कैबिनेट का बड़ा फैसला, अब RBI के तहत आ जाएंगे 1500 से ज्यादा सहकारी बैंक, देखें- ग्राहकों पर क्या होगा असर...

जावड़ेकर ने कहा कि आज अंतरिक्ष विज्ञान और बैकों को लेकर में बड़े सुधार के अध्यादेश को मंजूरी दी गई है. अब सरकारी बैंक (अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक हो या मल्टी स्टेट को-ऑपरेटिव बैंक) रिजर्व बैंक के सुपर विजन पॉवर में आ जाएंगे.
कैबिनेट का बड़ा फैसला, अब RBI के तहत आ जाएंगे 1500 से ज्यादा सहकारी बैंक, देखें- ग्राहकों पर क्या होगा असर...

पीएम नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में सहकारी बैंकों के लेकर बड़ा फैसला हुआ है. सूचना एवं प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर के ऑनलाइन प्रेस कॉन्फ्रेस करते हुए इन फैसलों की जानकारी दी है. नए फैसले के तहत अब सहकारी बैंक भारतीय रिजर्व बैंक की निगरानी में आ गए है. इससे ग्राहकों के रुपए सुरक्षित रहेगा.

सहकारी बैंकों को आरबीआई के अधीन रखने को लेकर अध्यादेश का फैसला लिया गया है. खाताधारकों की चिंताओं को दूर करने के लिए यह फैसला लिया गया है. नियमों में बदलाव के बाद भी सहकारी बैंकों के प्रबंधन का जिम्मा रजिस्ट्रार के पास ही रहेगा.

यह बदलाव बैंकों की वित्तीय मजबूती के लिए किया गया है और इन बैंकों में सीईओ की नियुक्ति के लिए जरूरी अर्ह्ता की स्वीकृति भी आरबीआई से लेनी होगी.

जावड़ेकर ने कहा कि आज अंतरिक्ष विज्ञान और बैकों को लेकर में बड़े सुधार के अध्यादेश को मंजूरी दी गई है. अब सरकारी बैंक (अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक हो या मल्टी स्टेट को-ऑपरेटिव बैंक) रिजर्व बैंक के सुपर विजन पॉवर में आ जाएंगे.

जावड़ेकर ने कहा कि 1,482 शहरी सहकारी बैंकों और 58 बहु-राज्य सहकारी बैंकों सहित सरकारी बैंकों को अब आरबीआई की सुपर विजन के तहत लाया जा रहा है. आरबीआई की शक्तियां जैसे अनुसूचित बैंकों पर लागू होती हैं, वैसे ही सहकारी बैंकों पर भी लागू होंगी.

जावड़ेकर ने कहा कि आरबीआई के सुपरविजन में 1,540 सहकारी बैंकों को लाने का फैसले से इनके खाताधारकों को फायदा मिलेगा. इन बैंकों में 8.6 करोड़ से अधिक जमाकर्ताओं को आश्वासन देगा कि इन बैंकों में जमा 4.84 लाख करोड़ रुपये सुरक्षित रहेंगे.

जावड़ेकर ने कहा कि केंद्रीय मंत्रिमंडल बैठक में बहुत अहम फैसले लिए गए हैं. अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में बहुत बड़ा सुधार किया है. आज तक हमने अंतरिक्ष में अच्छा विकास किया है अब ये एक तरह से सभी के उपयोग के लिए खोले जा रहे हैं. कुशीनगर एयरपोर्ट को अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा घोषित किया जा रहा है.

जावड़ेकर ने कहा कि केंद्रीय कैबिनेट ने अन्य पिछड़ा वर्ग के भीतर उप-वर्गीकरण के मुद्दे की जांच के लिए गठित आयोग का कार्यकाल और 6 महीने यानी 31 जनवरी, 2021 तक बढ़ाने की मंजूरी दी है.

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