वाराणसी: स्कूल सहायिका के बच्चों का गुलाल बम, होली पर देगा चीन को टक्कर

वाराणसी: स्कूल सहायिका के बच्चों का गुलाल बम, होली पर देगा चीन को टक्कर

होली पर चीन को टक्कर देने के लिए स्कूल सहायिका के बच्चों ने एक गुलाल बम बनाया है। इसकी मदद से बिना किसी के करीब आये उसे रंगों से सराबोर किया जा सकेगा। होली पर चीन के व्यापार को यह गुलाल बम कड़ी प्रतियोगिता देने में काफी हद तक सफल हो सकता है।

होली पर चीन को टक्कर देने के लिए स्कूल सहायिका के बच्चों ने एक गुलाल बम बनाया है। इसकी मदद से बिना किसी के करीब आये उसे रंगों से सराबोर किया जा सकेगा। होली पर चीन के व्यापार को यह गुलाल बम कड़ी प्रतियोगिता देने में काफी हद तक सफल हो सकता है।

यह दोनों बच्चे प्रधानमंत्री मोदी के संसदीय क्षेत्र के स्कूल में सहायक के बच्चे हैं। अपेक्षा ने अपने साथी लकी के साथ मिलकर एक ऐसा बम गिफ्ट बनाया है जिसे थामते ही आप रंगों में सराबोर हो जाएंगे। अनायास ही खिलखिला उठेंगे।

चाइना निर्मित रंग बम के स्थान पर यह भारतीय डोरेमन गुलाल बम की खुमारी छाने लगी। भारतीय गुलाल बम को बनाने वाली अपेक्षा ने बताया कि, "होली में इस बार चयनीज बम फेल हो गये हैं। उनके स्थान पर हमारा डोरेमोन बम सभी को अच्छा लगेगा।

कोरोना को देखते हुए इसे हम लोगों ने तैयार किया है। इसे बनाने में हमारे खिलौने ही प्रयोग हुए हैं। उन्होंने बताया कि इसके दो पार्ट हैं। एक गिफ्ट बॉक्स दूसरा रिमोट है। गिफ्ट बॉक्स में एक सर्किट लगा है। जो रिमोट के कमांड से चलता है। जैसे ही रिमोट दबता है वैसे ही गिफ्ट बॉक्स में रखा गुब्बारा फूट जाएगा। उसका कलर व्यक्ति को सराबोर कर देगा और गुलाल की खुशबू फिजाओं में बिखर जाएगी।"

भारतीय गुलाल बम के आगे चाइना का बम फेल हो गया है। बाजार से गायब हुए दूसरे देश के बम के स्थान पर अपने देश में बना गुलाल बम खास तरीके से तैयार किया गया है।

उन्होंने बताया कि इसे कोरोना को देखते हुए बनाया है। यह मेक इन इंडिया से प्रेरित है। बच्चों का यह गैजेट डोरेमोन कोरोना संक्रमण में एक दूसरे को छुए बगैर अपने दोस्तों व रिश्तेदारों पर रंग डालने के लिये बहुत कारगर होगा। अभी तक मार्केट में डोरेमोन पिचकारी थी। लेकिन अब होली कलर बम भी देखने को मिलेंगे।

लकी ने बताया कि बिना अपने हाथों में रंग लगाये हम अपने दोस्तों पर इस गैजेट से वाटर रंग के साथ सूखे गुलाल अबीर भी डाल सकते हैं। बॉक्स के अंदर 300 ग्राम तक के वाटर रंग को बैलून में भर कर रखा जा सकता है। 200 ग्राम तक सूखे गुलाल अबीर रखे जा सकते हैं।

देखने में बच्चों का ये गैजेट एक गिफ्ट पैकेट की तरह है। इस पैकेट बॉक्स के अपने दोस्तों को भेट कर सकते हैं। इस बॉक्स का एक रिमोट होता है दोस्तों के हाथों में गिफ्ट बॉक्स देने के बाद अपने रिमोट के बटन को दबा दें बटन दबाते ही गिफ्ट बॉक्स में रखा वाटर कलर या गुलाल अबीर आपके दोस्तों के ऊपर निकल कर गिर जायेगा।

इस बॉक्स में एक मोटर लगा है जिसमें एक पिन लगा होता है। बॉक्स में रखे वाटर बैलून के नजदीक एक नुकीली पिन होती हैं जो एक खिलौने के रिमोट से एक्टिवेट होता है।

अपने दोस्त के हाथों में गिफ्ट बॉक्स देने के बाद हम रिमोट के बटन को दबा देते हैं, जिससे 1 सेकेण्ड में गिफ्ट बॉक्स के अंदर रखे रंग से भरे गुब्बारे में पिन टच हो जाता और बैलून फट जाता हैं, फिर बस आपके दोस्त रंगो में सराबोर हो जाते हैं। खिलौनों के पार्ट्स से तैयार हुए इस डोरोमोन कलर बम को स्कूल में लोग काफी पसंद भी कर रहे हैं।

सक्षम इंग्लिश स्कूल ट्रस्ट की संस्थापक सुबिना चोपड़ा कोरोना काल में बच्चों का अनमोल तोहफा बनाने वाले लकी और अपेक्षा के नवाचार को सराहा है। उन्होंने बताया कि इन बच्चों की मां बहुत लगन से हमारे यहां साफ-सफाई का काम करती है। बच्चे पढ़ने में अच्छे हैं। इनके ऐसे प्रयोग से बच्चों का भविष्य उज्जवल होगा।

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