रकोप पूरा होगा तो मुझे आशंका है कि ये फिर उत्तरी गोलार्द्ध की ओर बढ़ेगा.' रॉबर्ट ने कहा कि कोरोना वायरस ने अमेरिका को घुटनों पर ला दिया है. सच्चाई ये है कि ये किसी एक व्यक्ति का दोष नहीं है. अमेरिका कई दशकों से इस तरह के संकट के लिए तैयार नहीं था.

अमेरिकी रक्षा मंत्रालय के मुख्यालय पेंटागन के दस्तावेजों के मुताबिक कहा गया है कि 2021 में जून-जुलाई महीने तक कोरोना वैक्सीन उपलब्ध नहीं हो पाएगी. वहीं यह भी आशंका जताई गई है कि कोरोना एक बार फिर गंभीर रूप से फैल सकता है. अमेरिकी सेना के लीक हुए दस्तावेजों से ये खुलासा हुआ है. मगर इस बयान की आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है.

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