बिहार: क्वारंटाइन सेंटर में बुलाए थे डांसर, नाच-गाने पर प्रशासन अब दे रहा सफाई
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बिहार: क्वारंटाइन सेंटर में बुलाए थे डांसर, नाच-गाने पर प्रशासन अब दे रहा सफाई

बिहार ने अन्‍य राज्‍यों से आ रहे प्रवासी मजदूरों के लिए जगह-जगह क्‍वारंटाइन सेंटर बनाए हैं, जिसमें समस्तीपुर जिले के कर्राख गांव में भी एक क्वारंटाइन सेंटर बनाया गया है, लेकिन यह बाहर से डांसर्स बुलाकर मनोरजंन करने के कारण विवादों में आ गया है.

By Yoyocial News

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कोरोना वायरस की महामारी की वजह से देशभर में लॉकडाउन चल रहा है. जबकि बिहार और यूपी समेत तमाम राज्‍य अपने प्रवासी मजदूरों की घर वापसी के लिए श्रमिक स्‍पेशल ट्रेनों और बसों को सहारा ले रहे हैं. हालांकि, सरकारों ने प्रवासी कामगारों की घर वापसी के बीच क्‍वारंटाइन सेंटर में रहने की शर्त का पालन करने पर पूरा ध्‍यान रखा है. वहीं, अब बिहार के समस्तीपुर जिले के कर्राख गांव का क्वारंटाइन सेंटर में डांसर्स बुलाने और नाच-गाना कराने के कारण चर्चा में है. वहीं, मामले के खुलासे के बाद प्रशासन इसकी जांच में जुट गया है.

बिहार ने अन्‍य राज्‍यों से आ रहे प्रवासी मजदूरों के लिए जगह-जगह क्‍वारंटाइन सेंटर बनाए हैं, जिसमें समस्तीपुर जिले के कर्राख गांव में भी एक क्वारंटाइन सेंटर बनाया गया है, लेकिन यह बाहर से डांसर्स बुलाकर मनोरजंन करने के कारण विवादों में आ गया है.

खबरों के मुताबिक सोमवार रात को क्वारंटाइन सेंटर में ये डांस करवाया गया. जबकि इस मामले पर समस्तीपुर के एडिशनल कलेक्टर का कहना है कि हम संज्ञान ले रहे हैं और कार्रवाई की जाएगी. हमने वहां टीवी जरूर लगाया है, लेकिन प्रशासन ने बाहर से डांसर्स बुलाकर किसी भी मनोरंजन की अनुमति नहीं दी है.

रिपोर्ट्स के अनुसार इस दौरान प्रवासी मजदूर ना सिर्फ भोजपुरी गीतों पर झूमे बल्कि उन्होंने जमकर ठुमके भी लगाए. हालांकि बताया जाता है कि क्‍वारंटाइन सेंटर में रह रहे मजदूरों ने मुखिया पति से मनोरंजन की व्यवस्था करने का अनुरोध किया था, जिसके बाद बाहर से डांसर बुलाए गए थे.

बिहार के सूचना एवं जन-सम्पर्क विभाग के सचिव ने जानकारी देते हुए बताया कि हाल के दिनों में प्रवासी लोगों के लगातार आने से चुनौतियां भी बढ़ी हैं, क्‍योंकि इस समय राज्‍य में मौजूद 916 एक्टिव केस में से 753 प्रवासी मजदूर से संबंधित हैं. जबकि क्वारंटाइन सेंटर में लगातार प्रवासी लोग आ रहे हैं, उनको हर संभव सुविधाएं दी जा रही हैं.

क्वारंटाइन सेंटर में कभी किसी चीज की दिक्कत होती है तो सरकार की तरफ से उसका तुरंत समाधान किया जाता है. उन्‍होंने बताया कि अभी 7840 क्वारंटाइन सेंटर में लगभाग साढ़े 5 लाख लोग आवासित हैं, जिन्हें तय दिशानिर्देश के मुताबिक सारी सुविधाएं दी जा रही है. बिहार में चल रहे आपदा राहत केन्द्र के जरिए 76500 से ज्यादा लोग लाभ उठा रहे हैं.

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