भारत के आठ हजार करोड़पति दूसरे देशों में बसने को तैयार

भारत के आठ हजार करोड़पति दूसरे देशों में बसने को तैयार हैं। बेहतर जीवनशैली, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं के कारण इन लोगों ने यह फैसला लिया है। ब्रिटेन की हेनले एंड पार्टनर्स फर्म ने अपनी एक रिपोर्ट में यह दावा किया है।
भारत के आठ हजार करोड़पति दूसरे देशों में बसने को तैयार

भारत के आठ हजार करोड़पति दूसरे देशों में बसने को तैयार हैं। बेहतर जीवनशैली, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं के कारण इन लोगों ने यह फैसला लिया है। ब्रिटेन की हेनले एंड पार्टनर्स फर्म ने अपनी एक रिपोर्ट में यह दावा किया है।

भारत ही नहीं, 7.60 करोड़ रुपये की कुल संपत्ति वाले कई लोगों का अपने ही देश से मोहभंग हो रहा है। रूस के 15 हजार करोड़पति इस साल के अंत तक दूसरे देशों में बस जाएंगे। यह आंकड़ा देश में मौजूद कुल ऐसे करोड़पतियों का 15 फीसदी हिस्सा है। रिपोर्ट के मुताबिक, यूक्रेन पर हमले के बाद रूसी अमीरों का व्लादिमीर पुतिन के शासन से मोहभंग हुआ है। ज्यादातर रूसी अमीर संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) को अपना ठिकाना बनाना चाहते हैं।

यूक्रेन के 2800 अमीर छोड़ रहे देश

रूस की बमबारी में तबाह यूक्रेन के 2800 करोड़पति साल के अंत तक देश छोड़ देंगे। यह आंकड़ा देश में मौजूद कुल ऐसे करोड़पतियों का 42 फीसदी हिस्सा है। जनसंख्या और अमीरों के औसत के अनुसार यह सबसे बड़ा आंकड़ा है।

यूएई बन रहा पसंदीदा ठिकाना

पारंपरिक रूप से दुनियाभर के अमीरों का पसंदीदा ठिकाना अमेरिका और ब्रिटेन रहे हैं। लेकिन अब यूएई करोड़पति प्रवासियों का नंबर एक पसंदीदा ठिकाना बन सकता है। अमेरिका और ब्रिटेन में जारी मंदी के बाद यूएई करोड़पतियों को लुभा रहा है। यूएई इसी साल इस दौड़ में सबसे आगे निकल सकता है क्योंकि चार हजार करोड़पति यहां इस साल बसने वाले हैं, जो किसी अन्य देश की तुलना में सबसे बड़ी संख्या है।

इन देशों में बसने वाले अमीरों की संख्या

यूएई 4000

ऑस्ट्रेलिया 3500

सिंगापुर 2800

इजरायल 2500

स्विट्जरलैंड 2200

अमेरिका 1500

पुर्तगाल 1300

ग्रीस 1200

कनाडा 1000

न्यूजीलैंड 800

इन देशों को छोड़ने वाले अमीरों की संख्या

रूस 15000

चीन 10000

भारत 8000

यूक्रेन 2800

ब्राजील 2500

ब्रिटेन 1500

मेक्सिको 800

इंडोनेशिया 600

सऊदी अरब 600

पांच बड़ी वजहें

- कारोबार के लिए अनुकूल माहौल

- बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं

- टैक्स बचाने के लिए

- विवादित संपत्तियां बचाने के लिए

- प्रदूषण से बचने के लिए

भारत के अमीरों की पसंदीदा जगह

- अमेरिका : 10 लाख डॉलर का निवेश करने के डेढ़ साल बाद ग्रीन कार्ड के लिए आवेदन कर सकते हैं।

- ग्रेनाडा : 20 लाख डॉलर का निवेश करने के बाद नागरिकता के लिए आवेदन कर सकते हैं।

- ब्रिटेन : 20 लाख यूरो के निवेश के दो साल बाद स्थायी निवास के लिए आवेदन कर सकते हैं।

- कनाडा : छह लाख डॉलर से ज्यादा संपत्ति वाले दो लाख डॉलर का निवेश कर स्थायी निवास पा लेते हैं।

- सिपरस : 20 लाख यूरो का निवेश कर पूरे परिवार को नागरिकता मिल सकती है।

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