चुनाव आयोग ने बंगाल सरकार से नंदीग्राम रिटर्निग ऑफिसर को सुरक्षा देने को कहा

चुनाव आयोग ने बंगाल सरकार से नंदीग्राम रिटर्निग ऑफिसर को सुरक्षा देने को कहा

चुनाव आयोग ने यह स्पष्ट किया है कि वोटों की दोबारा गिनती कराए जाने के संबंध में रिटर्निग ऑफिसर (आरओ) का निर्णय अंतिम है।

चुनाव आयोग ने यह स्पष्ट किया है कि वोटों की दोबारा गिनती कराए जाने के संबंध में रिटर्निग ऑफिसर (आरओ) का निर्णय अंतिम है। इसके साथ ही चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल सरकार से नंदीग्राम के आरओ को पर्याप्त सुरक्षा मुहैया कराने को कहा है। नंदीग्राम में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सुवेंदु अधिकारी ने तृणमूल कांग्रेस की सुप्रीमो ममता बनर्जी की 1,956 मतों से हरा दिया था, जिसके बाद वोटों की गिनती को लेकर ममता और उनकी पार्टी तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने सवाल खड़े किए थे। यही नहीं ममता ने इस मुद्दे को लेकर अदालत जाने की बात भी कही थी।

राज्य सरकार ने अपनी ओर से आयोग को सूचित किया है कि उसने इसके निर्देश का अनुपालन किया है।

आयोग ने कहा है कि किसी विधानसभा क्षेत्र में रिटर्निग ऑफिसर आरपी एक्ट, 1951 के तहत अर्ध-न्यायिक क्षमता में स्वतंत्र रूप से और चुनाव आयोग के गाइडलाइंस के आधार पर अपने काम को अंजाम देते हैं।

चुनाव आयोग ने कहा है कि नियम के आधार पर यदि दोबारा गिनती की मांग की जाती है तो रिटर्निग ऑफिसर उसे स्वीकार कर सकते हैं या असंगत लगने पर खारिज कर सकते हैं। आयोग ने कहा है कि आरओ के फैसले को आरपी एक्ट 1951 की धारा 80 के तहत चुनाव याचिका के जरिए ही चुनौती दी जा सकती है।

इसने यह भी स्पष्ट किया कि मतगणना प्रक्रिया में कोई विसंगति नहीं पाई गई है।

आयोग ने कहा है कि सभी काउंटिंग टेबल पर एक माइक्रो ऑब्जर्वर था और उन्होंने अपनी रिपोर्ट्स में किसी तरह की गड़बड़ी का कोई संकेत नहीं दिया है। सभी राउंड के बाद आरओ ने सभी प्रत्याशियों को मिले वोट की संख्या की एंट्री की थी और इसे डिस्पले बोर्ड पर दशार्या गया था, जिसे काउंटिंग एजेंट आसानी से देख सकते थे। पूरी काउंटिंग प्रक्रिया के दौरान किसी ने कोई शंका नहीं जाहिर की थी और पूरी प्रक्रिया बिना किसी रुकावट के चली। हर राउंड के बाद सभी एजेंट को रिजल्ट की कॉपी दी जा रही थी।

चुनाव आयोग ने मंगलवार को जारी बयान में कहा कि नंदीग्राम में गिनती खत्म होने के बाद एक प्रत्याशी के इलेक्शन एजेंट ने दोबारा मतगणना की मांग की थी, जिसे आरओ ने अपने सामने मौजूद तथ्यों को देखते हुए मौखिक आदेश में खारिज कर दिया। इसके बाद परिणाम की घोषणा की गई थी। ऐसे मामले में अब हाईकोर्ट में शिकायत दायर करने का ही विकल्प बचता है।

नंदीग्राम में रिटर्निग ऑफिसर रहे अधिकारी को राज्य सरकार की ओर से सुरक्षा प्रदान की गई है। सूत्रों ने बताया कि चुनाव आयोग के निर्देश पर आरओ को व्यक्तिगत तौर पर और उनके घर पर सुरक्षा मुहैया कराई गई है।

राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) को निर्देश दिया गया है कि वे सभी चुनावी रिकॉडरें की सुरक्षित निगरानी सुनिश्चित करे।

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