तृणमूल युवा नेता के भाई की गिरफ्तारी पार्टी के लिए बन सकती है नई मुसीबत

तृणमूल युवा नेता के भाई की गिरफ्तारी पार्टी के लिए बन सकती है नई मुसीबत

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की ओर से तृणमूल कांग्रेस के युवा नेता विनय मिश्रा के भाई विकास मिश्रा की गिरफ्तारी से पश्चिम बंगाल में सत्तारूढ़ पार्टी के लिए और अधिक परेशानी खड़ी हो सकती है, क्योंकि एजेंसी की जांच से पता चला है कि...

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की ओर से तृणमूल कांग्रेस के युवा नेता विनय मिश्रा के भाई विकास मिश्रा की गिरफ्तारी से पश्चिम बंगाल में सत्तारूढ़ पार्टी के लिए और अधिक परेशानी खड़ी हो सकती है, क्योंकि एजेंसी की जांच से पता चला है कि उक्त अपराध 1,300 करोड़ रुपये की भारी धनराशि से जुड़ा है।

ईडी ने विकास मिश्रा को मंगलवार को दिल्ली से गिरफ्तार किया था, जिसके बाद अदालत ने उसे छह दिनों के लिए एजेंसी की हिरासत में भेज दिया। ईडी की जांच अवैध कोयला तस्करी के मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) द्वारा दर्ज एक प्राथमिकी पर आधारित है।

सीबीआई ने रैकेट के कथित किंगपिन अनूप मांझी उर्फ लाला, ईस्टर्न कोलफील्ड लिमिटेड के जनरल मैनेजर अमित कुमार धर और जयेश चंद्र राय, ईसीएल चीफ ऑफ सिक्योरिटी तन्मय दास, क्षेत्र सुरक्षा निरीक्षक कुनुस्तोरिया धनंजय राय और कजोरा क्षेत्र के सुरक्षा प्रभारी देबाशीष मुखर्जी के खिलाफ मामला दर्ज किया था।

सीबीआई ने इस साल के शुरू में इस मामले में नाम सामने आने के बाद मिश्रा बंधुओं के खिलाफ लुक आउट सकरुलर (एलओसी) जारी किया था।

ईडी के एक अधिकारी ने यहां कहा कि मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज होने के बाद, एजेंसी ने पिछले दो महीनों में कोलकाता और दिल्ली में 49 खोज अभियान चलाए, जिसमें कई गुप्त दस्तावेज बरामद हुए।

अधिकारी ने कहा कि वित्तीय जांच एजेंसी ने मामले के संबंध में 40 से अधिक लोगों के बयान भी दर्ज किए हैं।

अधिकारी ने कहा, "जांच के दौरान ईडी ने सबूत जुटाए, जिसमें बताया गया है कि मुख्य आरोपी मांझी द्वारा अवैध कोयला तस्करी से उत्पन्न अपराध की आय 1,300 करोड़ रुपये है।"

उन्होंने कहा कि इस राशि का एक बड़ा हिस्सा विनय मिश्रा और उनके भाई को मिला।

पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनावों से पहले ईडी और सीबीआई द्वारा की गई कार्रवाइयों ने चुनावी राज्य में सरगर्मी बढ़ दी है, जहां सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के बीच कांटे का मुकाबला होने की उम्मीद जताई जा रही है और दोनों ही दलों के नेताओं की ओर से जुबानी जंग चल रही है।

सीबीआई ने अवैध कोयला तस्करी मामले में तृणमूल कांग्रेस के सांसद अभिषेक बनर्जी की पत्नी रुजिरा बनर्जी और उनकी साली मेनका गंभीर से भी पूछताछ की है।

एजेंसी ने मामले के संबंध में गंभीर के पति अंकुश अरोड़ा और उनके ससुर पवन अरोड़ा का बयान दर्ज किया है। अभिषेक बनर्जी पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल सुप्रीमो ममता बनर्जी के भतीजे हैं।

रुजिरा और गंभीर की पूछताछ के बाद, सीबीआई की टीम ने 26 फरवरी को कोलकाता में रणधीर कुमार बर्नवाल नामक एक व्यापारी के परिसरों में भी तलाशी ली।

केंद्रीय एजेंसियों की कार्रवाइयां महत्वपूर्ण हैं, क्योंकि 294-सदस्यीय पश्चिम बंगाल विधानसभा के लिए 27 मार्च, 1 अप्रैल, 6 अप्रैल, 10 अप्रैल, 17 अप्रैल, 22 अप्रैल, 26 अप्रैल और 29 अप्रैल को आठ चरणों में मतदान होना है। चुनावी परिणाम 2 मई को घोषित किए जाएंगे।

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