Li Wenliang
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चीन में डॉक्टर की मौत के बाद सरकार ने मांगी परिवार से माफी, ठहराया था दोषी

जिस डॉक्टर ने चीन को इस बात का संकेत दे दिया था कि चीन पर बड़ा खतरा मंडरा रहा है, उस पर चीन सरकार ने अफवाह फैलाने का अरोप लगाया था. अब उसकी मौत के बाद चीन सरकार ने उसके परिवार से माफी मांगी है.

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कोरोना वायरस के बारे में चीन को आगाह करने वाले डॉक्टर की मौत के बाद अब चीन सरकार ने माफी मांगी है. पहली बार जिस डॉक्टर ने चीन को इस बात का संकेत दे दिया था कि चीन पर बड़ा खतरा मंडरा रहा है और लोगों को इससे जल्द ही सतर्क हो जाना चाहिए, उस डॉक्टर ने दुनिया को अलविदा कह दिया, लेकिन सोचने वाली बात ये है कि चीन सरकार ने पहले तो डॉक्टर ली वेनलियांग (Li wenliang) पर अफवाह फैलाने का आरोप लगाया था और अब उसकी मौत के बाद सरकार ने उसके परिवार से माफी मांगी है.

इस घटना के बाद डॉक्टर ली वेनलियांग के परिवार से चीन सरकार ने माफी मांगी है. डॉ. के बार बार आगाह करने पर अस्पताल के अधिकारियों ने वेनलियांग पर अफवाह फैलाने का आरोप लगाकर उन पर अनुशासनात्मक कार्रवाई करने की बात कही थी.

चीन में डॉक्टर की मौत के बाद सरकार ने मांगी परिवार से माफी, ठहराया था दोषी

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, सत्ताधारी कम्युनिस्ट पार्टी की अनुशासन मामलों की समिति का कहना है कि डॉक्टर ली वेनलियांग के मामले में उनसे गलती हुई.

बता दें कि ली वेनलियांग ने दिसंबर में सोशल मीडिया पर डॉक्टरों के एक समूह में यह जानकारी दी थी कि उन्हें सार्स जैसे एक नए कोरोना वायरस का पता चला है, लेकिन उस वक्त उनकी बात किसी ने नहीं सुनी.

डॉक्टर ली वेनलिंयांग खुद कोरोना वायरस का शिकार हुए थे. पिछले महीने वुहान में ली ने अंतिम सांस ली थी. ली की मृत्यु के बाद चीन की सत्ताधारी कॉम्युनिस्ट पार्टी ने उनके परिवार से माफी मांगी है. चीन सरकार की अनुशासन मामलों की समिति ने यह माना कि डॉ, ली वेनलियांग की चेतावनी को समझने में चीन से बड़ी भूल हुई है. डॉ. ली को चेतावनी देने वाले दो पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई करने की बात कही गई है.

चीन में डॉक्टर की मौत के बाद सरकार ने मांगी परिवार से माफी, ठहराया था दोषी

डॉ. ली वुहान शहर के ही एक अस्पताल में डॉक्टर थे. पिछले साल दिसंबर में ली ने पहली बार एक मरीज में कोरोना वायरस के लक्षण देखे थे. मामला काफी गंभीर था, इसलिए डॉ. ली ने सोशल चैट ग्रुप पर डॉक्टरों के एक समूह को इस बारे में जानकारी दी थी. 30 दिसंबर को भेजे गए इस मैसेज में उन्होंने डॉक्टर्स को कोरोना वायरस से संभलकर रहने की सलाह भी दी थी. डॉ. ली ने बताया था कि उन्होंने सार्स (SARS) फैमिली के एक नए कोरोना वायरस की पहचान की है. सार्स ने 2002-2003 के दौरान 800 से ज्यादा लोगों की जान ले ली थी.

चीन में डॉक्टर की मौत के बाद सरकार ने मांगी परिवार से माफी, ठहराया था दोषी

हालांकि, कुछ समय बाद वो ग्रुप चैट लीक हो गई और पब्लिक सिक्योरिटी ब्यूरो ने इसे लेकर डॉ. ली पर कार्रवाई शुरू कर दी. उनसे एक लेटर भी साइन कराया गया था जिसमें उन्हें अफवाह फैलाने के लिए जिम्मेदार माना गया.

चीन को अब अच्छे से समझ आ रहा होगा कि डॉक्टर ली की बातों को अनदेखा करना कितना भारी पड़ रहा है और उन्हें पहले ही इस बात से सचेत हो जाना चाहिए था. कोरोना वायरस से चीन में 3200 हज़ार से ज्यादा लोगों की जानें जा चुकी हैं, जबकि 70 हजार से ज्यादा मरीजों की रिकवरी हो चुकी है.

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