अनिल विज ने लिया गुरुग्राम में कानून व्यवस्था की स्थिति का जायजा

मंत्री ने विशेष रूप से जघन्य अपराध की स्थिति के बारे में रिपोर्ट मांगी। प्रत्येक डीसीपी से पूछा गया कि उनके क्षेत्र में जघन्य अपराधों के कितने मामले लंबित हैं और उनके पीछे क्या कारण हैं।
अनिल विज ने लिया गुरुग्राम में कानून व्यवस्था की स्थिति का जायजा

हरियाणा के गृह एवं स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने बुधवार को गुरुग्राम पुलिस के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक की। तीन घंटे की बैठक के दौरान, विज ने गुरुग्राम पुलिस के संबंधित क्षेत्र के पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) से क्षेत्रवार कानून व्यवस्था की जानकारी प्राप्त की।

मंत्री ने विशेष रूप से जघन्य अपराध की स्थिति के बारे में रिपोर्ट मांगी। प्रत्येक डीसीपी से पूछा गया कि उनके क्षेत्र में जघन्य अपराधों के कितने मामले लंबित हैं और उनके पीछे क्या कारण हैं।

बैठक के दौरान विज ने सभी डीसीपी को निर्देश दिए कि वे सप्ताह में कम से कम एक थाने का दौरा करें और वहां के रजिस्टर में भी एंट्री करें। इसके अलावा उन्होंने पुलिस अधिकारियों को अपने कार्यालय में प्रतिदिन सुबह 11 बजे से दोपहर 12 बजे तक जनता दरबार आयोजित करने का आदेश दिया। उन्होंने यह भी कहा कि जनता की प्रतिक्रिया प्राप्त करने के लिए उनके संबंधित क्षेत्रों में प्रत्येक डीसीपी स्तर पर प्रतिष्ठित व्यक्तियों की एक समिति बनाई जानी चाहिए।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सब कुछ ऑन रिकॉर्ड हो और जिस पर मामला दर्ज किया जा सके। तुरंत शिकायत दर्ज करें और शिकायतकर्ता को मामला खारिज होने की सूचना भी दें।

विज ने गुरुग्राम में ट्रैफिक व्यवस्था का भी जायजा लिया और कहा कि ट्रैफिक जाम वाले स्थानों की पहचान कर योजना बनाई जाए। साइबर क्राइम पर चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि राज्य के हर जिले में साइबर पुलिस थाना होना चाहिए।

गुरुग्राम में साइबर क्राइम सेल की देखरेख कर रहे एसीपी करण गोयल ने गृह मंत्री को बताया कि इस सेल में 54 कर्मचारी काम कर रहे हैं, जिनमें से 27 जांच अधिकारी के तौर पर काम कर रहे हैं। इन सभी ने मधुबन में साइबर क्राइम कंट्रोल का प्रशिक्षण प्राप्त किया है। इतना ही नहीं अधिक जटिल मामलों में पुलिस आयुक्त से अनुमति लेकर निजी विशेषज्ञों को भी नियुक्त किया जाता है।

एसीपी ने बताया कि गुरुग्राम में साइबर थाना खुलने के बाद से अब तक लगभग 16,500 शिकायतें प्राप्त हुई हैं, जिनमें से लगभग 12,500 का समाधान किया जा चुका है। उन्होंने यह भी बताया कि इन साइबर अपराध की घटनाओं के निपटारे के कारण शिकायतकतार्ओं को 1.80 करोड़ रुपये की राशि भी वापस कर दी गई है।

बैठक के दौरान गुरुग्राम के पुलिस आयुक्त के.के. राव ने गृह मंत्री को यह भी अवगत कराया था कि गुरुग्राम जिले में 8,221 स्वीकृत पद हैं, जिनमें से 5,850 भरे हुए हैं और अभी भी 2,370 पद खाली हैं।

डीसीपी ट्रैफिक रविंदर तोमर ने गुरुग्राम में ट्रैफिक की जानकारी साझा करते हुए बताया कि उल्लंघन करने वालों को पोस्टल चालान के जरिए चालान भेजा जा रहा है।

पुलिस आयुक्त केके राव ने मंत्री को यह भी बताया कि शस्त्र लाइसेंस के नवीनीकरण के कार्य को सुचारू कर दिया गया है।

उन्होंने मंत्री को सूचित किया, "नवीनीकरण की तारीख से 15 दिन पहले संबंधित व्यक्ति को एक एसएमएस भेजकर सूचित किया जाता है। उसके बाद एक दिन पहले फिर से संदेश भेजा जाता है और नवीनीकरण के बाद भी, आवेदक को सूचित किया जा रहा है।"

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