प्रवासी मजदूरों का हाल देख चिंतित हुई भाजपा, मिशन मोड में सहायता पहुंचाने का निर्देश
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प्रवासी मजदूरों का हाल देख चिंतित हुई भाजपा, मिशन मोड में सहायता पहुंचाने का निर्देश

भाजपा के शीर्ष नेतृत्व ने पार्टी कार्यकर्ताओं से कहा है कि जिस तरह से उन्होंने लॉकडाउन के दौरान करोड़ों जरूरतमंदों की मदद की, अब उसी तरह से मिशन मोड में प्रवासी मजदूरों की हर तरह की सहायता करने की जरूरत है।

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महाराष्ट्र, गुजरात और दिल्ली आदि शहरों से लॉकडाउन के बीच हजारों मजदूरों का पैदल ही सैकड़ों किलोमीटर दूर घरों के लिए कूच करना भाजपा को चिंतित कर गया है।

विपक्ष ने जिस आक्रामक अंदाज में प्रवासी मजदूरों को मुद्दा बनाया उससे असहज हुई भाजपा अब काउंटर करने में जुटी है।

भाजपा के शीर्ष नेतृत्व ने पार्टी कार्यकर्ताओं से कहा है कि जिस तरह से उन्होंने लॉकडाउन के दौरान करोड़ों जरूरतमंदों की मदद की, अब उसी तरह से मिशन मोड में प्रवासी मजदूरों की हर तरह की सहायता करने की जरूरत है।

भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा इस बीच लगातार वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए भाजपा कार्यकर्ताओं से सड़क पर पैदल जा रहे लोगों को जूते, चप्पल, लंच पैकेट, बच्चों को दूध आदि उपलब्ध कराने के लिए कह रहे हैं।

उन्होंने यह भी कहा है कि गरीब मजदूरों को समझा बुझाकर रेल और बस सेवाओं से यात्रा करने के लिए ही प्रेरित किया जाए ताकि ट्रकों या पैदल असुरक्षित रूप से सफर करने पर उनकी जान को कोई जोखिम न रहे।

भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता गोपाल कृष्ण अग्रवाल ने आईएएनएस से कहा, "प्रवासी मजदूरों का मुद्दा केंद्र और राज्य सरकार से ज्यादा जुड़ा है। लेकिन भाजपा नेतृत्व ने पार्टी कार्यकर्ताओं को मजदूरों की हर संभव मदद के लिए निर्देश दिया है। सभी पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं से कहा गया है कि वे गाड़ी में हमेशा लंच पैकेट रखें। आसपास सड़क से कहीं प्रवासी मजदूर जाते दिखें तो उन्हें लंच पैकेट उपलब्ध कराएं। जूते-चप्पल भी दें। लेकिन मदद के दौरान लॉकडाउन और सोशल डिस्टैंसिंग का पूरी तरह पालन करें।"

भाजपा प्रवक्ता ने बताया कि पार्टी कार्यकर्ताओं को क्वारंटाइन सेंटर्स की समस्याओं का भी पता लगाने को कहा गया है।भाजपा प्रवक्ता गोपाल कृष्ण अग्रवाल इस बात को खारिज करते हैं कि प्रवासी मजदूरों की समस्या से निपटने में केंद्र सरकार से किसी तरह की चूक हुई।

वह कहते हैं कि रेल मंत्रालय अधिक से अधिक ट्रेनें चलाकर प्रवासी मजदूरों को उनके राज्य भेजना चाहता है। लेकिन गैर भाजपा शासित राज्य असहयोग कर रहे हैं।

गोपाल कृष्ण अग्रवाल ने आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि एक तरफ भाजपा शासित उत्तर प्रदेश की सरकार रेल मंत्रालय से अनुरोध कर छह सौ ट्रेनें चलवाती है तो दूसरी तरफ पश्चिम बंगाल की ममता बनर्जी सरकार ने अब तक सिर्फ नौ ट्रेनों को ही मंजूरी दी।

इसी तरह से राजस्थान और झारखंड ने भी ट्रेनों को मंजूरी देने में कोताही बरती है। जिससे इन राज्यों के प्रवासी मजदूर रेल सुविधाओं का लाभ नहीं उठा पा रहे हैं।

मीटिंग में उठ चुका है मुद्दा :

पार्टी सूत्रों का कहना है कि भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के घर बीते दिनों सरकार के कुछ वरिष्ठ मंत्रियों और पार्टी नेताओं की बैठक में प्रवासी मजदूरों का मुद्दा जोरशोर से गूंजा था।

इस दौरान कहा गया कि अगर प्रवासी मजदूरों के मुद्दे पर जरा भी ढिलाई बरती गई तो अब तक बड़े पैमाने पर संचालित राहत कार्यो पर पानी फिर सकता है।

इस नाते जिस तरह से भाजपा ने अन्नपूर्णा अभियान चलाया, उसी तरह से प्रवासी मजदूरों की सहायता का अभियान भी चलाना होगा। जिसके बाद सभी राज्यों की इकाइयों को प्रवासी मजदूरों के मुद्दे को बेहतर तरीके से हैंडल करने का निर्देश दिया गया है।

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