SFIO ने चीन से जुड़ी शेल कंपनियों के मास्टरमाइंड को किया गिरफ्तार, भारत से भागने की कर रहा था कोशिश

कॉरपोरेट मामलों के मंत्रालय ने रविवार सुबह एक बयान में कहा कि डोर्टे पूरे रैकेट का मास्टरमाइंड है। हालांकि, उसकी गिरफ्तारी शनिवार को की गई थी।
SFIO ने चीन से जुड़ी शेल कंपनियों के मास्टरमाइंड को किया गिरफ्तार, भारत से भागने की कर रहा था कोशिश

भारत में चीन से जुड़ी शेल (मुखौटा) कंपनियों के खिलाफ SFIO ने एक बड़ी कार्रवाई की है। SFIO ने मुख्य साजिशकर्ता और रैकेट मास्टरमाइंड डॉर्टसे को गिरफ्तार किया है। कॉर्पोरेट मामलों के मंत्रालय ने बताया कि SFIO ने कल जिलियन कंसल्टेंट्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक डॉर्टसे नाम के एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। वह भारत में चीनी लिंक वाली बड़ी संख्या में मुखौटा कंपनियों को शामिल करने और अपने बोर्ड में डमी निदेशक प्रदान करने के रैकेट का मास्टरमाइंड है।

मास्टरमाइंड को किया गिरफ्तार

कॉरपोरेट मामलों के मंत्रालय ने रविवार सुबह एक बयान में कहा कि डोर्टे पूरे रैकेट का मास्टरमाइंड है। हालांकि, उसकी गिरफ्तारी शनिवार को की गई थी। मंत्रालय ने बताया कि डॉर्टसे नाम का शख्स भारत में चीनी लिंक वाली बड़ी संख्या में मुखौटा कंपनियों को शामिल करने और अपने बोर्ड में डमी निदेशक प्रदान करने के रैकेट का मास्टरमाइंड है। जिसके बाद उसकी गिरफ्तारी की गई है।

इन ठिकानों पर मारा था छापा

इससे पहले 8 सितंबर 2022 को बेंगलुरु में फिनिटी प्राइवेट लिमिटेड, हैदराबाद में एक पूर्व सूचीबद्ध कंपनी हसीज कंसल्टिंग लिमिटेड पर सीरियस फ्रॉड इन्वेस्टिगेशन ऑफिस (एसएफआईओ) ने छापेमारी की थी। बता दें कि डॉर्टसे और एक चीनी नागरिक जिलियन कंसल्टेंट्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के दो निदेशक हैं।

बयान में क्या कहा

बयान में कहा गया है कि इनपुट्स और जांच के आधार पर यह पता चला कि डॉर्टसे दिल्ली एनसीआर से बिहार में एक दूरस्थ स्थान पर भाग गया था और सड़क मार्ग से भारत से भागने का प्रयास कर रहा था। लेकिन एसएफआईओ में एक विशेष टीम का गठन किया गया था। 10 सितंबर 2022 की शाम को एसएफआईओ ने डॉर्टसे को गिरफ्तार कर लिया था। जिसे बाद में क्षेत्राधिकार न्यायालय में पेश किया गया था और उसकी ट्रांजिट रिमांड के आदेश प्राप्त किए गए थे।

हिमाचल का निवासी बताया था

मंत्रालय के बयान में कहा गया है कि गिरफ्तार किए गए व्यक्ति डॉर्टसे ने रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज के पास दर्ज रिकॉर्ड के अनुसार खुद को हिमाचल प्रदेश के मंडी का निवासी बताया था। बयान में कहा गया है कि आरओसी दिल्ली द्वारा पूछताछ के दौरान हासिल किए गए सबूत और तलाशी अभियान स्पष्ट रूप से जिलियन इंडिया लिमिटेड द्वारा कई मुखौटा कंपनियों में डमी के रूप में काम करने के लिए भुगतान किए जा रहे थे। कंपनी मुहरों और डिजिटल हस्ताक्षर से भरे बक्से को डमी निदेशकों की साइट से बरामद किया गया है।

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