Video: राजनाथ ने वायुसेना को दी बधाई, बोले- और इस तरह 'बाहुबली' राफेल ने की अंबाला एयरबेस पर लैंडिंग
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Video: राजनाथ ने वायुसेना को दी बधाई, बोले- और इस तरह 'बाहुबली' राफेल ने की अंबाला एयरबेस पर लैंडिंग

राजनाथ ने कहा भारत में राफेल लड़ाकू विमानों का पहुंचना हमारे सैन्य इतिहास में एक नए युग की शुरुआत है। ये मल्टीरोल वाले विमान वायुसेना की क्षमताओं में क्रांतिकारी बदलाव लाएंगे। मैं एक भारतीय वायुसेना को बधाई देता हूं।

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चीन के साथ विवाद के बीच भारत की ताकत को कई गुना बढ़ाने वाले राफेल लड़ाकू विमानों की पहली खेप अंबाला एयरबेस पहुंच गई है। इन्हें रिसीव करने के लिए खुद वायुसेना अध्यक्ष एयर चीफ मार्शल आरकेएस भदौरिया मौजूद हैं। राफेल विमानों के अंबाला एयरबेस पर लैंड करने पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने वायुसेना को बधाई दी है।

राजनाथ ने ट्वीट कर कहा 'बर्ड्स अंबाला में सुरक्षित उतर गए हैं। भारत में राफेल लड़ाकू विमानों का पहुंचना हमारे सैन्य इतिहास में एक नए युग की शुरुआत है। ये मल्टीरोल वाले विमान वायुसेना की क्षमताओं में क्रांतिकारी बदलाव लाएंगे। मैं एक भारतीय वायुसेना को बधाई देता हूं। मुझे यकीन है कि 17 गोल्डन एरोज स्क्वाड्रन, 'उदयम आश्रम' के अपने आदर्श वाक्य को जारी रखेंगे। मुझे बेहद खुशी है कि भारतीय वायुसेना की युद्धक क्षमता को समय पर बढ़ावा मिला।'

राजनाथ ने वीडियो ट्वीट करते हुए लिखा 'इस तरह से 'बाहुबली' राफेल विमान ने अंबाला एयरबेस पर लैंडिंग की।'

रक्षा मंत्रालय ने ट्वीट कर कहा, 'बर्ड्स भारतीय वायुसीमा में पहुंच गई हैं भारतीय वायुसीमा में पहुंच गई हैं। हैप्पी लैंडिंग इन अंबाला।'

आईएनएस कोलकाता ने राफेल दल को कहा आप गौरव के साथ आकाश को छूएं। हैप्पी लैंडिंग। राफेल दल के नेता ने कहा- विश यू फेयर विंड्स। हैप्पी हंटिंग। ओवर एंड आउट।

बता दें स्कैल्प मिसाइल की रेंज 300 किलोमीटर है। राफेल की अधिकतम स्पीड 2,130 किमी/घंटा और 3700 किलोमीटर तक मारक क्षमता। राफेल विमान में ईंधन क्षमता 17 हजार किलोग्राम है। यह दो इंजन वाला लड़ाकू विमान है, जो भारतीय वायुसेना की पहली पसंद है। इसे हर तरह के मिशन में भेजा जा सकता। तकनीक में उन्नत यह विमान हवाई निगरानी, ग्राउंड सपोर्ट, इन डेप्थ स्ट्राइक, एंटी-शर्प स्ट्राइक और परमाणु अभियानों को अंजाम देने में दक्ष है। इसमें मल्टी मोड रडार लगे हैं। भारतीय वायुसेना ने लंबे टेस्ट के बाद राफेल को चुना है। दरअसल, राफेल विमान भारत सरकार के लिए एकमात्र विकल्प नहीं था

गौरतलब है कि राफेल लड़ाकू विमान पिछले कई वर्षों से भारतीय राजनीति के केंद्र में रहा। लोकसभा चुनावों में यह विपक्षी दलों का मुद्दा भी था। हालांकि केंद्र सरकार आरोपों को सिरे से खारिज करती रही है। सरकार का दावा है कि वायुसेना को मजबूत बनाने के लिए इस सौदे को जल्दी पूरा करना जरूरी था।

राफेल अधिकतम भार उठाकर इसके उड़ने की क्षमता 24500 किलोग्राम है। विमान में ईंधन क्षमता 17 हजार किलोग्राम है। यह दो इंजन वाला लड़ाकू विमान है, जो भारतीय वायुसेना की पहली पसंद है। हर तरह के मिशन में भेजा जा सकता। 24,500 किलो उठाकर ले जाने में सक्षम और 60 घंटे अतिरिक्त उड़ान की गारंटी भी देता है।

राफेल एक मिनट में करीब 60 हजार फुट की ऊंचाई तक उड़ान भर सकता है। इससे भारतीय वायुसेना के आधुनिकीकरण को गति मिलेगी। अभी तक भारतीय वायुसेना का मिग विमान अचूक निशाने के लिए जाना जाता था, लेकिन राफेल का निशाना इससे भी ज्यादा सटीक होगा।

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