उत्तर प्रदेश: फर्जी दावे के मामले में बार काउंसिल ऑफ इंडिया ने 28 वकीलों को किया निलंबित

बार काउंसिल ऑफ इंडिया ने कहा कि उसने उ.प्र. के उन 28 वकीलों को निलंबित कर दिया है।
उत्तर प्रदेश: फर्जी दावे के मामले में बार काउंसिल ऑफ इंडिया ने 28 वकीलों को किया निलंबित

बार काउंसिल ऑफ इंडिया ने कहा कि उसने उत्तर प्रदेश के उन 28 वकीलों को निलंबित कर दिया है, जिनके नाम कामगार मुआवजा के तहत मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण के समक्ष कथित रूप से फर्जी मुआवजे के दावे दाखिल करने के लिए प्राथमिकी या आरोपपत्र में सूचीबद्ध थे।

शीर्ष बार निकाय ने एक आधिकारिक बयान में कहा कि सुप्रीम कोर्ट के हालिया आदेश, जिसमें यह देखा गया कि इलाहाबाद उच्च न्यायालय द्वारा लखनऊ में एसआईटी को संदिग्ध दावों के मामलों की जांच के लिए दिए गए निर्देश के परिणामस्वरूप 233 ऐसी विभिन्न बीमा कंपनियों के दावों को डिफॉल्ट रूप से खारिज कर दिया गया। ट्रिब्यूनल द्वारा कुल 300,76,40,000 रुपये की विभिन्न दावा याचिकाएं खारिज कर दी गईं।

बीसीआई ने आगे शीर्ष अदालत के बयान का हवाला देते हुए कहा कि अब तक विभिन्न जिलों में दर्ज 92 आपराधिक मामलों में से, जिसमें 55 मामलों में 28 अधिवक्ताओं को आरोपी के रूप में नामित किया गया है, 32 मामलों में जांच समाप्त हो गई है और चार्जशीट दायर की गई है। बाकी मामलों में जांच लंबित बताई जा रही है।

अदालत के पिछले आदेश के अनुपालन में बीसीआई अध्यक्ष मनन कुमार मिश्रा मामले की सुनवाई कर रही पीठ के समक्ष पेश हुए। सुनवाई के दौरान उन्होंने कहा कि यूपी बार काउंसिल फर्जी दावे दायर करने वाले अधिवक्ताओं के नाम साझा नहीं कर रही है।

शीर्ष बार निकाय ने कहा कि 19 नवंबर को एक बैठक हुई, जिसमें 28 अधिवक्ताओं को निलंबित करने का निर्णय लिया गया।

इसने बार काउंसिल ऑफ यूपी को इन वकीलों के खिलाफ जांच करने और तीन महीने के भीतर एक रिपोर्ट देने का भी निर्देश दिया।

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